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नई दिल्ली. भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) ने सोमवार को कहा कि वह 2026 या 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करेगा। आईओए की सोमवार को दिल्ली में हुई वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा आईओए 2022 बर्मिंघम खेलों के बहिष्कार की मांग से भी पीछे हटने पर राजी हो गया है। इसका मतलब भारत अब इन खेलों के लिए अपना दल भेजेगा। आईओए ने राष्ट्रमंडल खेलों से निशानेबाजी को हटाए जाने को लेकर इन खेलों से हटने का फैसला किया था।
अब ओलिंपक संघ राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की मंजूरी लेने के लिए सरकार से संपर्क साधेगा। भारत ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी।
In the AGM, the house also decided on India’s bid to host the 2026/2030 #CommonwealthGames and reviewed the progress in India’s offer to host the 2023 IOC Session. pic.twitter.com/D8rPfRtJbw
— NOC India (@WeAreTeamIndia) December 30, 2019
आईओए महासचिव ने कहा- एनआरएआई की शूटिंग चैंपियनशिप के प्रस्ताव को मंजूरी मिली
आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा, ‘‘हमने 2026 या 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश करने का फैसला किया है। साथ ही 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी भारतीय दल भेजना तय हुआ है। इसके अलावा बैठक में भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) की राष्ट्रमंडल निशानेबाजी चैंपियनशिप कराने केप्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है। इसका आयोजन 2022 में होने वाले बर्मिंघम खेलों से पहले होगा। इससे इनखेलों से निशानेबाजी को हटाए जाने की भरपाई हो सकेगी।’’
आईओए शूटिंग चैंपियनशिप के प्रस्ताव को राष्ट्रमंडल खेल महासंघ को भेजेगा
आईओए जल्द ही एनआरएआई के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के पास भेजेगा। सीजीएफ की कार्यकारी समिति इस पर फैसला करेगी।पिछले हफ्ते सीजीएफ ने इस संबंध में एनआरएआई को औपचारिक प्रस्ताव भेजने को कहा था। एनआरएआई ने इस चैंपियनशिप की मेजबानी का खर्चा उठाने की भी पेशकश की है।
नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश प्रशासन की तरह ही अब रेलवे भी नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुए नुकसान की वसूली करेगा। रेलवे बोर्ड चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि तोड़फोड़ और हिंसा से देशभर में रेलवे की संपत्ति को 80 करोड़ का नुकसान हुआ। नुकसान की भरपाई उन लोगों से की जाएगी, जिन्होंने तोड़फोड़ और हिंसा की है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि रेलवे ऐसे लोगों की पहचान कैसे करेगा।
विनोद यादव ने कहा- सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शनों में पूर्वी रेलवे को 70 करोड़ और पूर्वोत्तर रेलवे को 10 करोड़ का नुकसान हुआ। इस नुकसान की भरपाई उन लोगों से की जाएगी जो हिंसा में लिप्त पाए जाएंगे। हालांकि, नुकसान का आंकड़ा अभी शुरुआती है। पूरे आकलन के बाद नुकसान में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
बंगाल में सबसे ज्यादा आगजनी और तोड़फोड़ हुई
रेलवे ने बताया, प्रदर्शन के दौरान प. बंगाल में संकरेल रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर को आग लगा दी गई थी। सुजनीपारा रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ की गई थी। कृष्णपुर रेलवे स्टेशन के पास लालगोला में खड़ी कुछ ट्रेनों को आग लगा दी गई थी। हरिश्चंद्रपुर स्टेशन को तोड़ दिया गया था। यहां पर नुकसान की भरपाई उन लोगों से की जाएगी, िजनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। कानून और व्यवस्था राज्य के जिम्मे है और इस पर वे काम कर रहे हैं। जल्द ही वसूली की जाएगी।
इससे पहले रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से अपील की थी कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
नुकसान की भरपाई के लिए अदालत भी जा सकता है रेलवे
सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों को संपत्ति के नुकसान का दोषी पाया जाएगा, उनके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इसके तहत अधिकतम सात साल के कारावास का प्रावधान है। रेलवे अपने नुकसान की भरपाई के लिए अदालत भी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में 238 लोगों को नोटिस भेजा गया
उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनों में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। रामपुर, बिजनौर, संभल और मेरठ में 238 लोगों को नोटिस भेजा गया है। इनसे प्रशासन को 74 लाख रु. की वसूली की जानी है। कानपुर, मऊ और फिरोजाबाद में तोड़फोड़ करने वालों की पहचान के लिए पोस्टर लगाए गए हैं।
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