देश ने 68 दिन का दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन देखा। वो भी चार फेज में। इस दौरान सवा सौ करोड़ की आबादी बंदिशों में रही। पहला लॉकडाउन सबसे सख्त था। और 31 मई को खत्म हुए लॉकडाउन-4 में काफी छूट मिली हुई थी। पर अब कई बंदिशें हटा ली गई हैं। केंद्र और राज्य, दोनों स्तर पर। इसलिए 1 जून यानी आज से लॉकडाउन-5 की जो शर्तें रखी गई हैं, उसका नाम अनलॉक-1 कर दिया गया है। सरकार तो यही कह रही।
चलिये देखते हैं देश में आज से क्या-क्या खुल रहा है और कहां-कहां बंदिशें जारी रहेंगी... सिर्फ 13 तस्वीरों में...
कोरोनावायरस से जूझते-जूझते हमें 4 महीने पूरे हो गए। हमारे देश में कोरोनावायरस का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था। उसके बाद 2 फरवरी तक ही केरल में 3 कोरोना संक्रमित सामने आ गए। ये तीनों ही चीन के वुहान शहर से लौटकर आए थे।
उसके बाद करीब एक महीने तक देश में कोरोना का कोई भी नया मरीज नहीं मिला। लेकिन, 2 मार्च के बाद से संक्रमितों की संख्या रोजाना बढ़ती चली गई।
4 महीने पूरे होने के साथ-साथ 29 मई को कोरोनावायरस के 18 हफ्ते भी पूरे हो चुके हैं। इस दौरान संक्रमण के मामले3 से बढ़कर 1.65 लाख से ज्यादा हो गए। लेकिन, चीन में इतने हफ्ते तक 84 हजार 494 मामले ही सामने आए। यानी कि अब तक हमारे देश में चीन की तुलना में 48% ज्यादा मामले हैं। हालांकि, 31 मई तक देश में 1.82 लाख से ज्यादा मामले आ चुके हैं।
हालांकि, आबादी में हमसे चार गुना से भी कम अमेरिका में 18 हफ्तों में 14.77 लाख से ज्यादा मामले आ गए हैं। जबकि, इटली और स्पेन में अभी कोरोनावायरस को 17 हफ्ते ही हुए हैं और अभी तक वहां संक्रमितों की संख्या 2.30 लाख के पार पहुंच गई है।
114 दिन में हमारे यहां 1.28 लाख मरीज थे, अमेरिका में इतने मरीज 71वें दिन में हो गए थे
हमारे देश में एक अच्छी बात ये भी है कि बाकी देशों की तुलना में हमारे यहां कोरोनावायरस की रफ्तार भी धीमी है। हमारे यहां बाकी देशों की तुलना में केस के दोगुने होने का समय काफी ज्यादा है।
चीन में कोरोनावायरस के 100 मामले पहले ही दिन में मिल गए थे। जबकि, हमारे यहां इतने मरीज होने में 42 दिन लगे। लेकिन, अमेरिका में पहले 100 केस 44 दिन में सामने आए थे।
इसी तरह 1 हजार मरीज हमारे यहां 58वें दिन में हो गए थे। जबकि, चीन में 5वें दिन और अमेरिका में 53वें दिन में ही हो गए थे।
वहीं, 1 लाख 28 हजार से ज्यादा मरीज सामने आने में हमारे यहां 114 दिन लगे थे। जबकि, इतने ही मरीज अमेरिका में 73वें दिन में आ गए थे। अमेरिका में कोरोना का पहला मरीज 21 जनवरी को मिला था।
लॉकडाउन का फायदा मिला, तभी कोरोना की रफ्तार इतनी धीमी?
कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए सबसे पहले 22 मार्च को एक दिन का जनता कर्फ्यू लगाया गया। 21 मार्च तक कोरोना के नए मामलों में रोजाना 30% की ग्रोथ हो रही थी। लेकिन, उसके बाद मामलों की ग्रोथ रेट में कमी आने लगी।
25 मार्च से देश में पूरी तरह से लॉकडाउन लग गया। लॉकडाउन का पहला फेज 14 अप्रैल तक था। इस दौरान नए मामलों की ग्रोथ रेट घटकर 10% पर आ गई। उसके बाद दूसरे फेज का लॉकडाउन 3 मई को खत्म हुआ। तब तक कोरोना के नए मामलों की ग्रोथ रेट 7% रह गई। अब ये और घटकर 5% पर आ गई।
कोरोना के सबसे ज्यादा असर वाले 10 देशों में से 7 ने इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए टोटल (नेशनल लेवल पर) लॉकडाउन लगाया था। इन 7 देशों में भारत ही ऐसा देश था, जहां सबसे कम संक्रमित (536) मिलने पर लॉकडाउन लगा दिया गया था। भारत सरकार को इस कदम के लिए डब्ल्यूएचओ से तारीफ भी मिली थी और कोविड-19 से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों को ट्रैक करने वाले ऑक्सफोर्ड गवर्मेंट यूनिवर्सिटी ट्रैकर ने उसे 100 में से 100 पॉइंट्स भी दिए थे।
लेकिन, अब इन 7 देशों में भारत ही एकमात्र देश है, जहां नए कोरोना संक्रमितों की संख्या का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। बाकी 6 देशों में हर दिन सामने आने वाले नए मामलों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। इन 6 देशों ने कोरोना संक्रमण का फैलाव काफी हद तक रोक लिया है और इसीलिए इन देशों में पिछले दिनों धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलने के लिए प्रतिबंधों में ढील दी जाती रही है। भारत भी इसी तर्ज पर आज (1 जून) से लॉकडाउन खोलने की प्रोसेस शुरू कर रहा है, जबकि यहांहर दिन नए मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
इन सभी 7 देशों में लॉकडाउन लगने के 2-2 महीने पूरे हो चुके हैं। ऐसें में इन देशों में लॉकडाउन लगने के पहले और लॉकडाउन लगने के 2 महीने बाद नए संक्रमितों की संख्या में क्या बदलाव आया?, कहां लॉकडाउन सफल रहा?, कौन महामारी को फैलने से रोकने में कामयाब रहा? और कौन इन मोर्चों में नाकाम रहा?, इन्हीं सवालों के जवाब खोजती हमारी एक रिसर्च रिपोर्ट…
इटली, फ्रांस और जर्मनी में लॉकडाउन के नतीजे सबसे अच्छे रहे, भारत रेस में सबसे पीछे रह गया
1. इटली, फ्रांस और जर्मनी में लॉकडाउन के 2 महीने बाद नए मामलों की संख्या लॉकडाउन के पहले आ रहे मामलों की संख्या से कम हो चुकी है। जर्मनी रेस में सबसे आगे है। यहां लॉकडाउन के पहले की तुलना में 2 महीने बाद 9 गुना मामले कम आ रहे हैं। इसी तरह फ्रांस में नए मामलों की संख्या आधी हो गई है। इटली में भी डेढ़ गुना मामले घटे हैं।
2. स्पेन और ब्रिटेन में लॉकडाउन के 2 महीने बाद नए मरीजों की संख्या लॉकडान के पहले मिल रहे मरीजों की संख्या से तो ज्यादा है लेकिन यह 1 महीने पहले की तुलना में क्रमश: 3 गुना और 2 गुना कम हो गई है।
3. रूस में लॉकडाउन के बाद लगातार मामले बढ़े हैं। 2 महीने बाद यहां हर दिन 8 हजार से ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं। यह लॉकडाउन के पहले की तुलना में 45 गुना ज्यादा हैं और लॉकडाउन के 1 महीने बाद की तुलना में महज सवा गुना ज्यादा। लेकिन रूस में 6 से 12 मई के बीच हर दिन 10 हजार से ज्यादा केस आ रहे थे, इसकी तुलना में यहां लॉकडाउन के 2 महीने बाद मामले घट रहे हैं।
4. भारत में जब लॉकडाउन लगा तब हर दिन औसतन 81 मामले आ रहे थे। लॉकडाउन के एक महीने बाद यह 21 गुना बढ़ गए। यही नहीं लॉकडाउन के एक महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद हर दिन मिलने वाले मरीजों की संख्या 4 गुना हो गई।
लॉकडाउन के 2 महीने बाद भारत में सबसे ज्यादा मौतें हो रहीं
लॉकडाउन के 1 महीने बाद सभी देशों में मौतों की संख्या लॉकडाउन के पहले की तुलना में बढ़ीं। लेकिन 1 महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद हर दिन होने वाली मौतों की संख्या 7 में से 5 देशों में घट गई। लॉकडाउन के 1 महीने बाद की तुलना में 2 महीने बाद फ्रांस में 6 गुना, जर्मनी, यूके में 5 गुना और इटली, स्पेन में 3 गुना मौतें कम हुईं। रूस में यह संख्या डेढ़ गुना बढ़ गई। वहीं भारत में इसमें सबसे ज्यादा इजाफा हुआ। भारत में मौतें 3 गुना बढ़ गईं।
अमेरिका, ब्राजील में नेशनल लेवल परलॉकडाउन नहीं लगा,तुर्की में सिर्फ 2 और 4 दिनों के लिए लॉकडाउन रहा
1.अमेरिका में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं है। यहां जब मामले बढ़ने लगे थे तो अलग-अलग प्रांतों के गवर्नरों ने अपने-अपने राज्य में लॉकडाउन लगाना शुरू किया। यहां 19 मार्च से लेकर 3 अप्रैल तक 17 राज्य स्टे एट होम पॉलिसी लागू कर चुके थे। यही कारण भी है कि अमेरिका में 3 अप्रैल के बाद से हर दिन आ रहे नए मामलों की संख्या अब कम हो रही है। अप्रैल के पहले हफ्ते में यहां हर दिन 30 हजार से ज्यादा मामले आ रहे थे, जो अब 20 से 25 हजार के बीच है।
2.अमेरिका की तरह ही ब्राजील में भी लॉकडाउन नहीं है। यहां राष्ट्रपति जैर बोलसोनारो लॉकडाउन के खिलाफ रहे हैं। लेकिन यहां भी अलग-अलग राज्यों ने अपने स्तर पर लॉकडाउन लगा रखा है। हालांकि इसमें बहुत देर हुई। 5 मई को सबसे पहले ब्राजील के साओ लुईस शहर में लॉकडाउन लगाया गया। इसके बाद फोर्टालिजा समेत कई नाम जुड़ते गए और फिर देश के 27 में से कई राज्यों ने लॉकडाउन लगाना शुरू किया। फिलहाल यहां हर दिन 30 हजार केस सामने आ रहे हैं।
3.तुर्की में 16 मार्च को स्कूलों को बंद किया गया। कैफे, स्पोर्ट्स, एंटरटेनमेंट वैन्यू भी बंद किए गए। इसके बाद 11-12 अप्रैल और 18-19 अप्रैल को यहां 2-2 दिन के लॉकडाउन लगे। हाल ही में 23-26 मई तक ईद के मौके पर 4 दिन का लॉकडाउन लगा। यहां लंबे समय तक टोटल लॉकडाउन नहीं रहा। बावजूद इसके यहां नए मामलों की संख्या हर दिन कम हो रही है। अप्रैल के दूसरे-तीसरे हफ्ते में यहां हर दिन 4 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे, जबकि अब यह 1000 के आसपास सीमित हैं।
कोरोना के सबसे ज्यादा असर वाले 7 देशों में किस तरह लगा लॉकडाउन और स्टेटस क्या है?
1. रूस
कुल कोरोना संक्रमित: 2.86 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 27 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: रूस में 27 मार्च को कोरोना संक्रमितों की एक हजार के पार हुई थी। 28 मार्च से यहां लॉकडाउन लगा दिया गया। इसके बाद जब मामले 2.2 लाख पार हो गए तब राष्ट्रपति पुतिन ने लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील का एलान कर दिया। 12 मई से रूस में सभी सेक्टर में काम दोबारा शुरू करने की परमिशन दी गई। हालांकि यहां भीड़ इकट्ठे करने वाले कार्यक्रमों पर अभी भी प्रतिबंध जारी है।
2. स्पेन
कुल कोरोना संक्रमित: 2.86 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 27 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: स्पेन में 5 हजार संक्रमित मिलने के बाद ही 14 मार्च से लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। यहां लोग सिर्फ जरूरी चीजें और जरूरी काम से ही बाहर निकल पा रहे थे।
11 मई से देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन के नियमों में ढील दी गई। इसके बाद आउटडोर कैफे, रेस्टोरेंट 50% क्षमता के साथ खुलने लगे। छोटी दुकानों को खोला जाने लगा। एक जगह पर 10 लोगों तक के इकट्ठे होने की परमिशन मिली। फिलहाल कुछ राहतों के साथ स्पेनमें लॉकडाउन 21 जून तक बढ़ सकता है।
स्पेन के शहर बार्सिलोना की यह तस्वीर 3 मई की है। इस दिन देशभर में पहली बार लोगों को एक्सरसाइज के लिए रोड पर जाने की छूट मिली थी।
3. ब्रिटेन कुल कोरोना संक्रमित: 2.72 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 38 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: ब्रिटेन में6 हजार मामले होने के बाद 23 मार्च से टोटल लॉकडाउन लगा दिया गया था। 13 मई से ब्रिटेन में लॉकडाउन में छूट मिलना शुरू हुई। जो लोग घर से काम नहीं कर पा रहे थे, वे ऑफिस जाने लगे। गार्डन सेंटर और गोल्फ जैसे स्पोर्ट्स सेंटरों को खोल दियागया। 1 जून से यहां स्कूल खोल दिए जाएंगे। अब यहां घर के बाहर 6 लोगतक इकट्ठे हो सकते हैं।
4. इटली कुल कोरोना संक्रमित: 2.32 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 33 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: 22 फरवरी को इटली के वेनेटो और लोम्बॉर्डी में कुछ शहरों को लॉकडाउन किया गया था। इनके बाद उत्तरी हिस्से के कई शहरों में लॉकडाउन लगाया जाने लगा। 10 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन लागू हुआ।
मार्च में इटली कोरोनावायरस का इपिसेंटर बन गया था। इससे निपटने के लिए देशभर में सख्त लॉकडाउन लगाया गया था।
4 मई से इटली में लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी जाने लगी। 44 लाख लोग काम पर लौटे। रेस्टोरेंट और छोटी दुकानों को खोलने की परमिशन मिली। फ्युनरल में 15 लोगों तकइकट्ठे होने की छूट मिली।16 मई को प्रधानमंत्री कोंटे ने धीरे-धीरे लॉकडाउन खोलने की बात कही। इसके बाद 25 मई से यहां कुछ नियमों के साथ जिम, स्पोर्ट्स सेंटर और स्विमिंग पूल भी खोल दिए गए।
5. फ्रांस कुल कोरोना संक्रमित: 1.88 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 28 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस:फ्रांस में 29 फरवरी को 5 हजार से ज्यादा की भीड़ पर बैन लगाया गया।17 मार्च से फ्रांस में टोटल लॉकडाउन हो गया। 2 महीने के अंदर ही लॉकडाउन नियमों में राहत भी दी जाना शुरू हो गई। 11 मई से यहां दुकानें और स्कूल खोले जाने लगे। 10 लोगों के इकट्ठे होने की छूट मिली। जून के पहले सप्ताह से यहां कैफे, रेस्टोरेंट और समुद्री किनारों को भी खोल दिया जाएगा।
6. इंडिया कुल कोरोना संक्रमित: 1.85 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 5 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: 3 मार्च को दिल्ली सरकार ने सबसे पहले स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया। 10 मार्च के बाद कई राज्यों में स्कूल, कॉलेज को बंद करने के आदेश दिए गए। 15 मार्च से ही धार्मिक स्थलों को बंद करने के आदेश आए। 22 मार्च को एक दिन के लिए पूरे देश में जनता कर्फ्यू लगाया गया। इसी दिन से देशभर के अलग-अलग शहरों में लॉकडाउन का ऐलान होने लगा। 25 मार्च से पूरे देश को ही लॉकडाउन कर दिया गया।
भारत में लॉकडाउन के अगले दिन से ही हर जगह मजदूरों की भीड़ इकट्ठा होने लगी थी। सोशल डिस्टेंसिंग को ठेंगा दिखाती और लॉकडाउन को फेल करती ये तस्वीरें देशभर से आती रहीं हैं।
फिलहाल, यहां लॉकडाउन का चौथा फेज चल रहा है। यहां दूसरे फेज से ही प्रतिबंधों में ढील दी जाने लगी थी। फिलहाल यहां छोटी दुकानों औरशराब की दुकानों को खोलने की अनुमति है।7 दिन पहले से घरेलू उड़ानें भी शुरू हो चुकी हैं।और अब 1 जून से देश अनलॉक होना शुरू हो चुका है। इसके तहत अगले कुछ दिनों में धार्मिक स्थलों, सैलूनसमेत बाकीतमाम सेक्टर भी धीरे-धीरे फिर से खोले जाएंगे।
7. जर्मनी
कुल कोरोना संक्रमित: 1.83 लाख+, कोरोना से कुल मौतें: 8 हजार+ लॉकडाउन स्टेटस: 10 मार्च को जर्मनी के कई राज्यों ने 1000 से ज्यादा की भीड़ को बैन किया। 16 मार्च से स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए। 20 मार्च को जर्मनी के सभी राज्यों ने सोशल इवेंट और हर छोटी-बड़ी भीड़ पर पाबंदी लगाई। 23 मार्च से देश में टोटल लॉकडाउन लागू हुआ। 5 मई से यहांलॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील दी गई है। दूकानें फिर से खुलने लगी हैं। स्कूल्स खोल दिए गए हैं। जर्मन फूटबॉल लीग के मैच भी शुरू हो चुके हैं।
देश के कई तीरंदाजअर्जुन पुरस्कारके लिए अपने नामों की सिफारिश के चक्कर मेंराज्य संघों, खेल विभाग के अफसरों के आगे-पीछे घूमने को मजबूर हैं। भारतीय तीरंदाजी संघ को चुनाव के 5 महीने बाद भी मान्यता नहीं मिली है। ऐसे में वह राष्ट्रीयखेल पुरस्कारों के लिए तीरंदाजों के नामों की सिफारिश नहीं कर सकता।
तीरंदाजी के कंपाउंड राउंड से मध्यप्रदेश की मुस्कान किरार और दिल्ली के अमन सैनी अर्जुन अवॉर्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं। इनके अलावा रिकर्व राउंड से पश्चिम बंगाल के अतनु दास और महाराष्ट्र के प्रवीण जाधव भी हैं।
एएफआई की 2012 में मान्यता रद्द हुई थी
आर्चरी फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) का चुनाव कोर्ट के आदेश के बाद इस साल जनवरी में हुआ था। इससे पहले खेल मंत्रालय ने 2012 में स्पोर्ट्स कोड का पालन नहीं करने के कारण एएफआई की मान्यता रद्द कर दी थी। जबकि वर्ल्ड आर्चरी फेडरेशन (डब्ल्यूएएफ) ने 5 अगस्त 2019 को फेडरेशन पर प्रतिबंध लगाया था। तब से ही भारतीय खिलाड़ी सभी टूर्नामेंट में डब्ल्यूएएफ के झंडे तले हिस्सा ले रहे थे।
इसी साल जनवरी में हुए थे चुनाव
जनवरी में कोर्ट की ओर से दी गई गाइडलाइन के अनुसार खेल मंत्रालय, डब्ल्यूएएफ और एएफआई की निगरानी में चुनाव हुए थे। इसके बाद डब्ल्यूएएफ ने एएफआई पर से सशर्त प्रतिबंध हटा दिया था। लेकिन खेल मंत्रालय के पास कोर्ट की तरफ से चुनाव से जुड़े दस्तावेज नहीं पहुंचे। इसलिए खेल मंत्रालय ने अब तक फेडरेशन की मान्यता बहाल नहीं की है।
अतनु दास के नाम की सिफारिश कोच लालरेमसांगा ने की
टोक्यो के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं अतनु
इंटरनेशनल आर्चर अतनु दास ने अर्जुन अवॉर्ड के लिए आवेदन किया है। उन्होंने भास्कर को बताया कि मेरे नाम की सिफारिशपिछले साल मेजर ध्यानचंद अवॉर्ड से सम्मानित कोच सी. लालरेमसांगा कर रहे हैं। फेडरेशन को मान्यता नहीं मिली है। इसलिए उन्हें और दूसरे तीरंदाजों को व्यक्तिगत रूप से राज्य संघों और राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल कर चुके कोच और अपने मूल विभाग से नाम भिजवाना पड़ा रह है। जबकि आम तौर पर यह काम फेडरेशन का होता है। वही खिलाड़ीका नाम खेल मंत्रालय को भेजती है।
अतनु ने एशियन चैम्पियनशिप में 3 ब्रॉन्ज मेडल जीते
अतनु ने पिछले साल एशियन तीरंदाजी चैम्पियनशिप में 3 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। वहीं, 14 साल बाद वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिल्वर जीतने वाली टीम के सदस्य भी थे। उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक के टीम इवेंट, सिंगल और मिक्स्ड डबल्स तीनों वर्ग में क्वालिफाई किया है।
अमन अपने नाम की सिफारिश के लिए साई के चक्कर लगा रहे।
कंपाउंड में देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुके अमन सैनी ने अब तक अर्जुन अवॉर्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं भेज पाए हैं। उन्होंने भास्कर को बताया कि आमतौर पर फेडरेशन सारी कागजी कार्रवाई पूरी करता है। लेकिन हमारे मामले में तीरंदाजी फेडरेशन को अब तक खेल मंत्रालय सेमान्यता नहीं मिली है। ऐसे में वो हमारे नाम की सिफारिश नहीं कर सकती है। इसलिए मैं खेल मंत्रालय कोऑनलाइन आवेदन भेजने के लिएस्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों से बात कर रहा हूं।
साई के पासमेरे पिछले तीन साल का रिकॉर्ड भी है। इस दौरान मेरा प्रदर्शन कैसा था। वह अच्छे से जानते हैं।इसलिए मैं अफसरों से अनुरोध कर रहा हूं कि वे पुरस्कार के लिए अप्लाई करने में मेरी मदद करें।
एशियन गेम्स में जीत चुके हैं मेडल
अमन ने 2018 एशियन गेम्स के टीम इवेंट में सिल्वर और 2019 वर्ल्ड चैम्पियनशिप के टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
मध्यप्रदेश स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट ने की मुस्कान की सिफारिश
अर्जुन अवॉर्ड के लिए मुस्कान किरार के नाम की सिफारिश मध्यप्रदेश स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट कर रहा है। वे 2016 से जबलपुर की आर्चरी अकादमी में ट्रेनिंग कर रही हैं।
वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता
मुस्कान ने 2018 एशियन गेम्स के तीरंदाजी कंपाउंड टीम इवेंट में रजत पदक जीता था। उन्होंने इसी साल थाईलैंड एशिया कप में स्वर्ण और कांस्य पदक दिलाया था। मुस्कान ने टर्की में वर्ल्ड कप स्टेज-2 में भी रजत अपने नाम किया था। 2019 वर्ल्ड चैम्पियनशिप के टीम इवेंट में भी ब्रॉन्ज जीता था।
प्रवीण ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिल्वर जीता
महाराष्ट्र के प्रवीण जाधव पिछले साल वर्ल्ड तीरंदाजी चैम्पियनशिप में 14 साल बाद सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम के हिस्सा थे। उनके साथ टीम में तरूणदीप राय और अतनु दास शामिल थे। इन्होंने भी सम्मान के लिए आवेदन दिया है।
अप्लाई करने की आखिरी तारीख 3 जून
अर्जुन अवॉर्ड के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 3 जून है। इस बार खिलाड़ियों को ऑनलाइन आवेदन भेजना है। यह सम्मान सभी खिलाड़ियों को उनके पिछले 4 साल के प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है।
इस मामले परआर्चरीफेडरेशन ऑफ इंडिया के सेक्रेटरी प्रमोद चांदुलकर ने बताया कि अभी फेडरेशन को खेल मंत्रालय से मान्यता नहीं मिली है। इसलिए हम अर्जुन अवॉर्ड के लिए किसी भी प्लेयर का नाम नहीं भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी में कोर्ट के आदेश पर चुनाव हुए थे। लेकिन लॉकडाउन के कारण कोर्ट के आदेश से जुड़े दस्तावेजमंत्रालय में नहीं पहुंचे हैं। इस कारण मान्यता नहीं मिली है। प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही मान्यता मिल जाएगी।
-प्रमोद चांदुलकर,सेक्रेटरी,आर्चरीफेडरेशन ऑफ इंडिया
देश ने 68 दिन का दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन देखा। वो भी चार फेज में। इस दौरान सवा सौ करोड़ की आबादी बंदिशों में रही। पहला लॉकडाउन सबसे सख्त था। और 31 मई को खत्म हुए लॉकडाउन-4 में काफी छूट मिली हुई थी। पर अब कई बंदिशें हटा ली गई हैं। केंद्र और राज्य, दोनों स्तर पर। इसलिए 1 जून यानी आज से लॉकडाउन-5 की जो शर्तें रखी गई हैं, उसका नाम अनलॉक-1 कर दिया गया है। सरकार तो यही कह रही।
चलिये देखते हैं देश में आज से क्या-क्या खुल रहा है और कहां-कहां बंदिशें जारी रहेंगी... सिर्फ 13 तस्वीरों में...
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद समेत 18 जिलों में रविवार को आंधी और बारिश की संभावना है। शनिवार को भी राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं हुई थीं। इससे 20 लोगों की जान गई। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए।यातायात भी प्रभावित हुआ। आगरा में 124 किमी की रफ्तार से आए बवंडर ने न केवल ताजमहल बल्कि सिकंदरा, एत्माद्दौला, मेहताब बाग समेत कई स्मारकों को काफी नुकसान पहुंचाया।
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ औरयूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों मेंहवा के कम दबाव के चलते मौसम में बदलाव रहेगा। इन दोनों सिस्टम को अरब सागर से लगातार पर्याप्त नमी मिल रही है, जिससे दोनों के कम से कम 48 घंटे तक सक्रिय रहने का अनुमान है।लखनऊ, आगरा, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, संभल, अमरोहा, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कासगंज, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और आसपास के इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और बारिश की संभावना है।
राज्य के बृज औरमध्य क्षेत्र में मौसम बदला
मौसम विभाग के अनुसार,इन दो सिस्टम की वजह से उत्तर प्रदेश के बृज औरमध्य क्षेत्र में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है। इसके कारण बृज क्षेत्र के आगरा-मथुरा से लेकर हाथरस, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, औरैया, इटावा,कन्नौज औररुहेलखण्ड के बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत,लखीमपुर के अलावाहरदोई, सीतापुर, लखनऊ तक में आंधी के अलावा गरज-चमक के साथ बारिश हुई। बुंदेलखंडके चित्रकूट, महोबा, बांदा, जालौन औरहमीरपुर में भी इसके कारण मौसम में बदलाव के संकेत हैं। इसी तरह पूर्वी यूपी के कम से कम 18जिलों में भी अगले 36 घंटे मेंआंधी और बारिश के आसार हैं।
सबसे ज्यादा 7मौतें उन्नाव में हुईं
बुंदेलखंड और कानपुर के आसपास आंधी और बारिश और बिजली गिरने से उन्नाव में 7, कन्नौज में 6, बांदा और कानपुर शहर में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। हालांकि, 5 मौतें राज्य के अन्य जिलों में हुई हैं, जिसकी जानकारी फिलहाल राहत आयुक्त की ओर से नहीं दी गई है। उन्होंने इन मौतों की पुष्टि की है।
बारिश और आंधी सेफिरोजाबाद में 10, आगरा में 3 लोग जख्मीहुए। यहां 10 पशुओं की मौत हो गई है।कानपुर शहर के बिल्हौर में आंधी-बारिश के साथआधा घंटे तकओले गिरे, जिससे फसलेचौपट हो गईं। सैकड़ों गाड़ियों के शीशे टूट गए और कई लोग घायल भी हुए। घाटमपुर में भी जमकर ओलावृष्टि हुई।
बुंदेलखंड: तेज बारिश से बिजली गुल
महोबा में देर शाम तेज आंधी से बिजली के खंभे और तार टूटने से बिजली की आपूर्तिठप हो गई। जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट में भी बारिश और ओले गिरे। कानपुर देहात में शनिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने से मूंग की फसल को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इससेसब्जी की फसल को फायदा होगा।
इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, हरदोई में दीवारें गिरीं
इटावा में आंधी-बारिश से कई घरों की दीवारें और छप्पर गिर गए। बिजली के 12से ज्यादा खंभे टूटने से शहर की आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो गई।फर्रुखाबाद में शनिवार कोतेज हवा के साथ बारिश होती रही। फतेहपुर में दिन में तेज धूप और तपिश के बाद शाम को तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे टीन शेड उड़ गए। औरैया में शुक्रवार की रात से शनिवार सुबह तक बारिश हुई। हरदोई में भी शनिवार को दिन में कई दौर में बारिश हुई।
आगरा में आंधी से टूटीं जालियां, पेड़ टूटे
आगरा में 124 किमी की रफ्तार से आए बवंडर ने न केवल ताजमहल बल्कि सिकंदरा, एत्माद्दौला, मेहताब बाग समेत कई स्मारकों को काफी नुकसान पहुंचाया है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अफसर वसंत स्वर्णकार ने बताया कि ताजमहल परिसर के वेस्टर्न एंट्री गेट पर टिकट एरिया को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, ताजमजल के वुडन गेट को नुकसान पहुंचा। मॉर्बल रैलिंग भी उखड़ गईं।
ताजमहल के पश्चिमी गेट के मुख्य प्रवेश द्वार सहित बरामदे की फॉल सीलिंग को खासा नुकसान पहुंचा।
राजस्थान में रविवार को 76 नए कोरोना पॉजिटिव केस सामने आए। इनमें जयपुर में 21, झालावाड़ में 14, भरतपुर में 12, झुंझुनू में 7, कोटा में 6, धौलपुर और राजसमंद में 5-5, अजमेर में 3, उदयपुर में 2, टोंक में 1 संक्रमित मिला। इसके साथकुल संक्रमितों का आंकड़ा 8693 पहुंच गया। वहीं, जयपुर मे एक मौत भी हुई। कुल मौतों की संख्या 194 पहुंच गई।
राहत की खबर यह है किराजस्थान में रिकवर होने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रविवार को 33 लोग रिकवर हुए। इनमें से 20 को डिस्चार्ज किया गया।कुल 8693 पॉजिटिव में से 5772 लोग अब तक रिकवर हो चुके हैं। वहीं, कुल5099 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है, जो कुल संक्रमितों का 58 फीसदी है। अब राज्य में केवल 2727 एक्टिव केस बचे हैं।
कोरोना संकट में मनरेगा ने लोगों को संबल दिया
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर ने मनरेगा के महत्व को स्थापित कर दिया है। संकट के इस समय में इस योजना ने देशभर के गांवों में करोड़ों लोगों को संबल दिया है। उन्होंने कहा कि क्वारैंटाइन व्यवस्थाओं में ग्रामीणों ने अच्छा सहयोग किया है। गहलोत शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोरोना से जंग के प्रभावी भूमिका निभा रहे सरपंच, ग्राम सेवक, पटवारी, बीएलओ, एएनएम, आशा सहयोगिनी समेत ग्राम पंचायत स्तर के लोगों से रूबरू हुए। पंचायत स्तर की इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में 11,341 प्रतिभागियों से मुख्यमंत्री ने सीधा संवाद किया। गहलोत ने कहा कि श्रमिकों की मांगों के संबंध में हम केंद्र को पत्र भी लिखेंगे।
जयपुर परकोटे में लगातार सैनिटाइजेशन का काम चल रहा है। यहां सबसे ज्यादा केस मिले हैं। अब तक जयपुर में1984 पॉजिटिव पाए गए।
जयपुर: घर से निकले नहीं, फिर भी पॉजिटिव
सवाई मानसिंह हॉस्पिटलके दो वार्ड बॉय पिछले एक-डेढ़ महीने से छुट्टी पर थे। हालांकि, उससे पहले उन्होंने अस्पताल में काम किया था। इसके बावजूद उनका पॉजिटिव आना चौंकाता है। हालांकि दोनों ने कहा है कि वे घर से बाहर नहीं निकले हैं। वहीं, अस्पताल की दो एएनएम की मेडिसिन ओपीडी में ड्यूटी थीं। दो दिन पहले दोनों की तबीयत खराब हो गई। दोनों ने जांच करवाई तो पॉजिटिव आईं। हाउसकीपर ने 29 मई को सैम्पल दिया, जिसकी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
जोधपुर: लॉकडाउन-4 में ये नए हॉटस्पॉट बने
लॉकडाउन-4 में छूट मिली तो शहरवासी बेपरवाह होकर सड़कों पर आने लगे। कई कंटेनमेंट जोन होने के बावजूद बिना मास्क औैर एहतियात के घर से बाहर आए, जिसके चलते कई एरिया जहां ना के बराबर केस थे, वेभी हॉट स्पॉट बन गए। प्रतापनगर में लॉकडाउन-1 में केवल 1 केस था, लॉकडाउन-2 में कोई केस नहीं और लॉकडाउन 3 में 10-12 केस सामने आए, लेकिन लॉकडाउन 4 में पॉजिटिव 250 पार हो गए। वहीं, बकरा मंडी नया हॉटस्पॉटबनगया। यहां लॉकडाउन 3 तक कोई केस नहीं था।
पाली: हत्यारोपी पॉजिटिव, 2डीएसपी औरथानाधिकारी क्वारैंटाइन
जोधपुर के बिलाड़ा के वरिष्ठ अधिवक्ता औरगोल्डमैन के नाम से मशहूर नारायण सिंह राठौड़ की पाली जिले में गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। सवा किलो से अधिक सोने केजेवर लूट लिए गए थे।मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से मुख्य आरोपी उमेश सोनी कोरोना पॉजिटिव मिला। गिरफ्तारी से लेकर पूछताछ करने के दौरान संपर्क में आने वाले पाली जिले के सोजत डीएसपी डॉ. हेमंत जाखड़, जैतारण डीएसपी सुरेश कुमार, सोजत थानाप्रभारी रामेश्वरलाल भाटी, जैतारण थानाप्रभारी सुरेश चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों को होम क्वारैंटाइन कर दिया गया। इनमें से 16 पुलिसकर्मी सोजत थाने के हैं।
बिलाड़ा के वकील की हत्या के आरोपी के हाथ पकड़े पुलिसकर्मी। रेड और ब्लैक टीर्शट वाला आरोपी पॉजिटिव पाया गया।
राजस्थान: सभी 33 जिलों तक पहुंचा संक्रमण
प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 1984 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपुर में 1523 (इनमें 47 ईरान से आए), उदयपुर में 543, कोटा में 458, डूंगरपुर में 356, नागौर में 446, अजमेर में 339, पाली में 455, चित्तौड़गढ़ में 176, टोंक में 164, जालौर में 162, भरतपुर में 247, भीलवाड़ा में 140, सिरोही में 157, राजसमंद में 140, बांसवाड़ा में 85, झुंझुनूं में 131, सीकर में 202, जैसलमेर में 88 (इनमें 14 ईरान से आए), बाड़मेर में 99, बीकानेर में 104, चूरू में 104, झालावाड़ में 263 मरीज मिले हैं।
उधर, दौसा में 50, अलवर में 53, धौलपुर में 58, सवाई माधोपुर में 20, हनुमानगढ़ में 30, प्रतापगढ़ में 13, करौली में 16 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। बारां में 15 संक्रमित मिले हैं। श्रीगंगानगर में 6, बूंदी में 2 पॉजिटिव मिला। जोधपुर में बीएसएफ के 50 जवान भी पॉजिटिव मिल चुके हैं। वहीं दूसरे राज्यों से आए 14 लोग पॉजिटिव मिले।
राजस्थान में कोरोना से अब तक 194 लोगों की मौत हुई है। इनमें जयपुर में सबसे ज्यादा 95 (जिसमें चार यूपी से) की मौत हुई। इसके अलावा, जोधपुर में 19, कोटा में 16, नागौर और अजमेर में 7-7, पाली में 7, सीकर और भरतपुर में 5-5, चित्तौड़गढ़ में 4, सिरोही, करौली और बीकानेर में 3-3, बांसवाड़ा, जालौर, अलवर और भीलवाड़ा 2-2, झुंझुनू दौसा, राजसमंद, उदयपुर, चूरू, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर और टोंक में 1-1 की मौत हो चुकी है। वहीं दूसरे राज्य से आए चार व्यक्ति की भी मौत हुई है।
पांच फ्लाइटों के जरिए कजाकिस्तान से 131 व मस्कट से 140 प्रवासी जयपुर पहुंचे।
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