Sunday, July 12, 2020

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1. अस्तबल से घोड़े निकल रहे हैं...
आपने ऊपर जो तस्वीर देखी, उस पर मत जाइए, क्योंकि राजनीति में मुस्कुराहटें बदल भी सकती हैं। 2018 के रंग 2020 में बदल गए हैं। कांग्रेस में बागी-2 टाइप की सिचुएशन आ गई है। मध्यप्रदेश में सिंधिया की बगावत को चार महीने भी नहीं बीते थे कि राजस्थान में डिप्टी सीएम सचिन पायलट के इसी तरह के तेवर नजर आने लगे।

अशोक गहलोत की सरकार गिराने की साजिश का जैसे ही खुलासा हुआ, एक दिन के अंदर पायलट ने गियर बदल लिए। वे फाइटर पायलट वाली भूमिका में आ गए और 12 विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंच गए।

इस सबके बीच, ये तो मानना होगा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों में इनोवेशन हो रहा है। पहले अशोक गहलोत ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को बकरा मंडी से जोड़ दिया। अब कपिल सिब्बल घोड़े-अस्तबल की बात कर रहे हैं। पूछ रहे हैं- ‘क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे?’ हालांकि, ये समझ नहीं आया कि इसमें ‘हम’ और ‘अस्तबल’ से उनके मायने कांग्रेस से हैं या देश की राजनीतिक व्यवस्था से हैं?

अब कुछ बातें जो हमारे रिपोर्टर्स ने बताईं...

  • पहली- स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का नोटिस आने के बाद से पायलट समर्थक विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दी हैं और अब गहलोत के साथ काम करना नामुमकिन है। विधायक सवाल करने लगे हैं कि आपणो मुख्यमंत्री कौन?
  • दूसरी- राजस्थान में कांग्रेस की हालत मध्यप्रदेश जितनी बुरी भी नहीं। 200 विधायकों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 का आंकड़ा है। भाजपा 72 पर है। जो 13 विधायक गहलोत सरकार के साथ हैं, वे भाजपा के साथ आ जाएं, तो भी आंकड़ा 85 तक ही पहुंचता है। कांग्रेस के कम से कम 15 विधायक अपनी विधायकी छोड़ दें और फिर निर्दलीय और बाकी छोटे दलों के सभी विधायक भाजपा के साथ आ जाएं, तभी भाजपा की सरकार बन सकती है।

आज क्या होगा?
सीएम गहलोत ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। यहां लगने वाली विधायकों की हाजिरी से स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है।

2. ट्रम्प का मास्क
ऊपर हुई देश की बात। अब चलते हैं विदेश। खबर है अमेरिका से। ट्रम्प यहां के अब तक के सबसे चर्चित राष्ट्रपति हैं। मार्च से दुनियाभर में कोरोना की चर्चा है, लेकिन ट्रम्प जुलाई में जाकर पहली बार मास्क पहने दिखे हैं। एक बार मई में फोर्ड के प्लांट में उनकी मास्क पहने फोटो दूर से खींची गई। यह सोशल मीडिया पर आई, लेकिन वेरिफाई नहीं हो सकी। इसके बाद वे खुलकर मास्क का विरोध करते रहे।

अब मास्क पहनने के बाद उन्होंने जो कहा है, उसे सुनकर उनके विरोधी भी शरमा जाएंगे। उन्होंने कहा- ‘मैं कभी भी मास्क पहनने के खिलाफ नहीं था, लेकिन इसे पहनने का सही वक्त और जगह होती है।’ यानी ट्रम्प के हिसाब से मास्क पहनने का सही वक्त अब जाकर आया है।

3. अक्टूबर में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया जाएगी
भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा अब पक्का है, लेकिन ये दौरा अभी नहीं होगा, अक्टूबर में होगा। तब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में तीन टी-20 खेलेगी। बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने कहा कि हमने दौरे को मंजूरी दे दी है। अब हम चाहते हैं कि खिलाड़ियों का क्वारैंटाइन पीरियड कम किया जाए, क्योंकि दो हफ्ते होटल के रूम में रहना बहुत मुश्किल होगा। यह खिलाड़ियों के लिए डिप्रेसिंग और डिसपॉइंटिंग होगा।

4. आज का दिन कैसा रहेगा?
इसे एस्ट्रोलॉजी और न्यूमरोलॉजी, दोनों तरह से समझ लेते हैं। एस्ट्रोलॉजी कहती है कि सोमवार को दो शुभ योग बन रहे हैं। इससे पांच राशियों मेष, वृष, मिथुन, सिंह और कुंभ के लिए दिन फायदे वाला हो सकता है। इन्वेस्टमेंट के लिहाज से आपके लिए दिन ठीक है। तुला, वृश्चिक और मकर राशि वालों को संभलकर रहना चाहिए।

न्यूमरोलॉजी कहती है कि सोमवार को तारीख है 13 और इसका मूल अंक 4 है। आज 2 अंक वालों को फायदा मिल सकता है, 5 अंक वालों को थकान रह सकती है। अभी कोरोना चल रहा है, आप कहीं जाना नहीं चाहेंगे, फिर भी 8 अंक वालों के लिए विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं।

5. आज से जुड़ी तीन खबरें

  • 4 शहरों में आज से लॉकडाउन

महाराष्ट्र के पुणे और ठाणे, कश्मीर के श्रीनगर और मेघालय के शिलॉन्ग में लॉकडाउन लगने जा रहा है। पुणे में लॉकडाउन इसलिए जरूरी हो गया है, क्योंकि जुलाई के 12 दिनों में यहां कोरोना के मामले 20 हजार से बढ़कर 28 हजार से ज्यादा हो गए हैं। यहां सोमवार आधी रात से 23 जुलाई तक फुल लॉकडाउन रहेगा। ठाणे में 19 जुलाई, शिलॉन्ग में 15 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। श्रीनगर के 68 कंटेनमेंट जोन में सोमवार से लॉकडाउन शुरू होगा। यह कब तक चलेगा, यह साफ नहीं है।

  • विकास दुबे मामले में आज हो सकती है सुनवाई

पिछले दिनों गैंगस्टर विकास दुबे का कानपुर के पास एनकाउंटर हो गया। पुलिस उसे जिस गाड़ी में ले जा रही थी, वह पलट गई। हादसे के बाद भागने की कोशिश में वह मारा गया। इस एनकाउंटर की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशंस दायर हुई हैं। इन पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

  • गूगल के प्रोडक्ट की लॉन्चिंग आज

गूगल ने शनिवार रात एक ट्वीट किया था। उसमें लिखा था, ‘गहरी सांस लें और तैयार रहें। इस सोमवार कुछ खास आ रहा है।’ माना जा रहा है कि गूगल अपना स्मार्ट स्पीकर लॉन्च कर सकता है। आज दोपहर 2 बजे से इसके वर्चुअल इवेंट की भारत में स्ट्रीमिंग होगी। इसमें गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई भी बोल सकते हैं।



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फोटो 14 दिसंबर 2018 की है। राजस्थान में कांग्रेस जीत गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री तय नहीं हो पा रहा था। तब राहुल कांग्रेस अध्यक्ष थे। गहलोत और पायलट से लंबी मुलाकात के बाद उन्होंने यह फोटो ट्वीट की थी।


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बिहार के पूर्वी चम्पारण का एक छोटा सा शहर है रक्सौल। यहां का पूरा मार्केट एक सड़क के दोनों ओर सिमटा हुआ है। लेकिन दुकानों का किराया 50 हजार रुपए महीना तक है। वजह यहां से खरीददारी लाखों में हुआ करती थी। और ज्यादातर खरीददार होते थे नेपाली। सुबह से लेकर देर रात तक बाजार गुलजार होता था। इतनी भीड़ होती थी कि पैर रखने की जगह न मिले और अब हालात ऐसे हैं कि ग्राहकों को देखने के लिए व्यापारियों की आंखें तरस गई हैं।

नेपाली बर्तन खरीदने भी भारत आते हैं, क्योंकि नेपाल में न इतनी वैरायटी मिलती हैं न कम दाम।

नेपाल में राशन-कपड़ा-इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर बर्तन तक भारत के मुकाबले काफी महंगे मिलते हैं। वहां की सरकार मोटी कस्टम ड्यूटी वसूलती है। ज्यादातर सामान दूसरे देशों से लाया जाता है। इसलिए जो चीज भारत में 400 रुपए में मिल जाती है, वो नेपाल में 800 रुपए में मिलती है। यही वजह रही है कि नेपाली ग्राहक भारत आकर जमकर खरीदी करते रहे हैं।

दोनों देशों ने लॉकडाउन खोल दिया लेकिन बॉर्डर बंद है। इस कारण रक्सौल का बाजार भी सूना है।

रक्सौल का पूरा बाजार बसा ही नेपालियों के चलते है। कपड़ा व्यापारी नियाज अहमद कहते हैं, ‘हम 2006 से रक्सौल में दुकान चला रहे हैं। यहां 80 से 90 प्रतिशत नेपाली ग्राहक थे। जब से लॉकडाउन लगा है और बॉर्डर सील है तो कोई भी ग्राहक रक्सौल नहीं आ पा रहा है। हमारी तो पूरी ग्राहकी ही चौपट हो गई। अब तो ऐसे हालात हैं कि दिन में एक, दो ग्राहक आ जाएं तो बहुत बड़ी बात है।'

पहले सुबह 7 से दोपहर 2 बजे के बीच ही काफी खरीदी हो जाती थी। अब इस वक्त तक एक ग्राहक भी नहीं आता।

रक्सौल के टैक्सटाइल चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अरुण कुमार गुप्ता के मुताबिक रक्सौल में कपड़े की करीब 150 दुकानें हैं और हालात ऐसे हैं कि 120 से 130 दुकानों में तो ग्राहकी शुरू ही नहीं हो पा रही है। गुप्ता बताते हैं इस बाजार में मेन रोडपर बनी दुकानों का किराया 50 हजार रुपए महीना तक है लेकिन अब तो हालात ऐसे बन रहे हैं कि किराया देना ही मुश्किल हो गया है।

लोग स्टाफ भी कम करते जा रहे हैं। बर्तन कारोबारी निकेश कुमार शर्मा का मानना है कि कोरोना वायरस का डर खत्म होने के बाद नेपाली ग्राहक फिर वापस लौटेंगे क्योंकि उनके पास भी कोई विकल्प नहीं है। नेपाल में सामान इतना महंगा है कि वो वहां से ज्यादा दिनों तक खरीदी कर नहीं सकते।

यहां दुकानों का किराया 50 हजार रुपए महीना तक है। ग्राहकी नहीं होने से किराया देना मुश्किल हो गया है।

बिहार सीमा जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष और रक्सौल के बड़े कारोबारी महेश अग्रवाल कहते हैं, ‘नेपाल और भारत का रोटी-बेटी का संबंध है। यानी एक-दूसरे के यहां बेटी ब्याही जाती हैं और लोग कामधंधा करने आते-जाते हैं। न उनके बिना हमारा चलेगा और न हमारे बिना उनका चलेगा क्योंकि सालों का रिश्ता-नाता है। पूरा बाजार अनलॉक होने के बाद भी वीरान है। बॉर्डर जल्दी नहीं खुली तो आने वाले समय में स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी। कई दुकानदार कामधंधा बंद करने के लिए मजबूर हो गए हैं।

नेपाली कॉस्मेटिक सामान बहुत खरीदते हैं, इसी के चलते रक्सौल में कॉस्मेटिक आयटम की बड़ी-बड़ी दुकानें हैं।

कॉस्टमेटिक विक्रेता राजेंद्र कुमार कहते हैं कि, पहले के मुकाबले दस परसेंट ग्राहकी भी नहीं है। वे कहते हैं हमारा कॉस्मेटिक का सामान खूब बिकता था क्योंकि नेपाली लोगसजने-संवरने मेंबहुत शौकीन होते हैं। वो महंगी से महंगी चीजें खरीद कर ले जाते थे,लेकिन बीते चार महीने से जो हालात बने हैं, उसने सब तबाह कर दिया। किसी भी तरह बस मार्केट पहले की तरह खुल जाए हम यही चाहते हैं।



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People used to come to this market from Nepal to buy cheap goods, rent of shops 50 thousand rupees


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आंध्र प्रदेश के राजमुंदरी से 15 किमी दूर कडियम इलाका है। एक लंबी सड़क, उसके पास नहर में बहता कलकल पानी। नहर के दोनों तरफ हजारों की संख्या में पौधों की नर्सरी है। ये देश कासबसे बड़ापौधों का बाजार है। 25 किमी और 10 हजार एकड़ में फैला ये बाजार देश और विदेशों में पौधों की सप्लाई करता है। कोरोना के चलते पिछले 3 महीने से पूरा बाजार बंद था। अब धीरे-धीरे वापस रौनक लौटने लगी है।

श्री सत्यनारायणा नर्सरी के मालिक ताताजी बताते हैं कि लॉकडाउन के कारण बिजनेस में बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। इस महीने में पिछले साल 500 गाड़ियांइस बाजार से रोजाना पौधे लेकर जाती थीं। मगर अभी 50 से 80 के बीच ही जा रही हैं।

इनके यहां से सबसे महंगा पौधा भी है,जिसकी कीमत 1 लाख से लेकर 10 लाख तक है। ये पौधा चीन से मंगवाया जाता है। इसका नाम साइना बोनसाई है। इसके आकार के आधार पर इसकी कीमत तय होती है। अगस्त में ही 5 कंटेनर भरकर चीनसे ये पौधे मंगवाए थे।

श्रीलक्ष्मी वेकेंश्वरा नर्सरी के श्रीनिवासराव बताते है कि यहां पर 95 प्रतिशत लोकल प्लांट हैं, जिन्हेंबाहर सप्लाई किया जाता है।

एक दिन में पांच करोड़ का बिजनेस

श्रीलक्ष्मी वेकेंश्वरा नर्सरी के श्रीनिवासराव बताते है कि यहां पर 95 प्रतिशत लोकल प्लांट हैं, जिन्हेंबाहर सप्लाई किया जाता है। केवल 5 प्रतिशत पौधे ही बाहर से मंगवाए जाते है। पूरे देश में यहां से पौधे सप्लाई होते हैं। इसके साथ ही हर तरह का पौधा यहां मिल जाता है। एक दिन मेंकरीब 5 करोड़ का बिजनेस होता था।यहां से दुबई, कतर, चीना, स्पेन आदि देशोमें पौधोकी सप्लाईकी जाती है।

25 किमी एरिया में 50 के करीब गांव आते हैं, जिनमें से 90% नर्सरी का काम करते हैं। 80% पौधे यहीं तैयार होते हैं। बाकी 20% पूना, कलकत्ता, चैन्नई, चीना, स्पेन,थाईलैंड से आता है।

पहले 500 गाड़ियांइस बाजार से रोजाना पौधे लेकर जाती थीं। लेकिन कोरोना के चलते अभी 50 से 80 के बीच ही गाड़ियां जा रही हैं।

यहां 6000 से ज्यादा फार्म हैं। सबसे ज्यादा इस मौसम में मैंगो, कोकोनट, संतरा, मोसंबी, सीताफल, स्पोता की उपज होती है।1959 में इस बाजार की शुरुआत हुई थी। उस समय 3-4 नर्सरी फार्म हाउस थे। यहां की मिट्टी उपजाऊ होने के कारण धीरे-धीरे गांव के लोगइस बिज़नेस में आ गए।आज ये देशका सबसे बड़ा बाजार है। 1 लाख के करीब लोग आज यहां काम कर रहे हैं।

बाहर से आने वाले पौधे

चीनसे बोनसाईको लाया जाता है, जिसकी कीमत 1 लाख से 7 लाख है। स्पेन से- ओलिया को मंगाया जाता है,जिसकी कीमत 10 लाख है- ये गुडलक पौधा है। इसके साथ ही थाईलैंड से कलरफुल बोगनवेलिया लाया जाता है।



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आंध्र प्रदेश के कडियम में स्थित है यह नर्सरी। यह देश के सबसे बड़ा पौधों का बाजार है। यहां एक लाख लोग काम करते हैं।


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राजस्थान की कांग्रेस सरकार मुश्किल में दिख रही है।सोमवार सुबह कांग्रेस विधायक दल की बैठक होनी है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सचिन पायलट शामिल नहीं होंगे। पायलट खेमे की ओर से दावा किया जा रहा है कि उनके समर्थन में 30 विधायक हैं।इधर, गहलोत खेमे ने 100 से अधिक विधायकों के समर्थन का दावा किया है। इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी ने कहा है कि ये कांग्रेस का आंतरिक मामला है।

क्या सचिन बनेंगे सिंधिया

हाल ही में मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उनके साथ 22 विधायकों ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी और राज्य में बीजेपी की सरकार बनी। बीजेपी ने सिंधिया को राज्यसभा भेज दिया। अब यह कयास लगाए जा रहेहैं कि मध्य प्रदेश के सियासी घटनाक्रम को राजस्थान में भी दोहराया जा सकता है और बीजेपी के लिए पायलट, सिंधिया की भूमिका निभा सकते हैं।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने रविवार को कहा था कि पायलट के साथ उनके मतभेद हैं, लेकिन मनभेद नहीं है।

पिछले एक महीने में सचिन पायलट ने कुल 117 ट्वीट किए हैं। इसमें से केंद्र सरकार के खिलाफ 25 ट्वीटहैं। जिनमें गलवान घाटी में भारत-चीन हिंसक झड़प, पेट्रोल डीजल की बढ़ते दाम, कोरोना महामारी और प्रियंका गांधी की सुरक्षा हटाए जाने को लेकर ट्वीट किए।

8 जुलाई को सचिन पायलट ने लिखा- केंद्र सरकार बदले और दमन की राजनीति कर रही है। लोकतंत्र में विपक्ष को दबाकर खत्म नहीं किया जा सकता। क्योंकि, एक सच्चा विपक्ष जनता की आवाज़ होता है। जांच के नाम पर सिर्फज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम किया जा रहा है, इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं है।

3 जुलाई को पायलट ने एक वीडियो ट्वीट किया, जिसमें यह दावा किया जा रहा था कि चीन ने हमारी जमीन हड़प ली है। यही वीडियो राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया था।

2 जुलाई को पायलट ने प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाने पर ट्वीट किया था और केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने लिखा कि देश में ऐसे कई नेता हैं, जिन्हें कोई पद नहीं होने के बाद भी सुरक्षा दी गई है। प्रियंका गांधी जी को टारगेट करना पूरी तरह राजनीतिक है। जब देश कोरोना महमारी से जूझ रहा है, ऐसे में एसपीजी सुरक्षा हटाना प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए।

कहा जा रहा है किज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर पायलट चल पड़े हैं। हाल ही में सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ली थी। अभी राज्यसभा सांसद हैं।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार का विरोध

29 जून को पायलट ने लिखा- जहां एक तरफ पूरा देश और दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रहाहैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार बार-बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर मध्यम वर्ग, गरीब वर्ग एवं किसानों पर आर्थिक प्रहार करने का काम कर रही है।

इसी दिन अपने दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि - कोरोना महामारी के इस संकट के समय में भी पिछले तीन महीनों के दौरान केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों तथा उस पर लगने वाले केंद्रीय उत्पाद शुल्क में निरंतर वृद्धि करके जनता पर अनावश्यक बोझ डालने का कार्य किया है, जिससे आमजन में रोष और असंतोष व्याप्त है।

सचिन पायलट की पत्नी सारा ने भी एक के बाद एक 6 ट्वीट किए। उन्होंने लिखा- बड़े- बड़े जादूगरों के पसीने छूट जाते हैं जब हम दिल्ली का रुख करते हैं।

26 जून को पायलट ने गलवान में शहीद हुए जवानों को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- हमारी सरहदों को मजबूत व सुरक्षित रखने के लिए पूरा देश एकजुट है। हमारे आपस मे वाद-विवाद हो सकते है लेकिन जब सेना और भारत माता की बात आती है तो पूरा देश एक है और एक रहेगा। जिन लोगों की जवाब देने की जिम्मेदारी है, उनको आगे आकर स्पष्ट करना चाहिए कि हमारी सीमा का उल्लंघन हुआ है या नही।

चीन के मुद्दे पर पीएम से सवाल

इसी दिन एक दूसरे ट्वीट में पायलट ने केंद्र से सवाल पूछते हुए लिखा-हाल ही में शहीद हुए 20 जवानों को आज कांग्रेस और पूरे देश ने श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों को निहत्था किसने भेजा? चीन अतिक्रमण का दावा कर रहा है। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय स्पष्टता नहीं दे पा रहे हैं। जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए हम क्या कर रहे हैं? बता दें कि राहुल गांधी और कांग्रेस के दूसरे नेता भी लगातार यही सवाल केंद्र सरकार और पीएम से पूछते रहे हैं।

अपने कार्यकर्ताओं पर आंच नहीं आने दूंगा

23 जून को पायलट ने लिखा कि जिन कार्यकर्ताओं ने पांच साल तक कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी के लिए कड़ी मेहनत की और अपना खून-पसीना बहाया, उन लोगों के मान-सम्मान की रक्षा करना मेरा प्रथम कर्तव्य है। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो भी शेयर किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन लोगों ने कड़ी मेहनत की हैं, उन्हें पद मिलना चाहिए, सरकार में भागीदारी मिलनी चाहिए, उनका हक दिलाना मेरा कर्तव्य है। उनकी प्रतिष्ठा पर मैं आंच नहीं आने दूंगा।

23 जून को ही पायलट ने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि राज्यसभा चुनावमें हमारा जो संख्या बल था, उसी के आधार पर पार्टी के दोनों उम्मीदवारों को बहुमत मिला और हमने जो मूल्यांकन किया था वो सही निकला। हमारी पार्टी के विधायक, निर्दलीय विधायक एवं हमारे समर्थक दलों के विधायक सभी साथ रहे। इसके साथ शेयर किए हुए वीडियो में उन्होंने कहा कि हमारे दोनों उम्मीदवार जीते, इसका मतलब है कि बीजेपी ने जो बातें कही थी, जो आरोप लगाए, उनमें कोईसच्चाई नहीं है।

23 जून को अपने एक दूसरे ट्वीट में पायलट ने लिखा-केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी के इस संकटकाल में भी लगातार 17वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि करके अपनी असंवेदनशीलता का परिचय दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में कमी होने के बावजूद भी सरकार लगातार बढ़ोतरी कर आमजन की मुसीबतें बढ़ा रही है।

22 जून को सचिन पायलट ने लिखा- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी ने वर्तमान भारत-चीन मसले के सन्दर्भ में बहुत महत्वपूर्ण बातें कही हैं। केंद्र सरकार को मनमोहन सिंह जी की बातों को गंभीरता से लेना चाहिए।

20 जून को उन्होंने एक बार फिर से चीन मसले को लेकर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा-जिस प्रकार से हमारी पूर्वी सीमा पर जो भयानक घटनाक्रम हुआ है, वह बहुत दुःखद है। हमारी सीमाओं पर जो चुनौतियां हैं उनका सामना करने के लिए हमें एकजुट होना पड़ेगा और सीमाओं पर जो तनाव है, सरकार उसका स्पष्टीकरण करें। आज हम सब एक हैं और हमारी सेना के पीछे चट्टान की तरह खड़े हैं।

16 जून को गलवान में चीन के साथ हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसको लेकर पायलट ने लिखा किसरकार को इसे अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तुरंत ठोस और पर्याप्त जवाबी कदम उठाने चाहिए। पूरा देश एकजुट है।

सचिन पायलट की पत्नी सारा ने भी रविवार को 6 ट्वीट किए। एक ट्वीट में लिखा- राजस्थान का भविष्य पायलट।



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राजस्थान की गहलोत सरकार संकट में है। सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत के बीच मतभेद की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि पायलट कांग्रेस छोड़ने का मन बना चुके हैं। -फाइल फोटो


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करगिल युद्ध को ठीक 21 साल हो चुके हैं। वो युद्ध जिसमें हमने अपने 530 सैनिकों को खोया। शहादत से पहले, 18 हजार फीट ऊंचाई, माइनस 13 डिग्री की कड़कड़ाती ठंड और भयंकर गोलीबारी के बीच सैनिकों ने अपनों को जो चिटि्ठयां लिखीं, उनमें से कुछ चिटि्ठयां तिरंगे में लिपटे उनके शव के साथ पहुंचीं तो कुछ शहादत के कई दिनों बाद।

युद्धक्षेत्र में जज्बा जिंदा रखने के लिए चिटि्ठयां ही सहारा थीं। करगिल, बटालिक और द्रास में सेना के पोस्टल सर्विस कोर ने म्यूल मेल यानी खच्चर के जरिये सैनिकों को पत्र पहुंचाए। ऊंची पोस्टों तक खच्चर हर तीसरे दिन जवानों को चिटि्ठयां पहुंचाते थे।

शहीदों की तरह ही अमर हो गईं उनकी ये आखिरी चिटि्ठयां जो भास्कर ने विशेष तौर पर आपके लिए जुटाई हैं।

कैप्ट विजय बात्रा 7 जुलाई 1999 को शहीद हुए। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान दिया गया।

कैप्टन विक्रम बत्रा, परमवीर चक्र, 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स
वे एक चोटी को दुश्मन के कब्जे से छु़ड़ा चुके थे। पांच को मार गिराया। अपने जवानों को बंकर में छोेड़ खुद दुश्मन के करीब पहुंचे। अकेले हमला किया। दूसरी चोटी भी कब्जे में ली। 7 जुलाई को 1999 को शहीद हुए।
जुड़वां भाई को विक्रम का पहला पत्र
डियर कुश
हमें बात किए काफी लंबा अरसा बीत गया। तुम्हारे ऑफिस में फोन लगाया था, लेकिन बात नहीं हो पाई। कैसे हो तुम? अब भी टाटा में काम कर रहे हो या कोई नया जॉब ढूंढ़ लिया? तुम्हारा बैंक ऑफ पंजाब का इंटरव्यू कैसा रहा? इधर सब ठीक है। कमांडो कोर्स से वापस आने के बाद मैं अपनी पुरानी लोकेशन पर तीन महीने रहा।

तुम न्यूज पढ़-सुन रहे होगे कि यहां माहौल गर्म है। मैं 15 हजार फीट की ऊंचाई पर बैठा हूं। पाकिस्तानियों से लड़ रहा हूं। सुरक्षा के कारण जगह का नाम नहीं लिख सकता। पर जिंदगी खतरे में है। कुछ भी हो सकता है यहां, हर रोज गोलियां और आर्टिलरी शेलिंग झेल रहा हूं। आज का दिन बहुत खराब रहा। मेरी बटालियन के एक ऑफिसर शहीद हो गए। इसलिए सभी यहां दुखी हैं।

...बाकी तो सब ठीक है। कुश... तुम पापा और मम्मी का ध्यान रखना। क्योंकि मैं कह ही चुका हूं कि यहां कुछ भी हो सकता है। पता नहीं मैं कब वापस आऊंगा। नॉदर्न कमांड में सभी की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है। और कुछ नहीं है कहने को। सभी को मिस कर रहा हूं। मुझे जवाब लिखना।
तुम्हारा लव। 16 जून 1999
दूसरा व आखिरी पत्र

डियर कुश
कैसे हो। तुम्हारा प्यारभरा खत कल ही मिला। मैं काफी ऊंचाई पर हूं और ट्रैक के लिए तैयारी कर रहा हूं। आज शाम को ऊपर वाली पोस्ट पर जा सकता हूं। मेरी दो कंपनियां पहले ही वहां पहुंच चुकी हैं। उन्होंने काफी गोलीबारी झेली है। दुश्मन हमारे काफी नजदीक तक आ पहुंचा है। इसके बारे में और ज्यादा नहीं बता सकता। मेरा इंटरव्यू स्टार टीवी पर दो जुलाई को आया था। मेरा अपने साथियों के साथ एक फोटो अखबारों के पहले पेज पर भी आया है।

क्या तुमने वह देखा? क्या मुझे पहचान पाए। मेरी दाढ़ी बढ़ी हुई है। तुमने यहां के हालात के बारे में पूछा था। अब वो बेहतर हो रहे हैं। लेकिन नहीं पता पूरी तरह ठीक होने में कितना समय और लगेगा। हमारी सेना शानदार काम कर रही है। हमारे सैनिक पाकिस्तानियों के पीछे पड़े हैं और उन्हें जमकर खदेड़ रहे हैं। यार...तुम टेंशन मत लो। अपना काम ईमानदारी से करते रहो। भगवान सबको देख रहा है। वह जरूर एक दिन इसका फल देगा। तुममें सबकुछ करने का पोटेंशियल है और मुझे पता है तुम एक दिन जरूर सफल होगे। जीजाजी और मोनी को मेरे रिगार्ड्स।
तुम्हारा लव। 5 जुलाई 1999

कैप्टन मनोज पांडेय 3 जुलाई 1999 को शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र सम्मान दिया गया।

कैप्टन मनोज पांडे, परमवीर चक्र, 11 गोरखा राइफल्स, लखनऊ
दो दुश्मनों को मार गिराया। पहला बंकर नष्ट करते घायल हो चुके थे। खून बह रहा था। वह एक बंकर से दूसरे बंकर तक दुश्मन का खात्मा करते गए। आखिरी दुश्मन को मारकर ही आखिरी सांस ली।
दोस्त को लिखा हुआ खत- चार बार मौत का सामना कर चुका हूं, अच्छे कर्म हैं इसलिए जिंदा हूं...
डियर पवन
जितने लोगों को हो सके मेरा यह लेटर पढ़कर सुनाना। मुझे तुम्हारे दोनों पत्र मिले। दोनों लड़ाई के बीच में ही मिले। इस हाई एल्टीट्यूड पर दुश्मन के साथ लड़ाई सचमुच मुश्किल है। दुश्मन बंकर में छिपा है और हम खुले में हैं। दुश्मन पूरी प्लानिंग के साथ आया है और वह ज्यादातर चोटियों पर कब्जा कर चुका है। शुरुआत में हमारी स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन अब हालात नियंत्रण में है। मैं खुद चार बार मौत का सामना कर चुका हूं। शायद कछ अच्छे कर्म के कारण अब भी जिंदा हूं। हर दिन हमें देशभर से चिटि्ठयां मिल रही हैं।

इसमें लिखा है– जस्ट डू इट। ये देखने में सचमुच अच्छा लग रहा है कि जरूरत और मुश्किल वक्त में हमारा देश एक हो जाता है। मैं नहीं जानता अगले ही पल क्या होगा, लेकिन मैं तुम्हें और देश को भरोसा दिलाता हूं कि हम दुश्मन को धकेल देंगे। इस ऑपरेशन ने इतना कुछ सिखाया है कि उसकी गिनती नहीं। इंडियन आर्मी सचमुच अद्भुत है। वह कछ भी कर सकती है। यहां बहुत सर्दी है, लेकिन बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है। यदि सूरज निकल आए तो दिन ओके हो जाता है। रात में बहुत ठंड होती है माइनस 5 डिग्री। एक रिक्वेस्ट है... मेरे भाई को उसके अहम समय में गाइड करना। सभी दोस्तों को मेरा हैलो कहना। जब मैं लौटूंगा तो हमारे पास कई सारी बातें होंगी करने को। फिर बात करेंगे...।
तुम्हारा मनोज। 19 जून 1999

कैप्टन विजय थापर 29 जून 1999 को कारगिल में शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत वीर चक्र सम्मान दिया गया।

आप उस जगह को आकर देखना जहां हमारी सेना लड़ रही है

कैप्टन विजयंत थापर,वीर चक्र, 2 राजपुताना राइफल्स, नंगल
उनकी प्लाटून दुश्मन के आर्टिलरी फायर में जवान खो चुकी थी। शवों को सुरक्षित स्थान पर भेज वे दुश्मन पर टूट पड़े। वे घायल हो चुके थे। उन्होंने तब ही प्राण छोड़े, जब दुश्मन को मार भगाया।
डियर पापा, मम्मी, बर्डी और ग्रैनी

जब तक आप लोगों को मेरा यह खत मिलेगा, मैं दूर ऊपर आसमान से आप लोगों को देख रहा होऊंगा। मुझे कोई शिकायत, अफसोस नहीं है। और अगर मैं अगले जन्म में फिर से इंसान के रूप में ही पैदा होता हूं तो मैं भारतीय सेना में ही भर्ती होने जाऊंगा और अपने देश के लिए लडूंगा। अगर हो सके तो आप जरूर उस जगह को आकर देखना, जहां आपके कल के लिए भारतीय सेना लड़ रही है। जहां तक यूनिट की बात है नए लड़कों को इस शहादत के बारे में बताया जाना चाहिए।

मुझे उम्मीद है मेरा फोटो मेरे यूनिट के मंदिर में करनी माता के साथ रखा जाएगा। जो कुछ भी आपसे हो सके करना। अनाथालय में कुछ पैसे देना। कश्मीर में रुखसाना को हर महीने 50 रुपए भेजते रहना। और योगी बाबा से भी मिलना। बर्डी को मेरी तरफ से बेस्ट ऑफ लक। देश पर मर मिटने वाले इन लोगों का ये अहम बलिदान कभी मत भूलना। पापा आप को तो मुझ पर गर्व होना चाहिए। मम्मी आप मेरी दोस्त से मिलना, मैं उससे बहुत प्यार करता हूं। मामाजी मेरी गलतियों के लिए मुझे माफ कर देना। ठीक है फिर, अब समय आ गया है जब मैं अपने साथियों के पास जाऊं। बेस्ट ऑफ लक टू यू ऑल। लिव लाइफ किंग साइज।
आपका रॉबिन। जून 1999
यह पत्र करगिल से 1 जुलाई 1999 को सिपाही नरेश जाट ने अपने दादाजी को राजस्थान के भालौत, झुंझुनूं लिखा था।

दादाजी लड़ाई चल रही है, लेकिन आप दिल छोटा मत करना। मैं पीछे नहीं हटूंगा। जरूरत पड़ी तो जैसे पिताजी ने 1971 की लड़ाई में अपना बलिदान दिया था, मैं भी दूंगा।

पिता विंग कमांडर जगन्नाथ आचार्य को 19 जून 1999 को लिखा मेजर पी. आचार्य का पत्र।

आप मौत के बारे में मत सोचिए। मौत की कैसी चिंता। आप हर रोज चारू (पत्नी) को महाभारत की एक कहानी सुनाया करिए। इससे आपके होने वाले पोते या पोती को अच्छे संस्कार मिलेंगे।

बेटी को 26 जून को ग्रेनेडियर अमिरुद्दीन का पत्र। ये पत्र उनकी बेटी को मैनपुरी यूपी में 4 जुलाई को मिला। पत्र के साथ ही परिवार को उनकी शहादत की खबर मिली।

बेटी तुम अपना मैट्रीकुलेशन का फॉर्म समय पर भर देना। मेरा इंतजार मत करना। मैं कुछ दिन बाद लौटकर आऊंगा। जब युद्ध खत्म होगा।

पत्नी राजकुंवर को हवलदार रामसिंह शेखावत ने 3 जुलाई 1999 को यह पत्र लिखा था। पत्र लिखने के बाद वह घर नहीं आ पाए। पत्र शव के साथ ही आया।

आपको कसम तो लगती नहीं, आपने बच्चों के लिए घी वगैरह तो लिया नहीं होगा। आपकी और बच्चों की बहुत याद आती है। आप जल्दी ही पत्र लिखना।

26 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध समाप्ति की घोषणा की गई। भारत के 530 जवान शहीद हुए थे।

सूबेदार मेजर रामपाल सिंह, 34 राष्ट्रीय राइफल्स, झुंझुनू, 12 जुलाई 1999

लौटा तो पांच महीने घर पर ही रहूंगा, बाकी सात महीने सीमा पर...
प्रिय विमला,
खुश रहो। मैं यहां ठीक हूं। आशा करता हूं कि आप भी ईश्वर की कृपा से वहां कुशल होंगे। समाचार यह है कि छुट्टी के बारे में तो आपको पता ही है, सो इसके बारे में लिखने की जरूरत नहीं समझता। विकास का पत्र आया था। मेरी तरफ से कोई फिक्र मत करना। ज्यादा गर्मी में काम नहीं करना है। सुबह शाम जितना होता है कर लेना। सिर्फ उधर ही ध्यान रखना, मेरी चिंता नहीं। अभी मैं पूरी छुट्टी काटूंगा, जमा नहीं कराऊंगा। जब भी मिलेगी, मैं आ जाऊंगा। सो तकरीबन 12 महीने हैं, जिसमें पांच महीने घर और सात महीने ही घर से बाहर सीमा पर रहूंगा। खत आप खुद लिखना।

हवलदार मनीराम, जाट रेजिमेंट, झुंझुनू, 2 मार्च 1999

आपको खुशी होगी कि मैंने शराब बिल्कुल ही छोड़ दी...
पूज्य पिताजी, चरण स्पर्श।
मैं यहां कुशल रहते हुए आप सभी की कुशलता की कामना करता हूं। आगे समाचार यह है कि मैं यह दूसरा पत्र लिख रहा हूं। सो पत्र मिलते ही इसका जवाब शीघ्र देना। मैं अगले महीने की पांच तारीख को छुट्टी पर आने की कोशिश करूंगा। ताकि लावणी भी करवा सकूंगा और शादी भी हो जाएगी। बस जल्दी है तो आप सबसे मिलने की। वरना मैं खूब मजे में हूं। यहां सर्दी तो बहुत ज्यादा है। बाकी सबकुछ ठीक है।

आप लोगों को यह जानकर बहुत खुशी होगी कि मैंने शराब बिल्कुल छोड़ दी है। ज्वार बेच देना। दीपक व पवन की परीक्षा होने वाली है। सो उनको बताना कि दोनों खूब मन लगाकर पढ़ेंं। छुट्टी आने के बाद ये जो कहेंगे वो ही चीज लाकर दूंगा। बाकि सभी पत्र पढ़ने और सुनने वालों को मेरा राम-राम बांचना। बच्चों को प्यार। शेष कुशल से हूं।

नायक सतवीर सिंह कारगिल युद्ध में घायल हो गए थे। उनके पैर में गोली लगी थी।

नायक सतवीर सिंह, 2 राजपूताना राइफल्स, चूरू, 19 जून 1999

16 तारीख का अखबार जरूर पढ़ें, सभी शहीद मेरी ही यूनिट के थे...
पूजनीय माताजी,
पिताजी को पांवधोक बांचना। आप सब कैसे हैं? आज ही बहन सुशीला के पास भी पत्र डाल रहा हूं। सो याद रहे। मेरे बारे में आप कोई चिंता मत करना। मैं यहां बिल्कुल ठीक हूं। 16 तारीख का अखबार जरूर पढ़ें। जो घटना हुई वो सभी शहीद मेरी ही यूनिट के थे। अब ज्यादा खतरा नहीं है। तकरीबन शांति हो गई है। हालात पूरी तरह ठीक होने पर ही मैं छुट्टी की अर्जी दूंगा। सितंबर तक छुट्टी पर आ जाऊंगा, सो ध्यान रहे। पिताजी की तबीयत कैसी है? पत्र का जवाब जल्दी देना। मेरे लायक कोई सेवा हो तो लिखना।

सिपाही हवासिंह, जाट रेजिमेंट, बसमाना,4 जुलाई 1999

पत्र में किसी तरह की गलती हो तो माफ करना...
आदरणीय भाई साहब,
प्रणाम, मैं भगवान से कुशलता के उपरांत कुशलता की कामना करता हूं। आगे समाचार यह है कि आपका लिखा पत्र पढ़ा। 24 जून को लिखा बाबूजी का पत्र मिला। मैं आप से सीधे बात नहीं कर सकता हूं। टेलीफोन नहीं है यहां। पिछले पत्र में मैंने एक नंबर दिया था, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं है। फोन लगे तो भी बीच में ही कट जाता है। मौका मिलेगा तो मैं फोन करूंगा।

यहां तनाव है, लेकिन मेरी ओर से किसी प्रकार की चिंता मत करना। मेरे पास और कोई समाचार नहीं है। शायद आपने सवामणी कर दी होगी। मुझे सवामणी का नाम सुनकर ही खुशी हुई थी। अब पत्र बंद करने की अनुमति चाहता हूं। पत्र में किसी प्रकार की गलती हो तो माफ करना। माताजी को पांव धोक बांचना। भाई साहब को मेरा प्रणाम और छोटों को मेरा प्यार कहना।
(2014 में कारगिल विजय दिवस पर ये चुनिंदा अमर चिट्ठियां हमने दैनिक भास्कर अखबार में छापी थीं, ये चिटि्ठयां अमर जो हैं)

कहानी टाइगर हिल जीतने वाले की /मेरे सभी साथी शहीद हो गए थे, पाकिस्तानियों को लगा मैं भी मर चुका हूं, उन्होंने मेरे पैरों पर गोली मारी, फिर सीने पर, जेब में सिक्के रखे थे, उसने बचा लिया



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Letters From Kargil: The Kargil war through our soldiers' eyes


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1. अस्तबल से घोड़े निकल रहे हैं...
आपने ऊपर जो तस्वीर देखी, उस पर मत जाइए, क्योंकि राजनीति में मुस्कुराहटें बदल भी सकती हैं। 2018 के रंग 2020 में बदल गए हैं। कांग्रेस में बागी-2 टाइप की सिचुएशन आ गई है। मध्यप्रदेश में सिंधिया की बगावत को चार महीने भी नहीं बीते थे कि राजस्थान में डिप्टी सीएम सचिन पायलट के इसी तरह के तेवर नजर आने लगे।

अशोक गहलोत की सरकार गिराने की साजिश का जैसे ही खुलासा हुआ, एक दिन के अंदर पायलट ने गियर बदल लिए। वे फाइटर पायलट वाली भूमिका में आ गए और 12 विधायकों को लेकर दिल्ली पहुंच गए।

इस सबके बीच, ये तो मानना होगा कि कांग्रेस नेताओं के बयानों में इनोवेशन हो रहा है। पहले अशोक गहलोत ने विधायकों की खरीद-फरोख्त को बकरा मंडी से जोड़ दिया। अब कपिल सिब्बल घोड़े-अस्तबल की बात कर रहे हैं। पूछ रहे हैं- ‘क्या घोड़ों के अस्तबल से निकलने के बाद ही हम जागेंगे?’ हालांकि, ये समझ नहीं आया कि इसमें ‘हम’ और ‘अस्तबल’ से उनके मायने कांग्रेस से हैं या देश की राजनीतिक व्यवस्था से हैं?

अब कुछ बातें जो हमारे रिपोर्टर्स ने बताईं...

  • पहली- स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का नोटिस आने के बाद से पायलट समर्थक विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दी हैं और अब गहलोत के साथ काम करना नामुमकिन है। विधायक सवाल करने लगे हैं कि आपणो मुख्यमंत्री कौन?
  • दूसरी- राजस्थान में कांग्रेस की हालत मध्यप्रदेश जितनी बुरी भी नहीं। 200 विधायकों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 का आंकड़ा है। भाजपा 72 पर है। जो 13 विधायक गहलोत सरकार के साथ हैं, वे भाजपा के साथ आ जाएं, तो भी आंकड़ा 85 तक ही पहुंचता है। कांग्रेस के कम से कम 15 विधायक अपनी विधायकी छोड़ दें और फिर निर्दलीय और बाकी छोटे दलों के सभी विधायक भाजपा के साथ आ जाएं, तभी भाजपा की सरकार बन सकती है।

आज क्या होगा?
सीएम गहलोत ने विधायक दल की बैठक बुलाई है। यहां लगने वाली विधायकों की हाजिरी से स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है।

2. ट्रम्प का मास्क
ऊपर हुई देश की बात। अब चलते हैं विदेश। खबर है अमेरिका से। ट्रम्प यहां के अब तक के सबसे चर्चित राष्ट्रपति हैं। मार्च से दुनियाभर में कोरोना की चर्चा है, लेकिन ट्रम्प जुलाई में जाकर पहली बार मास्क पहने दिखे हैं। एक बार मई में फोर्ड के प्लांट में उनकी मास्क पहने फोटो दूर से खींची गई। यह सोशल मीडिया पर आई, लेकिन वेरिफाई नहीं हो सकी। इसके बाद वे खुलकर मास्क का विरोध करते रहे।

अब मास्क पहनने के बाद उन्होंने जो कहा है, उसे सुनकर उनके विरोधी भी शरमा जाएंगे। उन्होंने कहा- ‘मैं कभी भी मास्क पहनने के खिलाफ नहीं था, लेकिन इसे पहनने का सही वक्त और जगह होती है।’ यानी ट्रम्प के हिसाब से मास्क पहनने का सही वक्त अब जाकर आया है।

3. अक्टूबर में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया जाएगी
भारतीय क्रिकेट टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा अब पक्का है, लेकिन ये दौरा अभी नहीं होगा, अक्टूबर में होगा। तब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में तीन टी-20 खेलेगी। बीसीसीआई प्रेसिडेंट सौरव गांगुली ने कहा कि हमने दौरे को मंजूरी दे दी है। अब हम चाहते हैं कि खिलाड़ियों का क्वारैंटाइन पीरियड कम किया जाए, क्योंकि दो हफ्ते होटल के रूम में रहना बहुत मुश्किल होगा। यह खिलाड़ियों के लिए डिप्रेसिंग और डिसपॉइंटिंग होगा।

4. आज का दिन कैसा रहेगा?
इसे एस्ट्रोलॉजी और न्यूमरोलॉजी, दोनों तरह से समझ लेते हैं। एस्ट्रोलॉजी कहती है कि सोमवार को दो शुभ योग बन रहे हैं। इससे पांच राशियों मेष, वृष, मिथुन, सिंह और कुंभ के लिए दिन फायदे वाला हो सकता है। इन्वेस्टमेंट के लिहाज से आपके लिए दिन ठीक है। तुला, वृश्चिक और मकर राशि वालों को संभलकर रहना चाहिए।

न्यूमरोलॉजी कहती है कि सोमवार को तारीख है 13 और इसका मूल अंक 4 है। आज 2 अंक वालों को फायदा मिल सकता है, 5 अंक वालों को थकान रह सकती है। अभी कोरोना चल रहा है, आप कहीं जाना नहीं चाहेंगे, फिर भी 8 अंक वालों के लिए विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं।

5. आज से जुड़ी तीन खबरें

  • 4 शहरों में आज से लॉकडाउन

महाराष्ट्र के पुणे और ठाणे, कश्मीर के श्रीनगर और मेघालय के शिलॉन्ग में लॉकडाउन लगने जा रहा है। पुणे में लॉकडाउन इसलिए जरूरी हो गया है, क्योंकि जुलाई के 12 दिनों में यहां कोरोना के मामले 20 हजार से बढ़कर 28 हजार से ज्यादा हो गए हैं। यहां सोमवार आधी रात से 23 जुलाई तक फुल लॉकडाउन रहेगा। ठाणे में 19 जुलाई, शिलॉन्ग में 15 जुलाई तक लॉकडाउन रहेगा। श्रीनगर के 68 कंटेनमेंट जोन में सोमवार से लॉकडाउन शुरू होगा। यह कब तक चलेगा, यह साफ नहीं है।

  • विकास दुबे मामले में आज हो सकती है सुनवाई

पिछले दिनों गैंगस्टर विकास दुबे का कानपुर के पास एनकाउंटर हो गया। पुलिस उसे जिस गाड़ी में ले जा रही थी, वह पलट गई। हादसे के बाद भागने की कोशिश में वह मारा गया। इस एनकाउंटर की सीबीआई या एसआईटी से जांच कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई पिटीशंस दायर हुई हैं। इन पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है।

  • गूगल के प्रोडक्ट की लॉन्चिंग आज

गूगल ने शनिवार रात एक ट्वीट किया था। उसमें लिखा था, ‘गहरी सांस लें और तैयार रहें। इस सोमवार कुछ खास आ रहा है।’ माना जा रहा है कि गूगल अपना स्मार्ट स्पीकर लॉन्च कर सकता है। आज दोपहर 2 बजे से इसके वर्चुअल इवेंट की भारत में स्ट्रीमिंग होगी। इसमें गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई भी बोल सकते हैं।



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फोटो 14 दिसंबर 2018 की है। राजस्थान में कांग्रेस जीत गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री तय नहीं हो पा रहा था। तब राहुल कांग्रेस अध्यक्ष थे। गहलोत और पायलट से लंबी मुलाकात के बाद उन्होंने यह फोटो ट्वीट की थी।


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Saturday, July 11, 2020

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जम्मू-कश्मीर में सोपोर जिले के रेबन इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच शनिवार रात से मुठभेड़ जारी है। एक अफसर ने बताया कि यहां आतंकियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिली थी। इस पर पुलिस, 22 राष्ट्रीय रायफल्स और सीआरपीएफ की टीम ने इलाके में तलाशी शुरू की, तभी छिपे हुए दहशतगर्दों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी।पुलिस सूत्रों ने बताया कि इलाके में 2 से 3 आतंकियों को घेरा गया है।

पिछले महीने सोपोर के ही मॉडल टाउन में आतंकी हमले में एक नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि सीआरपीएफ का एक जवान शहीद हो गया था। तभी से सोपोर के अलग-अलग इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इलाके में 2 से 3 आतंकियों को घेरा गया है।

कल त्राल में 2 आतंकी मारे गए थे

कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में शनिवार तड़केसुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी इदरीस भट था। वह 2018 में पाकिस्तान गया था। आतंकीएलओसी पर फेंसिंग काटकरघुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। उनके पास दो एके-47 और भारी मात्रा में गोला बारूद था। सेना के प्रवक्ता ने कहा कि सीमा पार आतंकी लॉन्चपैड पूरी तरह सक्रिय हैं, वहां250 से 300 आतंकी मौजूद हैं।

इस महीने 6आतंकी मारे गए
सुरक्षाबलों ने इस महीने में अब तक 6 आतंकी मार गिराए हैं। इससे पहले पुलवामा जिले के गोसू इलाके में एक आतंकी को मार गिराया था। वहीं, एक जवान भी शहीद हो गया था। 4 जुलाई को कुलगाम के अर्राह इलाके में हिजबुल मुजाहिदीन के 2 आतंकी मारे गए थे। 2 जुलाई को श्रीनगर के मालबाग में आईएस का 1 आतंकी ढेर किया गया था।

पिछले महीने 18 एनकाउंटर में 51 आतंकी मारे गए

  • जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ के अलर्ट के बाद सुरक्षाबलों ने मई से सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है। पिछले महीने 18 एनकाउंटर में 51 आतंकी मारे गए।
  • कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि श्रीनगर में आतंकियों का आना-जाना जारी है। वे इलाज करवाने, फंड जुटाने और मीटिंग करने के लिए श्रीनगर आते हैं, लेकिन हम कोशिश करेंगे कि वे यहां बेस नहीं बना पाएं। आतंकियों के आने की खबर मिलने पर एनकाउंटर होते रहेंगे।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...

1.अनंतनाग जिले के वाघमा इलाके में सुरक्षाबलों ने 2 आतंकी मार गिराए, 24 घंटे में 5 आतंकियों का एनकाउंटर

2.हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर मसूद समेत 3 आतंकी ढेर, पुलिस ने डोडा जिले को आतंकवाद मुक्त घोषित किया



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पुलिस, 22 राष्ट्रीय रायफल्स और सीआरपीएफ की टीम ने इलाके में तलाशी शुरू की थी, तभी छिपे हुए दहशतगर्दों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। 


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