Sunday, August 23, 2020

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खबरों की दुनिया में कल क्या घटा और आज क्या होने वाला है? कल की बड़ी खबरें आपने मिस कर दी हों या आज की बड़ी खबरें जानना चाहते हैं तो पढ़िए ये मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ।

सबसे पहले बात उन खबरों की, जिन पर आज नजरें रहेंगी

  • सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक होनी है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में नए अध्यक्ष पर फैसला संभव है। मीटिंग सुबह 11 बजे होगी।
  • सुप्रीम कोर्ट के अवमानना केस में वकील प्रशांत भूषण को उनके बगावती बयान पर पुनर्विचार करने और बिना शर्त माफी मांगने की समय सीमा आज खत्म हो जाएगी।
  • सुशांत केस में सीबीआई जांच को आगे बढ़ाएगी। सुशांत, रिया और इस केस से जुड़े दूसरे लोगों की कॉल डिटेल खंगालेगी।
  • अयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में विशेष अदालत के सामने बचाव पक्ष की ओर से आज लिखित जवाब दाखिल करने का आखिरी दिन है।
  • मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX24 आज देश का पहला बुलियन इंडेक्स Bulldex लॉन्च करने जा रहा है।
  • मोटोरोला मोटो जी 9 स्मार्टफोन से पर्दा उठाया जाएगा। मोटोरोला के इस हैंडसेट में बड़ी बैटरी और बेहतरीन कैमरा होने की खबरें हैं।

अब बात उन खबरों की, जो कल आ चुकीं

  • क्या कांग्रेस में होगा बदलाव? कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ेंगी सोनिया​​​​​​

कहा जाता है कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है, लेकिन कांग्रेस पार्टी बदलाव को लेकर बेहद डरी हुई है। कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी का कार्यकाल 10 अगस्त को खत्म हो गया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि वह इस पद पर अब नहीं रहना चाहती। अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस के 23 नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर ऊपर से नीचे तक बदलाव करने की मांग की है। इसलिए संभव है कि सोमवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में पार्टी के अध्यक्ष पद पर फैसला हो जाए। चिट्ठी लिखने वालों में 5 पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, सांसद और कई पूर्व केंद्रीय मंत्री शामिल हैं।

आखिर क्या लिखा है खत में, पढ़ें पूरी खबर

  • सुशांत केस में दोस्त सिद्धार्थ, कुक और हेल्पर से 3 घंटे पूछताछ

सुशांत केस में रविवार को सीबीआई जांच का तीसरा दिन था। सीबीआई टीम ने सुशांत के फ्लैट पर उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी, हेल्पर दीपेश और कुक नीरज सिंह से 3 घंटे तक पूछताछ की। टीम ने उनसे 13 और 14 जून की घटना के बारे में सवाल किए। सूत्रों का कहना है कि क्राइम सीन सीक्वेंस, लाश उतारने और 13-14 जून की घटना के बारे में तीनों के बयान विरोधाभासी हैं। सीबीआई जल्द ही रिया चक्रवर्ती से भी पूछताछ करेगी। टीम सुशांत, रिया और इस केस से जुड़े दूसरे लोगों की कॉल डिटेल खंगालेगी।

सवाल-जवाब में कैसे उलझे सिद्धार्थ, दीपेश और नीरज, पढ़ें पूरी खबर

  • आईएस आतंकी अबू यूसुफ बनना चाहता था मानव बम

अगली खबर भारत में आईएस के दखल से जुड़ी है, जिसने हमारी सुरक्षा एजेंसियों की नींद हराम कर दी है। दिल्ली में गिरफ्तार इस्लामिक स्टेट का आतंकी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम मानव बम बनना चाहता था। यूपी के बलरामपुर स्थित उसके घर से दो मानव बम जैकेट, विस्फोटक, आईएस का झंडा और भड़काऊ साहित्य बरामद किया गया है। अबू के पिता यूसूफ अहमद ने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि उनका बेटा इस काम में शामिल है तो वह उसे रोकते या घर से निकाल देते।

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  • कब खत्म होगी महामारी? WHO ने बताया

कोराेना महामारी काे लेकर हर दिन बयान देने वाली WHO ने एक और नया बयान देकर थोड़ी उम्मीद जगाई है। WHO के प्रमुख टेड्रोस गेब्रियेसस ने कहा है कि महामारी दो साल में खत्म हो सकती है। उन्होंने कहा कि 1918 में स्पेनिश फ्लू को खत्म होने में भी दो साल का समय लगा था। आज तकनीकी में काफी तरक्की हो चुकी है, इसलिए कोरोना को कम समय में रोका जा सकता है।

WHO ने भारत की तारीफ क्यों की, पढ़ें पूरी खबर

  • पाकिस्तान में जबरन धर्म परिवर्तन कर हिंदू लड़की का निकाह करवाया

अगली खबर पड़ोसी देश पाकिस्तान से है। अभी एक दिन पहले कराची में 80 साल पुराना हनुमान मंदिर तोड़ा गया है। इस घटना की पूरी दुनिया में निंदा हो ही रही थी कि सिंध प्रांत से एक हिंदू लड़की का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करवाने की घटना सामने आई है। इतना ही नहीं जब लड़की के परिवार वालों ने इसकी एफआईआर करानी चाही तो पुलिस ने उन्हें थाने से भगा दिया।

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  • अमेरिकी चुनाव प्रचार में ट्रम्प को मोदी का सहारा

अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट की ओर से उपराष्ट्रपति पद के लिए कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाया गया है। इससे ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को भारतीय वोटों के डेमोक्रेटिक पार्टी में जाने का डर है। ऐसे में ट्रम्प ने चुनाव प्रचार में मोदी के साथ अपनी दोस्ती का वीडियाे जारी किया है। यह वीडियो ट्रम्प के अहमदाबाद दौरे से जुड़ा है। दोनों नेता इसमें मोटेरा स्टेडियम में एक दूसरे का हाथ थाम कर चलते और हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करते नजर आ रहे हैं।

ट्रम्प कह रहे हैं- अमेरिका भारत को प्यार करता है, पढ़ें पूरी खबर

24 अगस्त के इतिहास की दो बड़ी घटनाएं

  • आज कोलकाता का जन्मदिन है। 24 अगस्त 1690 में ईस्ट इंडिया कंपनी की राजधानी रहे कलकत्ता शहर की कथित तौर पर स्थापना हुई थी। उस समय कोलकाता व्यापारियों, ईस्ट इंडिया कंपनी के एजेंटों और वैश्विक शक्ति का केंद्र हुआ करता था।
  • अंग्रेजों के प्रति हमारी गुलामी की नींव आज ही के दिन करीब 412 साल पहले पड़ी थी। 1600 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने महारानी से नए बाजार तलाशने की अनुमति ली। इसके करीब आठ साल बाद यानी 1608 में ईस्ट इंडिया कंपनी का पहला जहाज हेक्टर सूरत के तट पर पहुंचा था। पहले कंपनी ने यहां कब्जा जमाया और फिर 1858 तक अपना साम्राज्य फैलाते चली गई। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश महारानी ने भारत का शासन अपने हाथ में ले लिया था।

पहले कंपनी ने यहां कब्जा जमाया और फिर पूरे देश को गुलामी की जंजीरों में जकड़ लिया। फिर आया वो दिन जब इन जंजीरों को देश ने तोड़ दिया। ऐसे में मशहूर कवि और लेखक रामधारी सिंह दिनकर ने जो लिखा वो आप भी पढ़िए..



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There will be a big change in Congress, friends at Sushant's flat, interrogation of cook and helper, IS wanted to become a terrorist


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Saturday, August 22, 2020

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देश में पहली बार एक दिन में कोरोना के 70 हजार 67 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा 30.43 लाख हो गया। बीते 24 घंटे में 59 हजार 101 मरीज ठीक हो गए, जबकि 918 लोगों ने इस बीमारी से जान गंवाई। 10 हजार 40 एक्टिव केस बढ़े। 15 दिन में पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा एक्टिव केस बढ़े हैं। इससे पहले 6 अगस्त को एक दिन में 10 हजार 130 एक्टिव केस बढ़े थे। अब कुल 7.06 लाख एक्टिव केस हैं, यानी इतने मरीजों का इलाज चल रहा है।

1. मध्यप्रदेश
राज्य में शनिवार को संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा 1226 नए मामले सामने आए। प्रदेश में अब तक 51 हजार 866 लोग संक्रमित हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या अब 1206 हो गई है। राज्य के 52 में से 19 जिलों में रिकवरी रेट 80% से ज्यादा हो गया है। इनमें 94.4% के साथ मुरैना पहले नंबर पर है। वहीं, भोपाल और उज्जैन में 81-81% मरीज ठीक हो चुके हैं।

2. राजस्थान
राज्य में बीते 24 घंटे में 1310 मामले सामने आए। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 69 हजार 264 पहुंच गया। 11 लोगों की मौत भी हो गई। इनमें जयपुर में 3, अजमेर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, पाली, सीकर, उदयपुर, कोटा और टोंक में 1-1 की मौत हुई। जिसके बाद कुल मौत का आंकड़ा 944 पहुंच गया। इस बीच, बारां में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर 27 अगस्त तक पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया है।

3. उत्तरप्रदेश
राज्य में बीते 24 घंटे में संक्रमण के सबसे ज्यादा 5217 मामले आए। इससे पहले 19 अगस्त को 5076 केस आए थे। 24 घंटे में 4638 मरीज ठीक हुए, जबकि 70 लोगों की मौत हो गई। 509 एक्टिव केस बढ़े। लगातार 5 दिन की गिरावट के बाद एक्टिव केस में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां शनिवार को 1.25 लाख टेस्ट किए गए। यह देश में सबसे ज्यादा है।

4. महाराष्ट्र
राज्य में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 14 हजार 492 नए मामले सामने आए। यह तीसरा दिन था जब राज्य में 14 हजार से ज्यादा केस आए। यहां गुरुवार को 14 हजार 647 और शुक्रवार को 14 हजार 161 केस आए थे। राज्य में संक्रमण में सबसे बदतर हालत पुणे की है। यहां मुंबई से भी ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। जिले में कुल 1.47 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से करीब 50 हजार मरीज बीते 18 दिनों में ही बढ़े हैं।

5. बिहार
राज्य में बीते 24 घंटे में 2238 केस आए, जबकि 3531 मरीज ठीक हो गए। 1306 एक्टिव केस कम हुए। यह लगातार 7वां दिन था, जब एक्टिव केस में कमी दर्ज की गई। राज्य में शनिवार को 1.02 लाख टेस्ट किए गए। उत्तरप्रदेश के बाद यहां सबसे ज्यादा जांच की जा रही हैं। यहां अब तक 23.31 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं।



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यह फोटो जयपुर की है। कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शहर का मुखड़ा कहे जाने वाले अलबर्ट हॉल पर भी मास्क लगा दिया गया है।


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दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 2 करोड़ 33 लाख 77 हजार 806 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 59 लाख 4 हजार 288 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 8 हजार 588 की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मास्क पहनने के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं।

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों को बड़े लोगों की तरह ही मास्क पहनना चाहिए। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सामान्य स्थिति में मास्क पहनने की जरूरत नहीं है। 6 साल से 11 साल के बीच बच्चे अगर बुजुर्ग या संक्रमण के खतरे वाले दूसरे लोगों के संपर्क में आ रहे हैं तो उनके लिए भी मास्क पहनना जरूरी है।

मैक्सिको में शनिवार को 6482 मामले सामने आए और 644 मौतें हुईं। इसके साथ ही यहां मौतों का आंकड़ा 60 हजार 254 हो गया है। देश में संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख 56 हजार 216 हो गया है। मौतों के मामले में यह दुनिया में अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे नंबर पर है। मैक्सिको सरकार ने इसी हफ्ते देश में रूस के वायरस के ह्यूमन ट्रायल करने को मंजूरी भी दी है।

इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 58,41,428 1,80,174 31,48,080
ब्राजील 35,82,698 1,14,277 27,09,638
भारत 30,43,436 56,846 22,79,900
रूस 9,51,897 16,310 7,67,477
साउथ अफ्रीका 6,07,045 12,987 5,04,127
पेरू 5,85,236 27,453 3,91,144
मैक्सिको 5,56,216 60,254 3,80,492
कोलंबिया 5,33,103 16,968 3,59,792
स्पेन 4,07,879 28,838 उपलब्ध नहीं
चिली 3,95,708 10,792 3,69,730

ब्राजील: 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा मामले
ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि बीते 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही देश में संक्रमितों का आंकड़ा 35 लाख के पार हो गया है। यहां शनिवार को 892 मौतें हुईं। देश में अब मृतकों का आंकड़ा 1 लाख 14 हजार 250 हो गया है। डब्ल्यूएचओ की टीम शनिवार को पांच दिन के दौरे पर ब्राजील पहुंची। इसके एक्सपर्ट सरकारी अधिकारियों के साथ संक्रमण पर काबू पाने के नए उपायों पर विचार करेंगे।

इटली: रोम क्षेत्र में संक्रमण बढ़ा
रोम के इटली क्षेत्र में संक्रमण बढ़ रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, यहां बीते 24 घंटे में 215 नए मामले सामने आए हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं जो सार्डीनिया से अपनी छुटि्टयां बिता कर लौटे हैं। राजधानी रोम को इस साल मार्च से ही लॉकडाउन किया गया था। बीते हफ्ते यहां राहत दी गई है और बाहर के लोगों को आने की मंजूरी दी गई है। देश में अब तक 2 लाख 58 हजार से ज्यादा मामले सामने आए हैं और 35 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं।



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मैक्सिको की राजधानी न्यू मैक्सिको सिटी में में शनिवार को कब्र तैयार करता एक कर्मचारी। देश में शनिवार को 644 मौतें हुईं।


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देश में पहली बार एक दिन में कोरोना के 70 हजार 67 नए मरीज मिले हैं। इसके साथ ही कुल संक्रमितों का आंकड़ा 30.43 लाख हो गया। बीते 24 घंटे में 59 हजार 101 मरीज ठीक हो गए, जबकि 918 लोगों ने इस बीमारी से जान गंवाई। 10 हजार 40 एक्टिव केस बढ़े। 15 दिन में पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा एक्टिव केस बढ़े हैं। इससे पहले 6 अगस्त को एक दिन में 10 हजार 130 एक्टिव केस बढ़े थे। अब कुल 7.06 लाख एक्टिव केस हैं, यानी इतने मरीजों का इलाज चल रहा है।

1. मध्यप्रदेश
राज्य में शनिवार को संक्रमण के एक दिन में सबसे ज्यादा 1226 नए मामले सामने आए। प्रदेश में अब तक 51 हजार 866 लोग संक्रमित हो चुके हैं। पिछले 24 घंटों में 21 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या अब 1206 हो गई है। राज्य के 52 में से 19 जिलों में रिकवरी रेट 80% से ज्यादा हो गया है। इनमें 94.4% के साथ मुरैना पहले नंबर पर है। वहीं, भोपाल और उज्जैन में 81-81% मरीज ठीक हो चुके हैं।

2. राजस्थान
राज्य में बीते 24 घंटे में 1310 मामले सामने आए। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 69 हजार 264 पहुंच गया। 11 लोगों की मौत भी हो गई। इनमें जयपुर में 3, अजमेर, भीलवाड़ा, हनुमानगढ़, पाली, सीकर, उदयपुर, कोटा और टोंक में 1-1 की मौत हुई। जिसके बाद कुल मौत का आंकड़ा 944 पहुंच गया। इस बीच, बारां में कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर 27 अगस्त तक पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया गया है।

3. उत्तरप्रदेश
राज्य में बीते 24 घंटे में संक्रमण के सबसे ज्यादा 5217 मामले आए। इससे पहले 19 अगस्त को 5076 केस आए थे। 24 घंटे में 4638 मरीज ठीक हुए, जबकि 70 लोगों की मौत हो गई। 509 एक्टिव केस बढ़े। लगातार 5 दिन की गिरावट के बाद एक्टिव केस में बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां शनिवार को 1.25 लाख टेस्ट किए गए। यह देश में सबसे ज्यादा है।

4. महाराष्ट्र
राज्य में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 14 हजार 492 नए मामले सामने आए। यह तीसरा दिन था जब राज्य में 14 हजार से ज्यादा केस आए। यहां गुरुवार को 14 हजार 647 और शुक्रवार को 14 हजार 161 केस आए थे। राज्य में संक्रमण में सबसे बदतर हालत पुणे की है। यहां मुंबई से भी ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। जिले में कुल 1.47 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से करीब 50 हजार मरीज बीते 18 दिनों में ही बढ़े हैं।

5. बिहार
राज्य में बीते 24 घंटे में 2238 केस आए, जबकि 3531 मरीज ठीक हो गए। 1306 एक्टिव केस कम हुए। यह लगातार 7वां दिन था, जब एक्टिव केस में कमी दर्ज की गई। राज्य में शनिवार को 1.02 लाख टेस्ट किए गए। उत्तरप्रदेश के बाद यहां सबसे ज्यादा जांच की जा रही हैं। यहां अब तक 23.31 लाख टेस्ट किए जा चुके हैं।



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कल क्या हुआ और आज क्या होने वाला है? यह जानने के लिए रोज की तरह हम हाजिर हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ के साथ। सबसे पहले वह खबरें जिन पर आज नजर रहेगी।

  • सुशांत केस में सीबीआई आज कुछ और लोगों से पूछताछ कर सकती है। मुंबई में एजेंसी के 16 लोग इस मामले की जांच के लिए मौजूद हैं।
  • बंगाल की खाड़ी से उठा मानसून का सिस्टम देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय है। मौसम विभाग ने आज के लिए मध्य प्रदेश और राजस्थान के लिए अलर्ट जारी किया है।
  • आज यूईएफए चैम्पियंस लीग का फाइनल है। रात 12.30 बजे से बायर्न म्यूनिख और पेरिस सेंट जर्मन के बीच खिताबी जंग होगी।

अब जरा, कल की बड़ी खबरों से गुजर लेते हैं

ब्लैक लिस्ट होने से बचने के लिए पाकिस्तान की नई चाल
पाकिस्तान ने 88 प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों और हाफिज सईद, मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम पर बैन लगा दिया है। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की अक्टूबर में होने वाली मीटिंग से पहले यह प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसका मकसद ब्लैक लिस्ट होने से बचना है। पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में है। इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि अगली बैठक में पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट किया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर...

बीएसएफ ने पांच घुसपैठिए मार गिराए
पंजाब के तरनतारन में बीएसएफ ने पाकिस्तान बॉर्डर पर 5 घुसपैठियों को मार गिराया। मारे गए पांचों घुसपैठियों के पास से एक एके-47 राइफल और 4 पिस्टल और 9.5 किलो हेरोइन मिली है। इनके ड्रग तस्कर होने का शक है। उधर, जम्मू-कश्मीर के बारामूला में भी सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया है। पढ़ें पूरी खबर...

सुशांत के कुक और दोस्त को लेकर सीबीआई छत पर भी पहुंचीं।

सीबीआई ने सुशांत के दोस्त और कुक से की पूछताछ
सुशांत सिंह राजपूत केस में सीबीआई की जांच अब तेजी पकड़ रही है। सीबीआई की 16 सदस्यीय टीम मुंबई में है। जांच के दूसरे दिन सुशांत के दोस्त सिद्धार्थ पिठानी और कुक नीरज सिंह से पूछताछ की गईं। सुशांत की ऑटोप्सी (पोस्टमॉर्टम) रिपोर्ट भी सामने आ गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक- सुशांत के गले पर 33 सेमी लंबा 'लिगेचर मार्क था। बोलचाल की भाषा में इसे 'गहरा निशान' कहते हैं। जो बताता है कि गले पर रस्सी या ऐसी ही किसी चीज से भारी दबाव पड़ा। हालांकि, इस रिपोर्ट पर सुशांत के पिता के वकील सवाल खड़ा कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

दिल्ली पुलिस ने नाकाम की आतंकी साजिश

दिल्ली पुलिस ने एनकाउंटर के बाद एक आतंकी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस आतंकी का संबंध आईएसआईएस यानी इस्लामिक स्टेट से है। उसका नाम अबू यूसुफ खान है। वह लोन वुल्फ अटैक यानी अकेले ही दिल्ली के भीड़-भाड़ वाले इलाके में हमला करने की फिराक में था। पढ़ें पूरी खबर...

पाकिस्तान में 80 साल पुराना हनुमान मंदिर तोड़ा गया
कराची में आजादी के पहले बने एक हनुमान मंदिर को तोड़ दिया गया है। इस मंदिर के आसपास बने हिंदू परिवारों के 20 से ज्यादा मकान भी तोड़ दिए गए हैं। खबरों के मुताबिक, एक बिल्डर इस जगह पर कॉलोनी बना रहा है और उसने कराची प्रशासन की मदद से यह जगह खाली कराई है। मंदिर की मूर्तियां भी गायब कर दी गई हैं। पढ़ें पूरी खबर...

नीट यूजी परीक्षा की गाइडलाइन जारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सितंबर में होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) यूजी 2020 के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें बताया गया है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए करीब 15 लाख स्टूडेंट्स किस तरह परीक्षा में हिस्सा ले सकेंगे।

संक्रमण से बचाव के लिए परीक्षा की पूरी प्रक्रिया टच फ्री रहेगी। एग्जाम सेंटर में एक साथ होने वाली भीड़ को रोकने के लिए कैंडिडेट्स को रिपोर्टिंग के लिए टाइम स्लॉट भी दिए जाएंगे। थर्मल स्क्रीनिंग में यदि किसी में कोरोनावायरस के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उन्हें अलग से आइसोलेशन रूम में परीक्षा देनी होगी। पढ़ें पूरी खबर...

आज का इतिहास

  1. 1456 में 23 अगस्त यानी आज ही के दिन जर्मनी के योहानेस गुटेनबर्ग ने आधुनिक ढंग के दुनिया के पहले छापेखाने में बाइबिल की पहली प्रति छापी। यह गुटेनबर्ग बाइबिल के नाम से ही दुनिया में प्रसिद्ध हुई।

कोरोनावायरस को काबू करने के लिए इस समय 170 से ज्यादा वैक्सीन पर काम हो रहा है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अभी करीब 30 वैक्सीन अलग-अलग ह्यूमन ट्रायल्स के फेज में हैं। वैज्ञानिक मान रहे हैं कि वैक्सीन के इतिहास में सबसे तेजी से बनने वाली वैक्सीन कोरोना की ही होगी। यह बात उम्मीद पैदा करती है। तो आखिर में बाइबिल से एक उद्धरण-



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Pak Admits Dawood Ibrahim Address As Karachi,hanuman temple mandir demolished in pakistan


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इतिहास में 23 अगस्त बेहद महत्वपूर्ण है। 54 साल पहले इसी दिन पता चला था कि हमारी चांद से हमारी पृथ्वी कैसे दिखती है। हालांकि, यह अंतरिक्ष से धरती की पहली तस्वीर नहीं थी, क्योंकि इससे पहले 1940 के दशक में रॉकेट्स से, 1950 के दशक में सैटेलाइट्स ने पृथ्वी की तस्वीरें खींची थी। लेकिन उसमें कुछ हिस्से ही दिखाई दिए थे।

अमेरिका में पेटेंट को लेकर हल्दी के बारे में भारतीय पारंपरिक ज्ञान को चुनौती मिली थी। भारत ने इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और चार साल बाद आज ही के दिन 1997 में इसका पेटेंट रद्द हुआ। 1947 में इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल उप-प्रधानमंत्री बने।

भारत ने जीता था हल्दी युद्ध

डाक विभाग ने 2009 में यह डाक टिकट जारी किया था, जिसमें हल्दी के साथ-साथ धनिया और मिर्च की तस्वीरें भी थी। इसकी कीमत 20 रुपए यानी 2000 पैसे की कीमत रखी गई थी।
  • यूएस पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस ने 1994 में मिसीसिपी यूनिवर्सिटी के दो रिसर्चर्स सुमन दास और हरिहर कोहली को हल्दी के एंटीसेप्टिक गुणों के लिए पेटेंट दे दिया था। इस पर भारत में खूब बवाल मचा था। भारत की काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) ने मुकदमा लड़ा।
  • दावा किया कि भारत में यह हल्दी के एंटीसेप्टिक गुण भारत के पारंपरिक ज्ञान में आते हैं। इसके गुण तो भारत के आयुर्वेदिक ग्रंथों में लिखे हैं। तब जाकर यूएस पीटीओ ने आज ही के दिन 1997 में दोनों रिसर्चर्स का पेटेंट रद्द किया।

सरदार पटेल उप-प्रधानमंत्री बने

चित्र 1950 का है जब सरदार पटेल ने देश के पहले गृहमंत्री के तौर पर शपथ ली थी।
  • 15 अगस्त 1947 को भारत के आजाद होने के बाद जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने। इसके करीब आठ दिन बाद 23 अगस्त 1947 को सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले उप-प्रधानमंत्री बने। उस समय जूनागढ़ और हैदराबाद भारत में शामिल नहीं हुए थे।
  • पटेल ने नवंबर 1947 को और 1948 में हैदराबाद को भारत में शामिल कर लिया। इतना ही नहीं, सोमनाथ के मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया और उसे पूरा भी किया।

इसके अलावा इतिहास में आज के दिन को इन घटनाओं के लिए भी याद किया जाता हैः-

  • 1839: ब्रिटिश सेनाओं ने चीन को हराकर हांगकांग पर कब्जा किया। 1997 में ब्रिटिशर्स ने हांगकांग को छोड़ दिया। तब से हांगकांग चीन से आजादी के लिए संघर्ष कर रहा है।
  • 1939: जर्मनी और सोवियत संघ ने संधि पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत दोनों देशों ने तय किया कि वे एक-दूसरे पर हमला नहीं करेंगे।
  • 1990: आर्मेनिया सोवियत संघ का हिस्सा था। सोवियत संघ में जनक्रान्ति के संघर्ष के बाद 23 अगस्त को इसे स्वतंत्रता प्रदान की गई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मान्यता 25 दिसंबर 1990 को मिली।
  • 2003: ब्राजील में अंतरिक्ष यान में प्रक्षेपण से पूर्व ही विस्फोट हो जाने से कम से कम 21 लोग मारे गए।
  • 2007: पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहे पाकिस्तान के पूर्व मुख्यमंत्री नवाज शरीफ को स्वदेश वापसी की अनुमति दी।
  • 2011: चीनी विज्ञान अकादमी के वैज्ञानिकों ने ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी के उद्गम स्थल का पता लगाया तथा उनके मार्ग की लंबाई की सैटेलाइट मैपिंग की।


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काशी के साकेत नगर में सुधीर सिंह का घर दूर से ही पहचान में आ जाता है। घर के बाहर खड़ी दो स्कार्पिओ कार और बंदूकों के साथ गश्त करते तीन सुरक्षा गार्ड इस घर को बाकियों से अलग कर रहे हैं। सुधीर सिंह वही व्यक्ति हैं जो काशी में सबसे मजबूती से यह दावा कर रहे हैं कि अयोध्या के बाद अब ‘काशी-मथुरा बाकी है’ के नारे को हकीकत में बदलने का समय आ गया है। वे कहते हैं, ‘अगर लॉकडाउन न हुआ होता तो अब तक या तो काशी विश्वनाथ मुक्त हो गया होता या फिर हम राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद होते।’

उनके इस बयान का पहला हिस्सा भले ही काल्पनिक हो, लेकिन दूसरा हिस्सा काफी हद तक सही है। बीते कुछ समय में सुधीर सिंह की कई गतिविधियां ऐसी रही हैं जिनके चलते उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज हो सकता था। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के कुछ ही समय बाद सुधीर सिंह ने बनारस में ‘काशी विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन’ की शुरुआत कर दी।

सुधीर सिंह की पहचान पूर्व सपा नेता के रूप में होती है। फिलहाल वे शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हैं।

फरवरी में महाशिवरात्रि के दिन काशी के मशहूर अस्सी घाट पर इसकी औपचारिक घोषणा की गई। सुधीर सिंह दावा करते हैं कि लगभग दस हजार लोग इस मौके पर उनके साथ मौजूद थे जिन्होंने ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के साथ उस दिन संकल्प लिया कि काशी विश्वनाथ मंदिर से सटी ज्ञानवापी मस्जिद को अब हटाकर ही मानेंगे।

बीते आठ महीनों में सुधीर सिंह दो बार जेल भी जा चुके हैं। उनकी पहली गिरफ्तारी तब हुई थी जब उन्होंने काशी के संकटमोचन मंदिर से ज्ञानवापी तक ‘दण्डवत यात्रा’ निकालने का ऐलान किया। यह यात्रा कई मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर निकलनी थी लिहाजा माहौल बिगड़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यात्रा से एक दिन पहले ही सुधीर सिंह को गिरफ्तार कर बनारस जिला जेल भेज दिया।

तीन दिन जेल में रहने और दस लाख के जमानती पेश करने के बाद सुधीर सिंह को जमानत मिल गई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एक और विवादास्पद आयोजन किया। इस बार वे ‘काशी कोतवाल’ कहलाने वाले बाबा भैरव नाथ के मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने काशी विश्वनाथ की ‘मुक्ति’ के लिए एक ‘मुक्ति पत्रक’ मंदिर में दिया। इस बार मंदिर से ही सुधीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया जहां वे चार दिन रहे और दोबारा दस लाख के जमानती पेश करने के बाद रिहा हुए। ये घटना देश भर में लागू हुए लॉकडाउन से ठीक पहले की है।

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के कुछ ही समय बाद सुधीर सिंह ने बनारस में ‘काशी विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन’ की शुरुआत कर दी।

लॉकडाउन शुरू हुआ तो सुधीर सिंह की गतिविधियों पर भी रोक लग गई। लेकिन इस दौरान वे सोशल मीडिया के माध्यम के इस मुद्दे को लगातार बेहद आक्रामक तरीके से उठाते रहे हैं। वे बताते हैं कि ‘काशी-मथुरा बाकी है’ के नारे पर भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) भले ही खुले तौर से अभी कुछ नहीं कह रहे लेकिन सोशल मीडिया पर भाजपा के आईटी सेल से उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है।

सुधीर सिंह ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं हैं जो काशी विश्वनाथ की कथित मुक्ति के लिए बनारस में इन दिनों मुखर हैं। अखिल भारतीय संत समिति, अखाड़ा परिषद और खुद काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़े कुछ पुजारी भी अब इस मुद्दे पर बोलने लगे हैं। विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्रा ने तो हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा है, ‘समुदाय विशेष को वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित कब्जे वाले उस धर्मस्थल को हृदय पक्ष के स्वच्छ भाव व स्वस्थ मानसिकता से छोड़ देना चाहिए जो एक आक्रांता के द्वारा बर्बरता से बाबा विश्वनाथ के मन्दिर को तोड़कर बनाया गया।’

काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्रा कहते हैं कि काशी को उसके असली स्वरूप में वापस आना चाहिए। इसके लिए मस्जिद का हटना जरूरी है।

‘काशी-मथुरा बाक़ी है’ के नारे का आगे बढ़ाता हुआ यह घटनाक्रम काशी में ऊपरी तौर से नजर आता है। लेकिन इस घटनाक्रम का काशी की आम जनता पर क्या और कितना असर है? इस सवाल का जवाब देते हुए यहां ट्रैवल का काम करने वाले युवा राजू पाल कहते हैं, ‘जनता के बीच ऐसे नारों और ऐसी घटनाओं का कोई असर नहीं है। सुधीर सिंह इस मुद्दे के चलते अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं और बाकी लोग भी सुर्खियों में आने के लिए इसे उठा रहे हैं। ये सभी ऐसे लोग हैं जिनकी जनता के बीच कोई पकड़ नहीं है।'

सुधीर सिंह पर इस मुद्दे के चलते अपनी राजनीति साधने के जो आरोप लग रहे हैं, उसके पीछे कई मज़बूत कारण हैं। सुधीर कई साल तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे हैं, वे पार्टी के प्रदेश सचिव रह चुके हैं और काशी से मेयर का चुनाव भी लड़ चुके हैं। अब वे इस संभावना को भी स्वीकारते हैं कि भविष्य में वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं और मऊ के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी के खिलाफ भाजपा से उन्हें टिकट मिल सकता है। वे बताते हैं कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से उनकी बातचीत भी चल रही है।

काशी के दुनिया के सबसे पुराने नगरों में गिना जाता है। यहां गंगा नदी में लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए आते हैं।

यही कारण हैं कि सुधीर सिंह जब ‘काशी विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन’ जैसी कोई मुहीम चलाते हैं तो वे सुर्खियों में तो आते हैं लेकिन काशी के आम जनमानस पर इसका कोई प्रभाव नहीं होता। मुफ्ती-ए-बनारस और ज्ञानवापी मस्जिद के इमाम अब्दुल बातिन नोमानी कहते हैं, ‘इस तरह की मुहिम और काशी-मथुरा बाकी है जैसे नारों की बनारस में कोई अहमियत नहीं है। यहां कुछ घटनाक्रम ऐसे जरूर हुए थे जिनके चलते मुस्लिम समुदाय में ज्ञानवापी को लेकर आशंकाएं पैदा हुई थी लेकिन अभी फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। बनारस और अयोध्या में बहुत फर्क है, यहां अयोध्या जैसी घटना का दोहराव मुमकिन नहीं है।’

काशी में अयोध्या जैसी घटना की संभावना को नकारते हुए बनारस के वरिष्ठ पत्रकार एके लारी कहते हैं, ‘यहां का सामाजिक ताना-बाना बेहद मज़बूत है। मशहूर बनारसी साड़ी का ही उदाहरण लीजिए। इसे बनाने वाले अधिकतर बुनकर मुसलमान हैं जबकि अधिकतर गद्दीदार हिंदू। सब एक-दूसरे पर निर्भर है। ज्ञानवापी में भी एक तरफ हिंदू आबादी है तो वहीं बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी भी बसती है। लिहाजा यहां वैसा कुछ नहीं हो सकता जैसा अयोध्या में हो गया। कुछ लोग यहां आपसी सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं लेकिन उनकी संख्या भी बहुत कम है और उनका कोई असर भी नहीं है।’

ज्ञानवापी मस्जिद के इमाम अब्दुल बातिन नोमानी कहते हैं कि इस तरह की मुहिम और काशी-मथुरा बाकी है जैसे नारों की बनारस में कोई अहमियत नहीं है।

काशी में बन रहे चर्चित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की जब शुरुआत हुई थी, तब जरूर स्थानीय लोगों में ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर आशंकाएं पैदा होने लगी थीं। इन आशंकाओं को अयोध्या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने कुछ और बल दिया और ‘काशी-मथुरा बाकी है’ का नारा जोर पकड़ने लगा था। हालांकि आज स्थिति उससे काफी अलग है और काशी के आम जनमानस में इस नारे का कोई सीधा असर नजर नहीं आता। लेकिन इसका ये मतलब भी नहीं है कि ये नारा अब अप्रासंगिक हो गया है या इसे उछालने वालों को पूरी तरह नजरंदाज किया जा सकता है।

ऊपरी तौर से देखने पर काशी में फिलहाल इस नारे की जनता के बीच भले ही कोई पकड़ नहीं दिखती लेकिन सतह के नीचे आज भी वे संगठन बेहद मजबूत और सक्रिय हैं जिन्होंने 80-90 के दशक में ‘अयोध्या तो झांकी है, काशी मथुरा बाकी है’ के नारे को जन्म दिया था। इस सक्रियता को काशी में हुई एक हालिया घटना में आसानी से देखा जा सकता है।

काशी विश्वनाथ ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन नामक संस्था बनाकर ज्ञानवापी से काशी विश्वनाथ को मुक्त कराने की बात करने वाले सुधीर सिंह को फरवरी में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

हुआ यूं कि अयोध्या में जब प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया तो उसके बाद एक बात तेजी से फैलने लगी कि वहां मौजूद एक पुजारी ने दक्षिणा स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी से काशी और मथुरा की मुक्ति की मांग की है। कई समाचार पत्रों ने इस बारे में खबर भी प्रकाशित की। इसके कुछ ही दिनों बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी काशी दौरे पर आए।

इनमें भैयाजी जोशी और दत्तात्रेय होसबोले भी शामिल थे। काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चक श्रीकांत मिश्रा बताते हैं, ‘उनसे मुलाकात के दौरान जब इस बात का जिक्र छिड़ा तो दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि ये सिर्फ एक अफवाह थी। असल में ऐसा कुछ नहीं हुआ था। लेकिन जब सोशल मीडिया पर ये चलने लगी तो हमने भी इसका खंडन नहीं किया, इसे चलने ही दिया।’

धर्मग्रन्थों और पुराणों में काशी को मोक्ष की नगरी कहा गया है। कहा जाता है कि यह भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी हुई है।

श्रीकांत मिश्रा कहते हैं, ‘मैं तो खुलकर कहता हूं कि काशी को उसके असली स्वरूप में वापस आना चाहिए और इसके लिए ज्ञानवापी मस्जिद का हटना जरूरी है। मैंने आरएसएस और भाजपा के कई लोगों से भी इस बारे में बात की लेकिन वो लोग शायद अभी इस मामले को पकाना चाहते हैं। अभी ये मामला सुलझ जाएगा तो उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा जो इस पर राजनीति करना चाहते हैं। लेकिन अगर ये अभी नहीं सुलझा तो इसके परिणाम घातक होंगे। एक दिन लोग इतने आक्रोशित हो जाएंगे कि मुक्का मार-मार ही इस ढांचे को गिरा देंगे।’

लगभग ऐसी ही बात शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी बताते हैं। वे कहते हैं, ‘भाजपा की आज पूर्ण बहुमत की सरकार है। ऐसे में उनके लिए काशी का मुद्दा सुलझाना बेहद आसान है क्योंकि इसका इतिहास तो अयोध्या की तरह भी नहीं है। यहां तो स्पष्ट है कि मंदिर तोड़कर वो मस्जिद बनाई गई है और मौके पर साफ दिखता है कि मस्जिद कैसे मंदिर के ऊपर ही आज भी खड़ी है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का मानना है कि सरकार चाहे तो यह मसला सुलझा सकती है। यहां अयोध्या जैसी स्थिति नहीं है, यहां तो साफ दिखता है कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।

सरकार को सिर्फ इतना ही करना है कि 1991 के ‘पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम’ में बदलाव करे, जो कि उनके लिए बेहद आसान है। लेकिन ये लोग जानबूझकर ऐसा नहीं करते। ये राजनीतिक कारणों से मामले को उलझाए रखना चाहते हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से इसका गवाह हूं कि अयोध्या का मामला बहुत पहले सुलझ सकता था लेकिन विश्व हिंदू परिषद, आरएसएस और भाजपा ने कभी नहीं चाहा कि ये सुलझ जाए।’

वे आगे कहते हैं, ‘भाजपा अगर आज भी कानून में बदलाव करके काशी का मामला सुलझाने का प्रयास करती है तो हम हमेशा उसके साथ खड़े हैं। लेकिन हमें उम्मीद नहीं है कि वो ऐसा करेंगे। वो इस मामले को भी सालों तक लटकाए रखेंगे ताकि ध्रुवीकरण हो और उनकी राजनीति चलती रहे।’

काशी विश्वनाथ मंदिर के मामले में बीते कई सालों से एक कानूनी लड़ाई भी जारी है जो बनारस की ही अदालत में लड़ी जा रही है। इस मुद्दे पर होने वाली तमाम राजनीति और कयासों से इतर शहर का एक बड़ा तबका ऐसा है जो इस न्यायिक लड़ाई के नतीजे का इंतजार कर रहा है।

अदालत में ये मामला कब से है, किस स्तर तक पहुंचा है, दोनों पक्षों की स्थिति इस कानूनी लड़ाई में कैसी है और इसका भविष्य क्या हो सकता है, इन तमाम मुद्दों की जानकारी ‘काशी मथुरा बाक़ी है’ की अगली कड़ी में।



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