Sunday, September 20, 2020

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चीन में इन दिनों एक और बीमारी ब्रूसीलोसिस का कहर है। गांसु प्रांत की राजधानी लान्चो में 3 हजार से अधिक मरीज संक्रमित हो चुके हैं। लान्चो के स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक, यह बीमारी संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने से होती है। इसे माल्टा फीवर के नाम से भी जाना जाता है।

चीन की सरकारी वेबसाइट ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, यह बैक्टीरिया लेंझॉउ शहर की उस फार्मा फैक्ट्री से फैला, जहां ब्रूसीलोसिस की वैक्सीन तैयार की जा रही थी। यहां से बैक्टीरिया एयरोसोल के रूप में इंसानों तक पहुंचा और संक्रमण फैला। चीन में अलर्ट जारी कर दिया गया है और चुनिंदा 11 अस्पतालों को मरीजों का मुफ्त इलाज करने का आदेश दिया गया है।

1980 के दशक में चीन में ब्रूसीलोसिस एक सामान्य बीमारी थी, हालांकि बाद में स्थिति गंभीर हो गई। अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, यह बीमारी एक से दूसरे इंसान में नहीं फैलती, लेकिन संक्रमित भोजन से ब्रुसीलोसिस फैल सकता है।

ब्रूसीलोसिस क्या है, चीन में कैसे फैला और क्या सावधानी बरतें, इन सवाल-जवाब से समझिए....

1. क्या है ब्रूसीलोसिस?
यह बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी है। ये बैक्टीरिया पशुओं, सुअर, बकरी और कुत्तों को संक्रमित करता है। इन संक्रमित पशुओं के संपर्क में आने पर इंसान भी बीमार हो जाते हैं। इनका मांस खाने या इनका प्रदूषित किया पानी पीने पर इंसान में संक्रमण फैलता है। बैक्टीरिया संक्रमित क्षेत्र की हवा में एयरोसोल के रूप में भी मौजूद होता है, इस दौरान सांस लेने पर भी इंसान संक्रमित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है, इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा तब रहता है, जब इंसान जानवर का कच्चा दूध इस्तेमाल करता है या दूध की बनी चीज खाता है।

2. कौन से लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं?
बुखार, पसीना आना, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी और भूख न लगना जैसे लक्षण दिखने पर अलर्ट हो जाएं। कुछ लक्षण लंबे समय तक दिख सकते हैं। इसके अलावा बार-बार बुखार, आर्थराइटिस जैसे लक्षण, अंडाणुओं और लिवर में सूजन भी दिख सकती है। मरीजों में अधिक थकान बनी रहती है।

3. चीन में यह बीमारी कब और कैसे फैली
लेंझॉउ शहर के स्वास्थ्य आयोग की वेबसाइट की मुताबिक, 28 नवंबर यहां के वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के पास मौजूद फार्मा फैक्ट्री में एक घटना के बाद यह बैक्टीरिया फैला। यहां ब्रूसीलोसिस की वैक्सीन तैयार करने के लिए 24 जुलाई से 10 अगस्त 2010 तक काम चल रहा था। इस दौरान इंस्टीट्यूट में एक्सपायरी डेट के डिसइंफेक्टेंट इस्तेमाल हुआ, जिससे बैक्टीरिया पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। यहां से निकले एयरोसोल के रूप में बैक्टीरिया फैला और लोग संक्रमित हुए।

मामले सामने आने पर 7 दिसम्बर 2019 को फैक्ट्री में वैक्सीन का उत्पादन का काम पूरी तरह से बंद कर दिया गया। 8 लोगों को सजा भी हुई।

4. कैसे बचाव करें?
मामला अगर देश में आता है तो पशुओं से दूरी बनाएं। जरूरी सावधानी के साथ ही उनके पास जाएं। मांस खाने से बचें। बाहर का खाना न ही खाएं तो बेहतर है। आसपास पशुओं का तबेला है तो घर को सैनिटाइज करना बेहतर विकल्प है। दूध और पानी उबालकर ही इस्तेमाल करें।



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What is brucellosis that infected thousands in China malta fever all you need to know about brucellosis Q and A


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पाकिस्तान में शुक्रवार को एक और सिख लड़की अगवा कर ली गई। पुलिस के मुताबिक, लड़की ने बाद में धर्म परिवर्तन कर लिया। इस्लाम कबूल करने के बाद उसने एक स्थानीय लड़के से निकाह किया है। 22 साल की इस लड़की का नाम और परिवार की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।

पिछले साल, ननकाना में गुरुद्वारा तंबू साहिब के मुख्य ग्रंथी की बेटी को भी अगवा किया गया था। उसने दबाव में इस्लाम कबूल कर लिया और एक मुस्लिम लड़के से निकाह कर लिया था। इस घटना के बाद ननकाना साहिब में कई दिनों तक तनाव रहा था।

फोटो पिछले साल 26 अगस्त की है। तब ननकाना साहिब के गुरुद्वारा तंबू साहिब के मुख्य ग्रंथी की बेटी को अगवा किया गया था। बाद में यह फोटो सामने आया था। लड़की ने इस्लाम कबूल करने के बाद निकाह कर लिया था।

राजधानी के करीब है हासन अब्दाल
‘द डॉन न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, 22 साल की सिख लड़की शुक्रवार को घर से किसी काम के लिए निकली थी। इसके बाद लापता हो गई। घटना हासन अब्दाल क्षेत्र की है जो राजधानी इस्लामाबाद से सिर्फ 40 किलोमीटर दूर है। डीएसपी राजा फैयाज उल हसन ने कहा- हासन अब्दाल पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया गया है। लड़की के पिता ने इस बारे में लिखित शिकायत दी थी। हम लड़की की तलाश कर रहे हैं।

परिवार को वॉट्सऐप मैसेज किया
पुलिस के मुताबिक, लड़की ने घटना के बाद परिवार को एक वॉट्सऐप मैसेज किया था। इसमें उसने कहा कि वो अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल कर चुकी है। उसने निकाह की जानकारी भी दी है। पुलिस लड़की की तलाश की जा रही है ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके। सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अमीर सिंह ने घटना की पुष्टि की। सिंह ने कहा- पीड़ित परिवार गुरुद्वारा पुंजा साहिब के करीब रहता था। लड़की के पिता और चाचा ने पंजाब प्रांत के एक मंत्री से मुलाकात कर उनसे मदद मांगी है।

पाकिस्तान में हर साल हजार से ज्यादा लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन
पाकिस्तान में गैर-मुस्लिम लड़कियों का जबरन अपहरण किया जाता है। उनका धर्म परिवर्तन किया जाता है। उसके बाद जबर्दस्ती किसी मुसलमान से उनकी शादी करवा दी जाती है। यूनाइटेड स्टेट्स कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम के डेटा की मानें तो पाकिस्तान में हर साल 1 हजार से ज्यादा (12 से 28 साल के बीच) लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया जाता है। उनसे इस्लाम कबूलवाया जाता है। उन्हें अगवा किया जाता है। बलात्कार किया जाता है और फिर जबरन उनकी शादी की जाती है। इनमें ज्यादातर हिंदू और ईसाई लड़कियां ही होती हैं।



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पुलिस ने कहा कि लड़की के पिता ने इस बारे में लिखित शिकायत दी थी। लड़की की तलाश जारी है। -फाइल फोटो


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Saturday, September 19, 2020

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अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, हाल के कुछ दिनों में व्हाइट हाउस और कुछ डिपार्टमेंट्स को रिसिन नामक खतरनाक कैमिकल वाले लिफाफे भेजे गए। व्हाइट हाउस के एक अफसर ने शनिवार को कहा- जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कुछ दूसरे खतरनाक कैमिकल वाले लिफाफे भी व्हाइट हाउस या दूसरे डिपार्टमेंट्स को भेजे गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए लोकल पोस्टल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।

एक महिला पर शक
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि ये लिफाफे कनाडा से भेजे गए। एक महिला की संदिग्ध के तौर पर पहचान की गई है। हालांकि, उसका नाम उजागर नहीं किया गया। सभी लिफाफे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नाम से भेजे गए हैं। इनका पता टेक्सास में जांच के दौरान लगा। दरअसल, व्हाइट हाउस में आने वाली सभी डाक की बारीकी से जांच की जाती है। छंटनी के बाद ही इन्हें व्हाइट हाउस भेजा जाता है। जांच के दौरान कुछ लिफाफों पर शक हुआ।

टेरेरिज्म टास्क फोर्स कर रही है जांच
वॉशिंगटन में ज्वॉइंट टेररिज्म टास्क फोर्स को इस मामले की जांच सौंपी गई है। इसमें न्यूयॉर्क पुलिस की स्पेशल यूनिट इस जांच एजेंसी की मदद करेगी। अब तक जांच में रिसिन वाले लिफाफों का किसी आतंकी संगठन से संबंध नहीं पाया गया है। हालांकि, जांच का यह शुरुआती दौर है। एक अफसर ने कहा- पुख्ता तौर पर हम अभी कुछ नहीं कह सकते। एफबीआई ने भी इस बारे में एक बयान जारी किया। कहा- हम यूएस सीक्रेट सर्विस और यूएस पोस्टल इन्सपेक्शन सर्विस की मदद से जांच कर रहे हैं। लोगों को कोई खतरा नहीं है।

पहले भी ऐसी घटनाएं हुईं
जांच एजेंसियों को कुछ सुराग मिल चुके हैं, लेकिन इनकी जानकारी मीडिया को नहीं दी गई हैं। 2018 में रक्षा मंत्री जिम मैटिस को इसी तरह के लिफाफे भेजे गए थे। जांच के बाद नेवी के पूर्व अफसर सिल्डे एलीन को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा कुछ और अफसरों को भी एलीन ने ऐसे ही लिफाफे भेजे थे। उसका मामला कोर्ट में चल रहा है। 2013 में मिसीसिपी के एक व्यक्ति ने तब के राष्ट्रपति बराक ओबामा और एक रिपब्लिकन सीनेटर को रिसिन वाले लिफाफे भेजे थे। बाद में शेनन रिचर्डसन नाम की एक महिला को 18 साल की सजा हुई थी।



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अधिकारियों का मानना है कि इस साजिश को अंजाम देने के लिए लोकल पोस्टल सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। किसी भी चीज को गहराई से जांच के बाद ही व्हाइट हाउस भेजा जाता है।


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यहां ज्वेलर, उनकी पत्नी और दो बेटों के शव उनके घर में फंदे से लटकते मिले हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मृतक यशवंत सोनी ने कर्ज लिया था। कर्ज माफिया उसे परेशान कर रहे थे, इसी से तंग आकर परिवार ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। फिलहाल, शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके की जांच की।

कानोता इलाके के राधिका विहार में यशवंत (45) परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी ममता (41), बेटा अजीत (23) और भारत (20) थे। शनिवार सुबह जब परिवार बाहर नहीं दिखा तो आसपास रहने वाले रिश्तेदार घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। रिश्तेदारों ने आवाज दी तो कोई जवाब नहीं आया।

इसके बाद उन लोगों ने खिड़की से देखा तो पूरा परिवार फंदे पर लटका दिखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पिता और दोनों बेटे एक हॉल में फंदे पर लटके हुए थे। जबकि पत्नी अलग कमरे में फंदे से लटकी मिली। उनकी आंख पर पट्टी बंधी थी। वहीं दोनों बेटों के पैर बंधे हुए थे।

पिता और दो बेटे हॉल में लटके मिले। वहीं, महिला अन्य कमरे में फंदे से लटकी मिली।

आसपास के लोगों का कहना है कि रात को कुछ लोग घर पर आए थे। उनसे लेनदेन को लेकर कुछ कहासुनी हुई थी। उसके बाद क्या हुआ किसी को कुछ नहीं पता। यशवंत ज्वेलरी का काम करते थे। यह भी बताया जा रहा है कि मौके से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला। हालांकि, पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। फंदे से लटके बेटों के पैर और महिला की आंख पर पट्‌टी क्यों बंधी थी, इस बारे में भी अधिकारी स्पष्ट तौर पर बता नहीं पा रहे हैं।

एक महीने पहले भी यशवंत ने की थी आत्महत्या की कोशिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि यशवंत सोनी ने करीब एक महीने पहले भी आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने हाथ की नस काट ली थी। इस दौरान परिवार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा था, जहां उनकी जान बच गई थी।

कर्ज के कारण परेशान था परिवार

मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी मनोज चौधरी ने बताया कि परिवार का ज्वेलरी का काम था। पता चला है कि इन्होंने किसी से ब्याज पर पैसे ले रहे थे, जिसके कारण ब्याज माफिया इन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। इससे परेशान होकर परिवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, बताया जा रहा है कि आसपास से लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

फिलहाल, फोरेंसिक की टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। चारों मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जेएनयू अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है। इनकी पहले कोरोना जांच की जाएगी। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कल पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

इसी मकान में परिवार के चारों सदस्यों के शव लटके मिले हैं।

हत्या के एंगल से भी होगी जांच?

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का लग रहा है। लेकिन, फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। चारों मृतकों की फोन कॉल की डिटेल भी निकलवाई गई है। ऐसे में सभी एंगल पर पुलिस जांच कर रही है।



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(बाएं तरफ) यशवंत सोनी और उनकी पत्नी ममता। दोनों बेटे अजीत और भारत सोनी। (फाइल फोटो)


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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को खेती से जुड़े दो बिल फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) बिल और फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल राज्यसभा में पेश किए। उन्होंने कहा कि दोनों बिल ऐतिहासिक हैं, इनसे किसानों की जिंदगी बदल जाएगी। किसान देशभर में कहीं भी अपना अनाज बेच सकेंगे। मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि बिलों की संबंध न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नहीं है।

उधर, कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह और उनकी पार्टी किसानों के डेथ वॉरंट पर साइन नहीं करेंगे। बिलों को लेकर पंजाब-हरियाणा के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। यही नहीं, इसी मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल की मंत्री हरसिमरत कौर ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। बिल लोकसभा से पास हो चुके हैं।

केजरीवाल बोले- सब मिलकर बिल का विरोध करें

आम आदमी पार्टी ने भी किसानों से जुड़े बिल का विरोध किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके सभी विपक्षी दलों से इस बिल के विरोध में वोटिंग करने को कहा है।

सदन में कौन-क्या बोला?

  • समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि ऐसा लगता है कि सत्ताधारी पार्टी इन बिल पर चर्चा ही नहीं करना चाहती है। ये केवल इन बिल को पास कराने के लिए इसे पेश कर रहे हैं। यही नहीं, इस बिल को रखने से पहले किसानों के किसी संगठन से चर्चा भी नहीं की।
  • तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की इनकम डबल करने का वादा किया है, लेकिन मौजूदा दर के हिसाब से तो 2028 तक डबल नहीं हो सकता। आपके (प्रधानमंत्री) वादों से आपकी विश्वसनीयता कम होती जा रही है।
  • माकपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक ने विधेयकों में संशोधन की मांग की। इसे राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव रखा।
  • कांग्रेस ने बिल का विरोध किया। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह और उनकी पार्टी किसानों के डेथ वॉरंट पर साइन नहीं करेंगे।
  • भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस से पूछा कि जब आपकी सरकार थी तो साल दर साल ग्रामीण क्षेत्रों की आय क्यों कम हुई? आप इस बिल का क्यों विरोध कर रहे हैं?

सदन में सदस्यों के आंकड़ों का गणित?

  • 245 सदस्यों वाली राज्य सभा में दो सीट खाली है। इस तरह से अभी कुल सदस्यों की संख्या 243 है।
  • सरकार को बिल पास कराने के लिए 122 सदस्यों का साथ चाहिए होगा।
  • 10 सदस्य कोरोना की वजह से सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे।
  • अभी भाजपा के 86 सांसद और उसकी सहयोगी दलों (अकाली दल को छोड़कर) के सदस्यों को मिला लें तो यह 105 हो जाती है।
  • बिल पास कराने के लिए सरकार को विपक्षी दलों के 17 सदस्यों का साथ चाहिए।
  • 9 सदस्यों वाली अन्नाद्रमुक ने बिल के समर्थन का ऐलान किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने तीनों कृषि विधेयकों का समर्थन करने को कहा है। इस तरह बिल के समर्थन में 114 सांसद हो जाते हैं।
  • शिवसेना ने भी बिल का समर्थन किया है। सदन में शिवसेना के 3 सदस्य हैं। ऐसे में बिल के समर्थन में 117 हो जाते हैं।
  • अब सरकार को 5 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में बीजेडी के 9, वाईएसआर कांग्रेस के 6, टीआरएस के 7, और टीडीपी के 1 सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इन दलों के कुल सदस्यों की संख्या 23 है।

क्या हैं ये विधेयक?

  • कृषि सुधारों को टारगेट करते हुए लाए गए यह तीन विधेयक हैं- द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020; द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 2020।
  • इन तीनों ही कानूनों को केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 5 जून 2020 को ऑर्डिनेंस की शक्ल में लागू किया था। तब से ही इन पर बवाल मचा हुआ है। केंद्र सरकार इन्हें अब तक का सबसे बड़ा कृषि सुधार कह रही है। लेकिन, विपक्षी पार्टियों को इसमें किसानों का शोषण और कॉर्पोरेट्स का फायदा दिख रहा है।
  • कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के विरोध के बाद भी एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल लोकसभा में पारित हो गया है। अब राज्यसभा में रखा गया है।


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राज्यसभा में किसानों से जुड़े विधेयकों को पेश करते कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर।


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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार को खेती से जुड़े दो बिल फार्मर्स एंड प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फैसिलिटेशन) बिल और फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फार्म सर्विस बिल राज्यसभा में पेश किए। उन्होंने कहा कि दोनों बिल ऐतिहासिक हैं, इनसे किसानों की जिंदगी बदल जाएगी। किसान देशभर में कहीं भी अपना अनाज बेच सकेंगे। मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि बिलों की संबंध न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नहीं है।

उधर, कांग्रेस ने इसका जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह और उनकी पार्टी किसानों के डेथ वॉरंट पर साइन नहीं करेंगे। बिलों को लेकर पंजाब-हरियाणा के किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। यही नहीं, इसी मुद्दे पर शिरोमणि अकाली दल की मंत्री हरसिमरत कौर ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। बिल लोकसभा से पास हो चुके हैं।

केजरीवाल बोले- सब मिलकर बिल का विरोध करें

आम आदमी पार्टी ने भी किसानों से जुड़े बिल का विरोध किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके सभी विपक्षी दलों से इस बिल के विरोध में वोटिंग करने को कहा है।

सदन में कौन-क्या बोला?

  • समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि ऐसा लगता है कि सत्ताधारी पार्टी इन बिल पर चर्चा ही नहीं करना चाहती है। ये केवल इन बिल को पास कराने के लिए इसे पेश कर रहे हैं। यही नहीं, इस बिल को रखने से पहले किसानों के किसी संगठन से चर्चा भी नहीं की।
  • तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की इनकम डबल करने का वादा किया है, लेकिन मौजूदा दर के हिसाब से तो 2028 तक डबल नहीं हो सकता। आपके (प्रधानमंत्री) वादों से आपकी विश्वसनीयता कम होती जा रही है।
  • माकपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक ने विधेयकों में संशोधन की मांग की। इसे राज्यसभा की सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव रखा।
  • कांग्रेस ने बिल का विरोध किया। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह और उनकी पार्टी किसानों के डेथ वॉरंट पर साइन नहीं करेंगे।
  • भाजपा सांसद भूपेंद्र यादव ने कांग्रेस से पूछा कि जब आपकी सरकार थी तो साल दर साल ग्रामीण क्षेत्रों की आय क्यों कम हुई? आप इस बिल का क्यों विरोध कर रहे हैं?

सदन में सदस्यों के आंकड़ों का गणित?

  • 245 सदस्यों वाली राज्य सभा में दो सीट खाली है। इस तरह से अभी कुल सदस्यों की संख्या 243 है।
  • सरकार को बिल पास कराने के लिए 122 सदस्यों का साथ चाहिए होगा।
  • 10 सदस्य कोरोना की वजह से सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे।
  • अभी भाजपा के 86 सांसद और उसकी सहयोगी दलों (अकाली दल को छोड़कर) के सदस्यों को मिला लें तो यह 105 हो जाती है।
  • बिल पास कराने के लिए सरकार को विपक्षी दलों के 17 सदस्यों का साथ चाहिए।
  • 9 सदस्यों वाली अन्नाद्रमुक ने बिल के समर्थन का ऐलान किया है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने तीनों कृषि विधेयकों का समर्थन करने को कहा है। इस तरह बिल के समर्थन में 114 सांसद हो जाते हैं।
  • शिवसेना ने भी बिल का समर्थन किया है। सदन में शिवसेना के 3 सदस्य हैं। ऐसे में बिल के समर्थन में 117 हो जाते हैं।
  • अब सरकार को 5 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में बीजेडी के 9, वाईएसआर कांग्रेस के 6, टीआरएस के 7, और टीडीपी के 1 सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। इन दलों के कुल सदस्यों की संख्या 23 है।

क्या हैं ये विधेयक?

  • कृषि सुधारों को टारगेट करते हुए लाए गए यह तीन विधेयक हैं- द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020; द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020 और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 2020।
  • इन तीनों ही कानूनों को केंद्र सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 5 जून 2020 को ऑर्डिनेंस की शक्ल में लागू किया था। तब से ही इन पर बवाल मचा हुआ है। केंद्र सरकार इन्हें अब तक का सबसे बड़ा कृषि सुधार कह रही है। लेकिन, विपक्षी पार्टियों को इसमें किसानों का शोषण और कॉर्पोरेट्स का फायदा दिख रहा है।
  • कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के विरोध के बाद भी एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल लोकसभा में पारित हो गया है। अब राज्यसभा में रखा गया है।


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देश में कोरोना मरीजों की संख्या 53 लाख 98 हजार 230 हो गई है। पिछले 24 घंटे के अंदर रिकॉर्ड 12 लाख से ज्यादा लोगों की जांच हुई। एक दिन में टेस्टिंग का ये सबसे ज्यादा आंकड़ा है। इन 12 लाख लोगों में 7.66% यानी 92 हजार 574 नए मरीज बढ़े। अब तक 42 लाख 99 हजार 724 लोग ठीक हो चुके हैं। शनिवार को 94 हजार 384 मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

अच्छी बात है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब देश में संक्रमितों से ज्यादा ठीक होने वालों की संख्या बढ़ी। इसी के साथ भारत अब मरीजों के ठीक होने के मामले में पहले नंबर पर हो गया है। यहां अब तक अन्य देशों की तुलना में सबसे ज्यादा मरीज ठीक हुए हैं। अमेरिका अब दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। (भारत में 100 संक्रमितों में से 79 रिकवर, पूरी खबर पढ़ें)

मरने वालों का आंकड़ा 86 हजार के पार

शनिवार को देश में 1,149 संक्रमितों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसी के साथ मरने वालों की संख्या अब 86 हजार 774 हो गई है। अभी 10 लाख 10 हजार 975 मरीज ऐसे हैं जिनका इलाज चल रहा है। ये मरीज घर में रहकर या फिर अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं। इनमें करीब 9 हजार मरीजों की हालत गंभीर है।

कल से कोरोना वैक्सीन का आखिरी ट्रायल शुरू होगा
कोरोना के लिए बनाए जा रहे ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का आखिरी और फेज-3 ट्रायल सोमवार से पुणे में शुरू हो जाएगा। इसके लिए 150 से 200 वालंटियर्स डोज लेने के लिए तैयार हैं।

कोरोना अपडेट्स :

  • रेलवे ने शनिवार को कहा कि कोऑपरेटिव और प्राइवेट बैंकों के 10% कर्मचारियों को मुंबई की सबअर्बन ट्रेनों में यात्रा करने की इजाजत दी जाएगी। कोरोना महामारी के चलते सबअर्बन ट्रेनों में यात्रा करने पर प्रतिबंध था। नेशनलाइज्ड बैंकों के कर्मचारियों को पहले से ही ट्रेनों में यात्रा करने की इजाजत है।
  • छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उन्होंने बताया कि मैंने कोरोना के शुरुआती लक्षण नजर आने पर टेस्ट कराया था, जिसमें मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरा निवेदन है कि विगत दिनों जो भी लोग मेरे संपर्क में आये हैं वह आइसोलेशन में रहें एवं अपना कोविड-19 टेस्ट जरूर कराएं।
  • अनलॉक 4.0 की गाइडलाइन में मिली छूट के तहत पंजाब सरकार ने 21 सितंबर से राज्य में हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट खोलने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के मुताबिक इंस्टीट्यूट जहां पीएचडी, पीजी टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स चलते हैं वो सब खुलेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों का पालन करना होगा।
  • केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बताया कि लॉकडाउन के दौरान चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 97 प्रवासी मजदूरों की सफर के दौरान मौत हुई। गोयल ने कहा कि ये आंकड़े राज्य सरकारों की ओर से मिले हैं।
  • संसद में मानसूत्र के छठवें दिन शनिवार को राज्यसभा में महामारी रोग संशोधन विधेयक, 2020 पारित किया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए बिल की जरूरत थी।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश

शनिवार को 2607 केस मिले। इसके साथ ही संक्रमितों की संख्या 1 लाख 3 हजार 65 हो गई है।राज्य में केस के दोगुना होने की दर बढ़ गई है। अब 42 दिन में दोगुने मरीज मिल रहे हैं। सितंबर के 18 दिनों में भोपाल में 5000 से ज्यादा केस आए हैं।

2. राजस्थान

शनिवार को रिकॉर्ड 1834 संक्रमित मिले। अब यहां 1 लाख 13 हजार 124 केस हो गए हैं। 93 हजार 805 ठीक हो चुके हैं। 1943 की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार ने अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों से परिवार को मिलने की इजाजत दे दी है। हालांकि, मरीज से मिलने वाले को पीपीई किट, ग्लव्स और फेस मास्क पहनना होगा।

3. बिहार

शनिवार को 1616 नए मरीज मिले और 1556 ठीक हो गए। दो संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। राज्य में अब तक 1 लाख 66 हजार 987 लोग संक्रमित हो चुके हैं। 1 लाख 52 हजार 956 ठीक हो चुके हैं, जबकि 861 की मौत हो चुकी है। 13 हजार 169 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।

4. महाराष्ट्र

शनिवार को 20 हजार 519 केस आए। यहां अब तक 11 लाख 88 हजार 15 केस आ चुके हैं। 8 लाख 57 हजार 933 संक्रमित ठीक हो चुके हैं। 2 लाख 97 हजार 480 का इलाज चल रहा है, जबकि 32 हजार 216 की मौत हो चुकी है।

5. उत्तरप्रदेश

शनिवार को 5729 संक्रमित मिले, जबकि 6596 ठीक हो गए। राज्य में 3 लाख 48 हजार 517 केस आ चुके हैं। 2 लाख 76 हजार 690 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 4953 की मौत हो चुकी है। अभी 66 हजार 874 संक्रमितों का इलाज चल रहा है।



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