Saturday, October 24, 2020

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गया शहर में पान की दुकान। शाम के 6-7 बजे हैं। काम-धंधा निपटाने के बाद कई लोग मगही पान के अपने कल्ले दबाने की ख्वाहिश से दुकान पर पहुंचे हैं। दोपहर में ही प्रधानमंत्री और भाजपा के कई नेता शहर में थे। गांधी मैदान में। एनडीए के पक्ष में रैली कर के गए। हर तरफ इसी रैली की चर्चा है। पान पर कत्था लगाते दुकानदार ने कहा, ‘गए थे आज रैली में। पहले वाली बात नहीं थी। मोदी जी की रैली में लोग ही नहीं थे।’

बगल में बनी सीढ़ी पर बैठकर पान चबा रहे व्यक्ति ने पूछा, ‘घुसने दिया था? हम त एही लागी नहीं गए कि कहीं कोरोना की वजह से घुसने ही नहीं दिया तो दिन और मूड दोनों खराब हो जाएगा।’

दुकानदार ने जवाब दिया, ‘नहीं-नहीं। जाने दे रहा था। कौनो दिक्कत नहीं थी, लेकिन भीड़े नहीं आया। लोग बहुत कम था। शायद कोरोना की वजह से।’

पान के इंतजार में खड़े एक तीसरे आदमी ने तपाक से कहा, ‘काहे? कोरोना खाली मोदी जी की रैली में था क्या? तेजस्वी की रैली में तो तिल रखने की जगह नहीं रहती। एकदम रेलम-पेल मचा रहता है।’

इस जवाब पर वहां खड़े कई लोग सहमत दिखे, लेकिन मौन सहमति। वैसे भी मुंह में मगही पान घुल रहा हो तो सब जानते हैं कि फिर यहां का आदमी सुनता सबकी है, बोलता सिर्फ इशारों में है। वहां मौजूद ग्राहकों को पान खिला चुका दुकानदार अ‍ब इत्मीनान में आ चुका है। बोला, ‘तब हो सकता है कि ई तेजस्वी के ‘नौकरी बम’ का असर हो। जब हम रैली से निकल रहे थे, तब गांधी मैदान के पास चार-पांच गो लइकन सब आपसे में भिड़ल था। सब कह रहा था कि बेरोजगारी पर मोदी जी कुछो नहीं बोले। पुरनके बात सब बोल के चले गए।’

सड़क किनारे, स्ट्रीट लाइट की पीली और मद्धम रोशनी में चल रही इस बातचीत में एक नए गेस्ट की इंट्री हुई। पानी की बोतल खरीदने आए इस खद्दरधारी अधेड़ ने तपाक से कहा, ‘बकवास है ई सब। वो कहां से देंगे नौकरी? उनके माई-बाबू जी को पंद्रह साल बिहारी लोग माथे पर बिठाकर रखा। तब केतना नौकरी दे दिए थे? केतना बहाली हुआ था? ऊपर से स्थिति ऐसी थी कि अगर सांझ होते ही बहू-बेटी घर ना लौटे तो कंठ का थूक सुखने लगता था। तेजस्वी पहले थोड़ा अपने परिवार का इतिहास पढ़ लें, तब बात करें। आज कम से कम बिहार में वो स्थिति तो नहीं है।’

धारा-प्रवाह कही गई बात में जोश भी था, हनक भी। आवाज भी ऊंची थी। इतनी कि आसपास की दुकानों के लोग भी हुल्की मार रहे हैं। बिहार में होने वाली बहसों की ये खास बात है। आराम से होने वाली बातचीत कभी भी जोर पकड़ लेती है। कई बार तो इतना कि काबू करना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, यहां अभी वैसी स्थिति नहीं है।

बिना पानी की नदी, बिना पेड़ के पहाड़ और खाने में तिलकुट के लिए फेमस गया जिले में विधानसभा की 10 सीटें हैं। इनमें से 6 ऐसी हैं, जिन पर एक ही व्यक्ति या एक ही परिवार का कब्जा लंबे अरसे से है।

पान की दुकान पर छिड़ी इस अंतहीन बहस को छोड़ मैं गांधी मैदान तक आ गया हूं। गेट नंबर 8 के सामने गन्ने का जूस बेचने वाले ठेले पर चार-पांच नए लड़के जमे हैं। ये दिन में मोदी जी को सुन चुके हैं और अब उसका विश्लेषण चल रहा है। एक ने कहा, ‘यार, अभी का सबसे बड़ा मुद्दा है बेरोजगारी। जब तेजस्वी ने कहा कि 10 लाख नौकरी देंगे तो सुशील मोदी ने कहा कि पैसा कहां से आएगा? अब खुदे कह रहे हैं कि 19 लाख रोजगार देंगे। हमारा त मन कर रहा है कि ई छोटका मोदी से पूछें, ‘का जी? अब आप पैसा कहां से लाइएगा। कहां डाका डालिएगा?’ साफ लग रहा है कि बहस का ये सिरा लंबा खिंचने वाला है। हम वहां से आगे बढ़ गए हैं।



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Tejashwi Yadav Narendra Modi; Bihar Election 2020 | Gaya Locals Paan Shop Debate On Tejashwi Yadav and Crowd In Narendra Modi Rally


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विजयादशमी के मौके पर रविवार को संघ प्रमुख मोहान भागवत ने नागपुर स्थित मुख्यालय में शस्त्र पूजा की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट का असंदिग्ध निर्णय आया। एकमत से निर्णय था, सारे देश ने समाज ने उसे स्वीकार किया। हर्षोल्लास का विषय होने के बाद भी संयम से उसे मनाया। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) से किसी को कोई खतरा नहीं है।

कोरोना को बढ़ा-चढ़ाकर बताया, लेकिन जनता सावधान हुई
हम कह सकते हैं कि सारी परिस्थिति में कोरोना महामारी से होने वाला नुकसान भारत में कम है, इसके कारण कोरोना की बीमारी कैसे फैलेगी इसे समझकर हमारे शासन-प्रशासन ने उपाय बताए। उनका अमल हो, इसकी तत्परता से योजना की। उन्होंने इसका बढ़ा-चढ़ाकर इसका वर्णन किया, जिससे जनता में भय आ गया। लेकिन उसका फायदा भी हुआ कि जनता अतिरिक्त सावधान हो गई।

कोरोना में सारा समाज दूसरों की चिंता करने में जुट गया। लोग सहायता लेकर गए तो लोगों ने यह तक कहा कि हमारे पास सात दिन का राशन है, जिसे जरूरत है उसे दीजिए। संकट में लोगों ने परस्पर सहयोग दिखाया। अंग्रेजी में इसे सोशल कैपिटल कहते हैं, लेकिन यह हमारे संस्कारों में हैं। बाहर से आकर हाथ-पैर धोना, सफाई का ध्यान रखना यह हमारा सांस्कृतिक संचय है, यह हमारे व्यवहार में आ गया।

कोरोना के कारण कार्यक्रम बदला
नागपुर में होने वाले संघ के इस कार्यक्रम में हर साल किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। इस बार कोरोना महामारी के कारण किसी बाहरी व्यक्ति को कार्यक्रम में नहीं बुलाया। इस बार नागपुर में जयघोष और पथ संचलन भी नहीं किया गया।

सोशल मीडिया पर प्रसारण हुआ
50 लोगों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम सुबह आठ बजे से शुरू हुआ। इसमें पहले शस्त्र पूजन हुआ। इसके बाद ध्वजारोहण, प्रार्थना और गीत गायन हुआ। कार्यक्रम का सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर सीधा प्रसारण भी हुआ।

पिछली बार कहा था- केंद्र ने आर्टिकल 370 हटाकर दम दिखाया
पिछली बार विजयादशमी के मौके पर संघ प्रमुख ने कहा था कि केंद्र सरकार ने 370 हटाकर अपना दम दिखाया है। उन्होंने कहा कि जन अपेक्षाओं को प्रत्यक्ष में साकार कर, जन भावनाओं का सम्मान किया है।



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Sangh Chief News | Rashtriya Swayamsevak Sangh Mohan Bhagwat Will Address On Dussehra Vijayadashami Festival 2020


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कोरोना के इलाज करा रहे मरीजों की संख्या अब 6.68 लाख हो गई है। बीते दो हफ्तों की तुलना करें तो इस बार 70 हजार कम मरीज मिले। 11 से 17 अक्टूबर के बीच जहां 3 लाख 71 हजार 163 केस आए थे, तो 18 से 24 अक्टूबर के बीच यह संख्या 4 लाख 41 हजार 217 रही। इस हफ्ते 4 लाख 81 हजार 324 मरीज ठीक हो गए, यह संख्या इससे पहले वाले हफ्ते से 38 हजार 210 कम है।
कम मरीज ठीक होने के बावजूद एक्टिव मरीजों की संख्या में और सुधार हुआ है। 11 से 17 अक्टूबर के बीच जहां 84 हजार 147 एक्टिव केस कम हुए थे, वहीं 18 से 24 अक्टूबर के बीच 1 लाख 14 हजार 790 एक्टिस केस कम हुए।

शनिवार को देश में 50 हजार 224 केस आए, 62 हजार 154 मरीज ठीक हो गए, जबकि 575 मरीजों की मौत हो गई। एक्टिव केस में 12 हजार 528 की कमी आई। देश में अब तक 78.63 लाख केस आ चुके हैं। इनमें से 70.75 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 1.18 लाख मरीजों की मौत हो चुकी है।

कोरोना अपडेट्स

  • पिछले 5 दिनों का आंकड़ा देखें तो रिकवरी रेट में 2% का इजाफा देखने को मिला है। 19 अक्टूबर को 87% रिकवरी रेट था जो अब बढ़कर 89.74% हो गया है। पिछले 3 दिनों में एक्टिव केस (ऐसे मरीजों की संख्या जिनका अभी इलाज चल रहा है) में भी 58 हजार की कमी देखी गई है।
  • देश में अभी 16 राज्य और केंद्र शासित राज्य ऐसे हैं, जहां एक्टिव केस 5 हजार से कम हो गए हैं। सबसे कम दादरा एंड नागर हवेली में 51, मिजोरम में 175, अंडमान निकोबार में 204, सिक्किम में 242 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। इसके अलावा उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, पुडुचेरी, गोवा, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, लद्दाख और चंडीगढ़ में भी एक्टिव केस की संख्या कम है।
  • कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही भारत बायोटेक को वैक्सीन के बड़े स्तर पर ट्रायल को मंजूरी मिल गई है। फर्म ने 12 से 14 राज्यों के 20 हजार वॉलंटियर्स पर ट्रायल की तैयारी शुरू कर दी है।

पांच राज्यों का हाल
1. मध्य प्रदेश

राज्य में संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 2875 हो गया है। पिछले 24 घंटे में 20 मरीजों की मौत हुई। 1004 नए केस मिले और 1268 लोग रिकवर हुए। अब तक 1 लाख 66 हजार 298 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। इनमें 11 हजार 477 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 51 हजार 946 लोग ठीक हो चुके हैं।

2. राजस्थान
शनिवार को राज्य में 1852 मरीज मिले, 2515 लोग रिकवर हुए और 12 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 84 हजार 422 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 17 हजार 100 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 65 हजार 496 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 1826 मरीजों की मौत हो चुकी है। पिछले दो महीनों में देश में जहां औसत सैंपलिंग 44% बढ़ी, वहीं राजस्थान में 25% तक घट गई है।

3. बिहार
राज्य में 1054 नए मरीज मिले। अब तक 2 लाख 11 हजार 443 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 10 हजार 879 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 99 हजार 521 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते अब तक 1042 मरीजों की मौत हो चुकी है।

4. महाराष्ट्र
राज्य में पिछले 24 घंटे के अंदर 6417 नए केस मिले, 10 हजार 4 लोग रिकवर हुए और 137 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 16 लाख 38 हजार 961 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 1 लाख 40 हजार 194 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 14 लाख 55 हजार 107 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से मरने वालों का आंकड़ा 43 हजार 152 हो गया है।

5. उत्तरप्रदेश
राज्य में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 4 लाख 68 हजार 238 हो गया है। पिछले 24 घंटे के अंदर 2178 नए मरीज मिले, जबकि 2741 लोग रिकवर हुए। अब तक 4 लाख 33 हजार 703 लोग ठीक हो चुके हैं। इनमें 27 हजार 681 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जबकि 6854 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।



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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 70वीं बार 'मन की बात' कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे सर्दियों, खासकर त्योहारी सीजन में कोरोना के प्रति विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दे सकते हैं। पिछली बार भी उन्होंने लोगों से दो गज की दूरी और मास्क का इस्तेमाल करने की अपील की थी।

मोदी ने पिछली बार कहा था- कोरोना के बीच अपना और बच्चों का ध्यान रखें

  • कोरोना के कालखंड में दो गज की दूरी जरूरी बन गई है। इस दौरान कई परिवारों को दिक्कतें भी आईं। परिवार के बुजुर्गों ने बच्चों को कहानियां सुनाकर समय बिताया। कहानियां संवेदनशील पक्षों को सामने लाती हैं। जब मां बच्चे को खाना खिलाने के लिए कहानी सुनाती है, उसे देखना दिलचस्प होता है।
  • लंबे समय तक में घुमंतू रूप में रहा। कई घरों में जाता था। मैं बच्चों को कहानियां सुनाता था। वे कहते थे, अंकल चुटकुले सुनाइए। मैं हैरान रह गया कि घरों में कहानियों की परंपरा खत्म हो गई।
  • हमारे यहां तो हितोपदेश, पंचतंत्र जैसी कहानियों की परंपरा रही है। दक्षिण भारत में ही ऐसी परंपरा है, जिसे विल्लूपाट कहते हैं। कई लोग इसे आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
  • परिवार में हर हफ्ते कहानियों के लिए समय निकालिए। इसके लिए करुणा, वीरता, प्रेम जैसे विषय भी निर्धारित कीजिए।
  • मैं हर स्टोरी टेलर से कहना चाहता हूं कि हम आजादी का 75वां साल मनाने जा रहे हैं। आजादी से लेकर अब तक की घटनाओं को कहानियों में गढ़ सकते हैं क्या?’
  • कोरोना काल में मास्क जरूर पहनें, दो गज की दूरी रखें। यह आपको और परिवार को बचाएगा। हम यह न भूलें- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।

किसानों से कहा था- किसान बिल उनका फायदा ही करेंगे

  • हमारे यहां कहा जाता है कि जमीन से जुड़ा व्यक्ति बड़े से बड़े तूफानों में अडिग रहता है। कोरोना के संकट काल में किसानों ने दमखम दिखाया है। ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।
  • मुझे कई किसानों, संगठनों की चिट्ठियां मिलती हैं कि खेती में कैसे बदलाव आ रहे हैं? हरियाणा के किसान कंवर चौहान ने बताया कि उन्हें मंडियों से बाहर फल-सब्जी बेचने में दिक्कत आती थी। गाड़ियां जब्त हो जाती थीं। 2014 में एपीएमसी एक्ट में बदलाव हुए। उन्होंने एक समूह बनाया। अब उनकी चीजें फाइव स्टार होटलों में सप्लाई हो रही हैं। ढाई से तीन करोड़ सालाना कमा रहे हैं। यही ताकत देश के दूसरे किसानों की ताकत है।
  • गेहूं, धान, गन्ना या किसी भी फसल को जहां मर्जी हो, वहां बेचने की ताकत मिल गई है। पुणे, मुंबई में किसान साप्ताहिक बाजार खुद चला रहे हैं। इसका सीधा लाभ होता है। नए किसान बिल से किसानों को फायदा होगा। जहां अच्छे दाम मिलेंगे, किसान वहीं फल-सब्जियां बेचेगा।


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PM Narendra Modi Mann Ki Baat Live | PM Narendra Modi 69th Mann Ki Baat Today Speech Live News


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नमस्कार!
देश में आज और कल दशहरा मनेगा। कोरोना की वजह से कई जगह रावण दहन नहीं होगा। जहां दहन होगा, वहां भी रावण की ऊंचाई 90% तक कम रहेगी। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन इवेंट्स पर रहेगी नजर

  • प्रधानमंत्री मोदी सुबह 11 बजे मन की बात करेंगे।
  • IPL में बेंगलुरु-चेन्नई के बीच दोपहर साढ़े तीन बजे से और राजस्थान-मुंबई के बीच शाम साढ़े सात बजे से मैच।
  • मथुरा-वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर के कपाट खुलेंगे। दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी।
  • नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय में विजयादशमी उत्सव पर सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण।

देश-विदेश

  • भाजपा में कोरोना बम

प्रधानमंत्री मोदी की चुनावी रैली के अगले ही दिन भाजपा के बिहार चुनाव प्रभारी देवेंद्र फडणवीस कोरोना पॉजिटिव हो गए। वे मोदी की रैलियों की तैयारियों में शामिल थे, हालांकि बीमार होने के चलते उन्होंने मोदी के साथ मंच साझा नहीं किया था। उनसे पहले बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, सांसद राजीव प्रताप रूडी, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन और पूर्व कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।

कोरोना पर लापरवाही: मोदी ने शुक्रवार को सासाराम में रैली की थी। सासाराम से भास्कर रिपोर्ट कहती है कि एक भी ऐसी चुनावी सभा नहीं दिखी, जहां कोरोना को लेकर सावधानी बरती गई हो। नेता वोट के चक्कर में फंसे हैं और उन्हें ऐसा लगता है कि कोरोना से पहले वाले दिन वापस आ गए हैं।

  • महाअष्टमी पर मंदिरों से रिपोर्ट

नवरात्र के 8वें दिन भास्कर ने देश के कुछ प्रसिद्ध मंदिरों का जायजा लिया। यहां न पहले की तरह भव्य पंडाल हैं, न देवी मां की बड़ी प्रतिमाएं, न कोई मेला लगा है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था परवान पर है। खासकर, मध्य प्रदेश के मंदिरों में कोरोना पर भक्ति भारी है। हालांकि, दूसरे राज्यों में ज्यादातर मंदिर बंद हैं। जो खुले भी हैं, उनमें पहले के मुकाबले भक्तों की भीड़ कम है।
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  • रावण के पुतलों पर भी कोरोना का असर

कोरोना ने दशहरा उत्सव पर बड़ा असर डाला है। भास्कर ने 11 शहरों में जायजा लिया कि कोरोना के चलते दशहरे के उत्सव पर क्या फर्क पड़ा है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में रावण के छोटे पुतले जलाए जाएंगे। राजस्थान और चंडीगढ़ में दशहरे के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे। कुछ जगहों पर मेला समितियों ने वर्चुअल टेलीकास्ट की इजाजत मांगी है। एमपी में रावण की ऊंचाई 90% तक कम हुई है। जयपुर में 70 साल पुरानी परंपरा टूटने जा रही है।
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  • एमपी में मंत्री का चुनावी ड्रामा

मध्य प्रदेश से दिलचस्प खबर है। ग्वालियर-ईस्ट सीट से विधानसभा का उपचुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी और शिवराज कैबिनेट के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर कांग्रेस कार्यकर्ता के कदमों में झुक गए। उनका वीडियो वायरल हो गया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता के हाथ जोड़े, पैर पड़े और कहा- तुम्हें हमारी कसम! किसी और के साथ मत जाना।

  • अमेरिकी चुनाव में भी बिहार जैसा वादा

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में कोरोना सबसे बड़ा मुद्दा बन रहा है। डेमोक्रेट कैंडिडेट बाइडेन ने शुक्रवार को कहा- कोरोना को काबू करने के मामले में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। अगर मैं राष्ट्रपति बना तो हर अमेरिकी को मुफ्त में वैक्सीन लगाई जाएगी। भले ही उसका बीमा हो या न हो। इधर, बिहार में भाजपा भी चुनाव जीतने पर लोगों को कोरोना की फ्री वैक्सीन देने का वादा कर चुकी है।

ओरिजिनल

  • जीतन राम मांझी कहां रहेंगे?

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी है हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा। इस पार्टी से वे इकलौते विधायक हैं। वे बिहार की लगभग हर राजनीतिक पार्टी में रहे हैं। भास्कर ने उनसे सवाल किया कि नतीजों के बाद कहीं से ऑफर मिला तो क्या करेंगे? जवाब में बोले- चलिए, अब ई सब फालतू बात मत कीजिए। जाइए अब बहुत हो गया...
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  • बात बराबरी की

मर्द कभी सरेआम किसी इमरती को आइटम घोषित कर देते हैं, तो कभी सड़कों की क्वालिटी के पैमानों को समझाने की खातिर उन्हें हेमा मालिनी के गाल जैसा बता देते हैं। मन के कैसे-कैसे मैल दिख रहे हैं। राजनीति न हो गई मानो मर्द जाति की व्यक्तिगत बिसात हो गई। बेशक, हिंदुस्तान की राजनीतिक गलियां औरतों के लिए तंगदिल रही हैं।
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  • पॉजिटिव खबर

गुजरात के मैकेनिकल इंजीनियर हरेश पटेल फेब्रिकेशन का काम करते थे। डेढ़ साल पहले 4 गायें पाल लीं। अब 44 गायें हैं। वे अब गाय के दूध से घी बनाते हैं, जिसकी मार्केट में कीमत 1700 रुपए किलो है। गोमूत्र से अर्क और गोबर से इकोफ्रेंडली धूपबत्ती बनाते हैं। अब वे हर साल 8 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं।
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एक्सप्लेनर

  • क्या है हर्ड इम्युनिटी?

देश में करीब दो महीने बाद कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या सात लाख से कम हो गई है। ऐसे में एक स्टडी का यह दावा उत्साह बढ़ाने वाला है कि भारत हर्ड इम्युनिटी के लेवल पर पहुंच गया है। स्टडी के मुताबिक देश में 38 करोड़ लोगों को कोरोना हो चुका है।
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डेटा स्टोरी

  • भारत में जहरीली हवा से बच्चों की मौतें

स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर 2020 रिपोर्ट में एयर पॉल्यूशन से बच्चों पर पड़ने वाले असर के बारे में बताया गया है। क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस, दिल और फेफड़े के रोगों के बाद मौतों का चौथा बड़ा कारण है एयर पॉल्यूशन। इसने भारत में पिछले एक साल 1.16 लाख छोटे बच्चों की जान ले ली।
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सुर्खियों में और क्या है...

1. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को एक बार फिर आगे बढ़ाया है। जिन लोगों को अपने रिटर्न के साथ ऑडिट रिपोर्ट नहीं लगानी पड़ती, वे 2019-20 के लिए अपना रिटर्न 31 दिसंबर तक जमा कर सकते हैं। पहले आखिरी तारीख 30 नवंबर तय की गई थी।
2. राजद ने शनिवार को घोषणापत्र जारी कर दिया। इसमें कैबिनेट की पहली बैठक में 10 लाख युवाओं को स्थाई सरकारी नौकरी देने का वादा दोहराया गया है। तेजस्वी यादव ने पिछले दिनों यह चुनावी वादा किया था।
3. जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली के लिए पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। शनिवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को इस गठबंधन का अध्यक्ष और महबूबा मुफ्ती को उपाध्यक्ष बनाने पर सहमति बनी।
4. पाकिस्तान के सबसे बड़े टीवी न्यूज चैनल ‘जियो न्यूज’ के सीनियर रिपोर्टर अली इमरान सैयद को शुक्रवार रात अगवा कर लिया गया। अली ने मंगलवार को कराची के उस होटल के सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर रिलीज किए थे, जहां से नवाज शरीफ की बेटी मरियम के पति कैप्टन सफदर को फौज जबरदस्ती अपने साथ ले गई थी।
5. सरकार ने देश की 4 हजार आर्मी कैंटीन्स को विदेशी सामान आयात न करने का आदेश दिया है। इसमें महंगी विदेशी शराब भी शामिल है। सरकार ने यह फैसला आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत किया है।



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हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक आश्विन महीने की दशमी तिथि और विजय मुहूर्त के संयोग पर विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस संयोग की तारीख को लेकर असमंजस है। ज्योतिषियों के मुताबिक 25 अक्टूबर को दशमी तिथि के दौरान दिन में विजय मुहूर्त में श्रीराम, वनस्पति और शस्त्र पूजा करनी चाहिए। इसके बाद मूर्ति विसर्जन और शाम को रावण दहन की परंपरा है।

विजयादशमी को ज्योतिष में अबूझ मुहूर्त कहा गया है। यानी इस दिन प्रॉपर्टी, व्हीकल और हर तरह की खरीदारी की जा सकती है। इस दिन पूजा, खरीदारी और विसर्जन के लिए 3 मुहूर्त हैं। वहीं, इसके अगले दिन सूर्योदय के समय दशमी तिथि होने से 26 अक्टूबर को भी मूर्ति विसर्जन किया जा सकेगा। इस दिन सुबह करीब 11:30 तक दशमी तिथि होने से मूर्ति विसर्जन के लिए 2 मुहूर्त रहेंगे।

विजयादशमी के बारे में ज्योतिषियों का मत
इस बार दशहरा देश के कुछ हिस्सों में 25 को तो कुछ जगह 26 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। वाराणसी, तिरुपति और उज्जैन के ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पंचांग गणना के मुताबिक 25 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व मनाना चाहिए। विद्वानों का कहना है कि पंजाब, मुंबई और राजस्थान के भी बड़े पंचांगों में दशहरा 25 अक्टूबर को बताया गया है। क्योंकि इस दिन दशमी तिथि में अपराह्न काल और विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है। इसके अगले दिन यानी 26 अक्टूबर को सूर्योदय के समय दशमी तिथि होने से इस दिन मूर्ति विसर्जन किया जा सकता है।

विजयादशमी के मुहूर्त - (25 अक्टूबर, रविवार)
1. दोपहर 1.30 से 2.50 तक (विसर्जन और खरीदारी मुहूर्त)
2. दोपहर 2.00 से 2.40 तक (खरीदारी, अपराजिता, शमी और शस्त्र पूजा मुहूर्त )
3. दोपहर 3.45 से शाम 4.15 तक (विसर्जन और खरीदारी मुहूर्त)

विसर्जन के मुहूर्त - (26 अक्टूबर, सोमवार)
1. सुबह 6.30 से 8.35 तक
2. सुबह 10.35 से 11.30 तक

रावण पुतला दहन की परंपरा
विष्णु धर्मोत्तर पुराण के मुताबिक विजयादशमी पर श्रीराम ने युद्ध के लिए यात्रा की शुरुआत की थी। विद्वानों का कहना है कि इस दिन धर्म की रक्षा के लिए श्रीराम ने शस्त्र पूजा की थी। इसके बाद रावण की प्रतिकृति यानी पुतला बनाया था। फिर विजय मुहूर्त में स्वर्ण शलाका से उसका भेदन किया था। यानी सोने की डंडी से उस पुतले को भेद कर युद्ध के लिए प्रस्थान किया था। विद्वानों के मुताबिक ऐसा करने से युद्ध में जीत मिलती है। माना जाता है कि तुलसीदास जी के समय से विजयादशमी के दिन रावण दहन की परंपरा शुरू हुई।

विजय प्रस्थान का प्रतीक
भगवान राम के समय से यह दिन विजय प्रस्थान का प्रतीक निश्चित है। भगवान राम ने रावण से युद्ध हेतु इसी दिन प्रस्थान किया था और कई दिनों बाद रावण से युद्ध के लिए इसी दिन को चुना। इसके बाद द्वापर युग में अर्जुन ने धृष्टद्युम्न के साथ गोरक्षा के लिए इसी दिन प्रस्थान किया था। वहीं मराठा रत्न शिवाजी ने भी औरंगजेब के विरुद्ध इसी दिन प्रस्थान करके हिन्दू धर्म की रक्षा की थी। भारतीय इतिहास में अनेक उदाहरण हैं, जब हिन्दू राजा इस दिन विजय-प्रस्थान करते थे। दशहरे का उत्सव शक्ति और शक्ति का समन्वय बताने वाला उत्सव है।

दशहरे का व्यावहारिक महत्व
अश्विन महीने के शुक्लपक्ष के शुरुआती 9 दिनों तक शक्ति पूजा की जाती है। यानी अपने अंदर की सकारात्मक ऊर्जा को पहचान कर देवी रूप में उसका पूजन किया जाता है। इन 9 दिनों तक शक्ति पूजा करने के बाद दसवें दिन शस्त्र पूजा की जाती है। यानी अच्छे कामों का संकल्प लिया जाता है। इसी दिन अपनी सकारात्मक शक्तियों से नकारात्मक शक्तियों पर जीत प्राप्त की जाती है यानी खुद की बुराई पर जीत हासिल करना ही विजय पर्व माना गया है।

भास्कर एक्सपर्ट पैनल :
डॉ. कामेश्वर उपाध्याय, राष्ट्रीय महासचिव, अखिल भारतीय विद्वत परिषद, बनारस
डॉ. कृष्णकुमार भार्गव, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति
पं. गणेश मिश्र, असि. प्रो. दीनदयाल उपाध्याय कौशल केंद्र, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
पं. आनंद शंकर व्यास, पंचांगकर्ता, उज्जैन
डॉ. रामनारायण द्विवेदी, मंत्री, काशी विद्वत परिषद, बनारस
प्रो. गिरिजाशंकर शास्त्री, ज्योतिष विभाग, काशी हिंदू विश्व विद्यालय



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कोरोना से ठीक हो चुके मरीज, अब दूसरी बार भी संक्रमित हो रहे हैं। हाल ही में महाराष्ट्र में 4 डॉक्टर दूसरी बार कोरोना संक्रमित हो गए। देश और दुनिया में इस तरह के मामले अब रोज आ रहे हैं। रिसर्च के मुताबिक, दूसरी बार कोरोना पहली बार की तुलना में ज्यादा खतरनाक है।

एम्स दिल्ली में रुमेटोलॉजी डिपॉर्टमेंट की हेड डॉ. उमा कुमार कहती हैं कि कोरोना से ठीक हो चुके 100 में से 20 लोगों में पोस्ट कोविड-19 सिंड्रोम देखने का मिल रहा है। मतलब मरीज कोरोना से ठीक तो हो रहे हैं, लेकिन उनमें कोरोना का कोई न कोई लक्षण बाकी रह जा रहा है।

री-इंफेक्शन्स के भी ज्यादा केस आ रहे हैं। हालांकि, हर किसी में यह सीरियस ही होगा, यह कहना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए वे लोग जो कोरोना से ठीक हो चुके हैं, उन्हें भी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हाथ धोने जैसी बेसिक गाइडलाइन का पालन पहले की ही तरह करना चाहिए।

ठीक हुए मरीजों को क्या दिक्कतें हो रही हैं?

दोबारा कोरोना होने को लेकर जो रिसर्च रिपोर्ट आ रही हैं, वो डराने वाली हैं। ब्रिटेन में हुई एक स्टडी में पता चला है कि कोविड-19 के मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद भी कई लक्षणों का सामना करना पड़ रहा है। कई मरीजों में दो-तीन महीनों तक सांस फूलने, थकान, चिंता और अवसाद जैसे लक्षण दिख रहे हैं।

रिसर्च में क्या पता चला?

  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना होने के दो-तीन महीने बाद भी 64% मरीजों में सांस की समस्या, 55% मरीजों में थकावट की परेशानी देखी गई। MRI स्कैन में 60% मरीजों के फेफड़ों, 29% की किडनी, 26% के दिल और 10% मरीजों के लीवर असमान्य दिखे, यानी उनके शरीर के ये अंग ठीक तरह से नहीं काम कर रहे थे।
  • ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने जिन 58 कोरोना मरीजों पर रिसर्च की है, उनमें से कई लोगों के ऑर्गन एबनॉर्मल पाए गए। आर्गन्स में सूजन भी देखने को मिली।
  • ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना से ठीक होने के बाद भी संक्रमण का असर लंबे समय तक रह सकता है। यह शरीर और दिमाग पर भी गहरा असर डाल रहा है।
  • अमेरिका में न्यूजर्सी के डॉक्टरों ने दावा किया है कि कोरोना से ठीक होने के बाद जब दूसरी बार किसी को संक्रमण होता है तो मरीज की स्थिति बहुत गंभीर हो जाती है।
  • यूनिवर्सिटी ऑफ नवादा में डॉक्टर मार्क पैंडोरी का कहना है कि एक बार कोरोना से संक्रमित होने का मतलब यह कतई नहीं है कि अब दोबारा संक्रमण का खतरा नहीं है। दूसरी बार कोरोना होने की संभावना आपकी इम्युनिटी पर निर्भर करती है।

आर्गन्स पर क्या असर छोड़ रहा है कोरोना?
डॉ. उमा कहती हैं- कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों का सीटी स्कैन करने पर कई चौंकाने वाली चीजें भी देखने को मिल रही हैं। ठीक हुए मरीजों के आर्गन्स पर संक्रमण का गहरा असर हो रहा है। उनके आर्गन्स डैमेज भी हो रहे हैं। कई मरीजों के लंग्स सही से काम नहीं कर रहे हैं। ए-सिम्प्टमेटिक (जिनमें लक्षण दिखाई नहीं देते) मरीजों में भी ये लक्षण देखने को मिल रहे हैं।

दोबारा कोरोना क्यों हो रहा है?
डॉ. उमा कहती हैं कि कोई भी वायरस जब ज्यादा समय तक वातावरण में रहता है, तो वह माइल्ड होगा या ज्यादा खतरनाक होगा। रिस्क दोनों तरह का होता है। कोरोना से ठीक हुए कुछ मरीजों में एंटीबॉडीज डेवलप नहीं हो पा रही हैं। कुछ मरीजों में एंटीबॉडीज डेवलप हो रही हैं, पर तीन-चार महीने में खत्म भी हो जा रही हैं।

आइए समझते हैं कि कोरोना कैसे दोबारा हो रहा है?

अमेरिका में 25 साल के एक लड़के को दो बार कोरोना हुआ। दूसरी बार लक्षण बहुत ज्यादा गंभीर थे। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। फेफड़ा शरीर में कम मात्रा में ही ऑक्सीजन सप्लाई कर पा रहा था। इस लड़के की केस स्टडी लैंसेट मैगजीन में प्रकाशित हुई है। इसे ऐसे समझते हैं...

25 मार्च- गले में खराश और खांसी शुरू हुई। सिर दर्द और डायरिया भी हो गया।

18 अप्रैल- जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट आई।

27 अप्रैल- शुरुआती सिंप्टम्स पूरी तरह से गायब हो गए।

9 और 26 मई- दो बार टेस्ट कराया दोनों बार निगेटिव आया।

28 मई- दूसरी बार सिम्पटम्स दिखाई दिए। इस बार बुखार, सिर दर्द, खांसी, जुकाम, डायरिया हुआ।

5 जून- दूसरी बार पॉजिटिव आया। सांस लेने में भी दिक्कत थी।



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Coronavirus Twice Infection, Post-covid Syndrome Update; Here Latest Research On Coronavirus Infectious Disease


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