Saturday, November 14, 2020

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उत्तरप्रदेश में कानपुर के घाटमपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात छह साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात को तंत्र-मंत्र के कारण अंजाम दिए जाने का शक है। ऐसा इसलिए, क्योंकि घटना दिवाली की रात की है। इस दिन अघोरी साधना वाले अनुष्ठान करते हैं, दूसरा यह कि शव काली मंदिर के सामने मिला है। शरीर के कई अंदरूनी अंग भी गायब हैं।

शरीर पर कपड़े नहीं थे, पास ही खून से सनी चप्पलें पड़ी थीं

पुलिस ने बताया कि भदरस गांव के करन कुरील की छह साल की बेटी श्रेया शनिवार शाम पड़ोस की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिजन रात में उसकी तलाश करते रहे, साथ ही पुलिस को सूचना दी। सुबह काली मंदिर के पास कुछ लोगों को बच्ची का क्षत-विक्षत शव मिला। शरीर पर कपड़े नहीं थे। पास में ही खून से सनी उसकी चप्पलें पड़ी थीं।

पुलिस ने कहा- जल्द ही घटना का खुलासा करेंगे

अभी आरोपी का पता नहीं चला है। कहा जा रहा है कि इस केस में कई लोग शामिल हो सकते हैं। आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री मौर्य ने नोटिस लिया
इस मामले में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नोटिस लिया है। उन्होंने पुलिस को केस की तह तक जाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।



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बच्ची का शव काली मंदिर के पास मिलने के बाद गांव के लोगों का वहां मजमा लग गया। इस घटना के पीछे किसी अघोरी तांत्रिक के शामिल होने का शक है।


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इस साल की शुरुआत में लद्दाख में भारत-चीन के बीच गतिरोध शुरू हुआ और तब से अब तक छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है। भले ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यह पहला गतिरोध नहीं है, लेकिन यह तो पहली ही बार हुआ है कि दोनों तरफ सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं। आधी सदी में यह पहली बार है जब दोनों तरफ से गोलियां चली हैं।

भारत और चीन 3 दिन तक रोज 30% सैनिक वापस बुलाएंगे

पूरा देश सांसें थामकर चिंता भरी नजरों से पिछले कुछ महीनों में LAC पर दोनों देशों के बीच हो रही बातचीत की प्रगति को देख रहा था। सिर्फ भारत और चीन ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया दो परमाणु हथियार रखने वाले देशों के बीच गतिरोध को बारीकी से देख रहा था। विशेष रूप से पचास हजार से अधिक सैनिकों की तैनाती, टैंक और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे कई हथियार प्लेटफॉर्म तैनात किए गए। यदि एयर फोर्स की तैयारियों को देखें तो उसने भी मानवरहित विमानों (UAVs) के साथ ही लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।

जब दोनों पक्ष इस तरह की फोर्सेस और वेपन सिस्टम तैनात करते हैं तो हमेशा चिंता का विषय होता है कि चाहे-अनचाहे यह गलवान जैसी झड़प की ओर न चली जाए, जो हालात नियंत्रण के बाहर होने पर हो सकता है। इस वजह से सैन्य स्तर के साथ-साथ राजनयिक स्तरों पर बातचीत और चर्चा के माध्यम से विवाद को सुलझाने का प्रयास किया गया है।

चीन और भारत की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में बनाए गए स्ट्रक्चर तोड़ेंगी, पेट्रोलिंग भी नहीं होगी

इस तरह की बातचीत और चर्चा की प्रगति हमेशा धीमी होती है। कई दौर की बातचीत में शुरुआती नतीजे उत्साह बढ़ाने वाले नहीं थे। हालांकि, पिछले हफ्ते दोनों देशों के बीच सहमति बनी। डिसएंगेजमेंट का प्रस्ताव पर विचार हो रहा है। मोटे तौर पर कहें तो यह तीन बहुत बड़े कदम हैं।

पहले कदम के तौर पर टैंक और आर्मर्ड पर्सनल कैरियर्स को दोनों तरफ फ्रंटलाइन से महत्वपूर्ण दूरी पर पीछे हटाया जाएगा। स्पष्ट है कि इस तरह के हथियारों में लंबी दूरी तक घातक क्षमता होती है और उन्हें पीछे ले जाने से दोनों ओर से आक्रामक मुद्रा में नरमी आ जाएगी।

दूसरे कदम के तौर पर दोनों पक्षों को पैगॉन्ग त्सो झील के उत्तरी किनारे से पीछे हटना है। भारतीय जवानों को धन सिंह थापा पोस्ट तक हटना है जबकि चीनी साइड को ईस्ट ऑफ फिंगर 8 तक हटना है।

तीसरे और आखिरी कदम के तौर पर दोनों पक्ष पैगॉन्ग त्सो झील के दक्षिणी किनारे के साथ सीमा रेखा से अपने-अपने स्थान से पीछे हटेंगे। इसमें चुशुल और रेजांग ला एरिया के आसपास की ऊंचाइयां शामिल हैं। भारत ने अगस्त के अंत में पैगॉन्ग त्सो झील के दक्षिणी तट पर रेजांगला रिज की ऊंचाइयों पर कमांडिंग पोजिशन हासिल कर ली थी, जिसने चीन को चकित कर दिया था।

डिसएंगेजमेंट की प्रक्रिया को वेरिफाई करने के लिए भारतीय और चीनी मिलिट्री जॉइंट मैकेनिज्म में भाग लेगी, जिसके लिए प्रतिनिधियों की बैठक के साथ-साथ मानवरहित विमानों (UAV) का उपयोग किया जाएगा।

भारतीय पक्ष इस मुद्दे पर बहुत सावधानी से आगे बढ़ रहा है क्योंकि इस साल जून में गलवान की झड़प के बाद चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इस झड़प में 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे, वहीं चीन के कमांडिंग ऑफिसर समेत कई सैनिक भारतीय सेना के हाथों मारे गए थे। यह याद रखना जरूरी है कि 6 जून को कॉर्प्स कमांडरों की बैठक में जिन शर्तों पर सहमति बनी थी, उस पर चीनी सैनिक अमल कर रहे हैं या नहीं, यह वेरिफाई करने ही भारतीय सैनिक वहां गए थे और यह झड़प हो गई थी।

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत और चीन मिलिट्री और डिप्लोमेटिक चैनलों से बातचीत और कम्युनिकेशन को आगे बढ़ाने पर राजी हैं। वरिष्ठ कमांडरों की बैठक में चर्चा को आगे बढ़ाते हुए अन्य विवादित मुद्दों को का समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया। इसके लिए वे जल्द ही एक और दौर की बैठक करने को सहमत हुए हैं।

कुल मिलाकर यह एक उत्साह बढ़ाने वाला घटनाक्रम है। भले ही इसकी प्रगति बेहद धीमी और कांटेदार रही हो, इन निगोसिएशन से मिली राहत का स्वागत है। परमाणु हथियारों से लैस दो देशों के बीच छोटी-सी झड़प भी दुनिया में खलबली मचा सकती है क्योंकि इस झड़प के किसी भी पल नियंत्रण से बाहर निकल जाने की आशंका बनी रहती है।

एक अन्य स्तर से देखें तो इस कदम का स्वागत होना चाहिए। जब पूरी दुनिया कोरोना संकट से जूझ रही है और हमारी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है, तो टल सकने वाली इस लड़ाइयों से दुनिया को बचाना ही चाहिए। दक्षिण चीन सागर और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और ताइवान की भागीदारी को देखते हुए इस तरह की छोटी-सी झड़प से अन्य देश और अन्य क्षेत्र इस युद्ध की चपेट में आ सकते हैं। इस वजह से बात सिर्फ लद्दाख में शांति की नहीं है।

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि डिसएंगेजमेंट को लेकर मतभेद हैं। पैगॉन्ग त्सो झील के उत्तरी किनारे से पीछे हटने की शुरुआत होना चाहिए या दक्षिणी किनारे से, क्योंकि चीनी पक्ष का जोर इस बात पर है कि भारत को पहले दक्षिणी किनारे की चोटियों से पीछे हटना चाहिए। वापसी के तौर-तरीकों पर अभी सहमति नहीं बनी है। यहां तक कि अगर हम डिसएंगेजमेंट पर छोटे-छोटे स्टेप्स लेते हैं तो उस प्रगति के आधार पर हम इसे देपसांग जैसे अन्य विवादित क्षेत्रों तक बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं।

ग्लोबल लेवल पर क्वॉड (QUAD) में हमारी भागीदारी और कन्वर्जेंस से दिखी एकजुटता पर भरोसा करना विवेकपूर्ण कदम है। अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट जो बिडेन ने लद्दाख विवाद पर भारत के समर्थन में बयान दिए, जिसने दिल को सुकून पहुंचाया।

चीन से तनाव के बीच क्वॉड देशों की मालाबार 2020 नैवल एक्सरसाइज शुरू; जानिए सबकुछ

मैं यह कहकर अपनी बात समाप्त करना चाहता हूं कि भारत आंख मूंदकर चीन पर भरोसा नहीं कर रहा है। हमारी मजबूत स्थिति को ध्यान में रखकर ही डिसएंगेजमेंट की शर्तों पर निगोसिएशन कर रहा है। खासकर, पैगॉन्ग त्सो के दक्षिणी किनारे पर हमारी टेक्टिकल पोजिशन और हमारे सैनिकों की तैनाती के साथ ही लॉजिस्टिक तैयारियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा है। इसके बाद भी यह ध्यान देने की बात है कि हम इन मुद्दों पर युद्ध के मैदान में संघर्ष के बजाय बाहर निकलकर टेबल पर आमने-सामने बैठकर बात कर रहे हैं। सभी के लिए शांति दिवाली का सबसे अच्छा गिफ्ट हो सकता है। शुभ दीवाली!



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India China Ladakh Ladakh Galwan Valley Situation Update; Retired Lieutenant General Satish Dua On Army Disengagement Proposal


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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने गुरुवार को दूसरी तिमाही में भी GDP में 8.6% की गिरावट का अनुमान लगाया है। ये लगातार दूसरी तिमाही होगी, जब GDP में गिरावट दर्ज होगी। लगातार दो तिमाही में GDP में गिरावट से संकेत साफ है कि भारत की इकोनॉमी रसातल में पहुंच गई है।

पहली तिमाही में 23.9% की गिरावट आई थी। RBI की रिपोर्ट के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने 2.65 लाख करोड़ रुपए का 'आत्मनिर्भर भारत 3.0 पैकेज' की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, कोरोना महामारी से सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार अब तक 29.87 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दे चुकी है। आइए समझते हैं कोरोना के दौर में सरकार ने कब-कब और कितने रुपए का पैकेज दिया?

आत्मनिर्भर भारत 3.0: घर खरीदने पर IT में छूट; PF सरकार भरेगी
आत्मनिर्भर भारत 3.0 कुल 2.65 लाख करोड़ रुपए का है। इसमें रोजगार बढ़ाने के लिए 12 योजनाएं हैं। प्राइवेट सेक्टर में 15 हजार रुपए से कम मासिक वेतन पाने वाले नए कर्मचारियों के PF का हिस्सा केंद्र सरकार भरेगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने घर खरीदने वालों और बिल्डर्स को बड़ी राहत दी है। सर्कल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू के बीच के अंतर को बढ़ाकर 20% कर दिया, जो पहले 10% था। 30 जून 2021 तक प्रभावी रहने वाली यह योजना दो करोड़ रुपए तक के रेसीडेंशियल यूनिट की प्राइमरी बिक्री पर लागू होगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना को 18 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। इससे 30 लाख जरूरतमंदों को खुद का घर मिल सकेगा। कोरोना की वैक्सीन के लिए भी 900 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

आत्मनिर्भर भारत 2.0: त्योहारी सीजन में मांग बढ़ाने के लिए
त्योहारी सीजन में मांग बढ़ाने के लिए 12 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दिवाली स्कीम लाई गई थी। आत्मनिर्भर भारत 2.0 कुल 73 हजार करोड़ रुपए का था। देश के 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दो स्कीम थी। पहली थी LTC कैश वाउचर स्कीम और दूसरी थी स्पेशल फेस्टिवल एडवांस स्कीम। LTC स्कीम में कैश वाउचर मिलने थे, जबकि दूसरी स्कीम में 10 हजार रुपए एडवांस मिलने थे। LTC स्कीम के जरिए केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को घूमने के लिए 36 हजार रुपए, 20 हजार रुपए और 6 हजार रुपए के कैश वाउचर देती। जबकि, फेस्टिवल एडवांस के लिए 10 हजार रुपए बिना ब्याज के मिलते। ये पैसे 10 किश्तों में लौटाना थे। इनके अलावा राज्यों को 50 साल के लिए 12 हजार करोड़ रुपए ब्याजमुक्त कर्ज देने की योजना थी।

पैकेज का क्या हुआ?

  • फेस्टिवल एडवांस स्कीम के लिए SBI उत्सव कार्ड कर्मचारियों को दिए गए हैं।
  • 25 हजार करोड़ रुपए रोड ट्रांसपोर्ट और डिफेंस मिनिस्ट्री को मिले हैं।
  • 11 राज्यों को 3 हजार 621 करोड़ रुपए का कर्ज दिया जा चुका है।

आत्मनिर्भर भारत 1.0: सबसे बड़ा पैकेज, अलग-अलग किश्तों में आया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 मई को राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज देने की घोषणा की थी। जिसे हम आत्मनिर्भर भारत 1.0 कहते हैं। ये कुल 20 लाख 97 हजार 53 करोड़ रुपए का पैकेज था। इस पूरे पैकेज में 12 मई के ऐलान से पहले ही सरकार ने 1.92 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज दिया था, उसे भी शामिल किया था। साथ ही RBI की तरफ से 8.01 लाख करोड़ रुपए की मदद को भी इस पैकेज में लिया गया था। यानी, कुल मिलाकर आत्मनिर्भर भारत 1.0 में 11.02 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया था।

  • वित्त मंत्री ने 13 मई को 5.94 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया था। इसमें छोटे कारोबारियों को कर्ज देने, NBFC कंपनियों और बिजली कंपनियों को मदद के लिए दी जाने वाली राशि का ब्यौरा था।
  • दूसरे दिन 14 मई को 3.10 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी, जिसमें अटके हुए प्रवासी मजदूरों के लिए दो महीने तक मुफ्त अनाज देने और किसानों को कर्ज देने की घोषणाएं शामिल थीं।
  • तीसरे दिन 15 मई को 1.5 लाख करोड़ रुपए का पैकेज आया था, जिसमें बताया था कि ये पैसा खेती के इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च किया जाएगा।
  • चौथे दिन 16 मई को 8 हजार करोड़ और पांचवे दिन 17 मई को 40 हजार करोड़ रुपए का पैकेज आया था।

पैकेज का क्या हुआ?

  • पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि के तहत 1,373.33 करोड़ रुपए के कर्ज दिए गए।
  • किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए 1.5 करोड़ से ज्यादा किसानों को 1.43 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया गया।
  • पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत 21 राज्यों को 1,681.32 करोड़ रुपए मिले।
  • एमरजेंसी क्रेडिट लोन गारंटी स्कीम (ECLGS) के तहत 61 लाख लोगों को 2.05 लाख करोड़ रुपए का कर्ज मिला।
  • NBFC और HFC 7,227 करोड़ रुपए चुकाए गए।
  • 17 राज्यों की बिजली कंपनियों को 1.18 लाख करोड़ रुपए का लोन दिया। 11 राज्यों की कंपनियों के लिए 31,136 करोड़ रुपए चुकाए।


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Nirmala Sitharaman Narendra Modi: AATM Nirbhar Abhiyan| Atma Nirbhar Bharat Economic Package 3.0 Vs Self-Reliant India One and Second Comparison


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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, फर्स्ट लेडी मेलानिया ने भारतीय समुदाय को दीपावली की शुभकामनाएं दी हैं। उनके अलावा प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन और वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट कमला हैरिस ने भारतवासियों को रोशनी की त्योहार पर शुभकामनाएं दीं। भारतीय मूल की कमला हैरिस ने कहा- साल मुबारक।

ट्रम्प ने क्या कहा
व्हाइट हाउस से दीपावली के अवसर पर एक बयान जारी किया गया। इसमें राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा- फर्स्ट लेडी और मैं आपको दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। रोशनी के इस त्योहार में आप दोस्तों, पड़ोसियों और अपनों के साथ रहें और बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में इसे मनाएं। अंधकार पर रोशनी, अज्ञान पर ज्ञान की विजय हो। हर घर में दिए जलेंगे। फिर चाहे वो घर हो, ऑफिस हो या पूजा स्थल। यह त्योहार हमें आशा और समर्पण का पारंपरिक संदेश देता है। इन्हें हमारे जीवन में लाता है।

ट्रम्प ने आगे कहा- अमेरिका आस्था में भरोसा करने वाला देश है। मुझे गर्व है कि मेरी सरकार ने नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों और उनकी आस्था की रक्षा की है। अमेरिकी जहां भी दियों से रोशनी करेंगे यह हमारी आजादी की रोशनी ही होगी। दुनिया में जहां भी दीपावली मनाई जा रही है, हम उन सभी लोगों को फिर एक बार इस पर्व की शुभकामनाएं देते हैं।

बाइडेन ने भी शुभकामनाएं
20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने जा रहे और फिलहाल प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन ने कहा- लाखों हिंदू, जैन, सिख और बौद्धों को रोशनी के पर्व की बधाई। मैं और जिल बाइडेन आपको इस पर्व की शुभकामनाएं देते हैं। आशा करते हैं कि आने वाला साल आपकी उम्मीदों, खुशियों और समृद्धि में उन्नति करेगा। साल मुबारक। बाइडेन 20 नवंबर को 78 साल के हो जाएंगे। वे अमेरिकी इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे।

कमला हैरिस ने क्या कहा?
अमेरिकी इतिहास की पहली महिला उप राष्ट्रपति बनने जा रहीं भारतीय मूल की कमला हैरिस ने भी भारतीयों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसके लिए ट्वीट किया। हैरिस ने लिखा- हैप्पी दीपावली और साल मुबारक। डगलस (पति) और मैं आशा करते हैं कि दुनिया के हर हिस्से में आप सुरक्षित, स्वस्थ और आनंद से दीपावली मना रहे होंगे।
कमला ने पिछले हफ्ते चुनाव जीतने के बाद भारत की यादों को ताजा किया था। हैरिस की मां भारत से ताल्लुक रखती थीं। वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट कई भाषणों में उन यादों को ताजा करती आई हैं।



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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फर्स्ट लेडी मेलानिया ने भारतीयों को दीपावली की शुभकामनाएं दी हैं। ट्रम्प चुनाव हार चुके हैं। हालांकि, अब तक उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया है।


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अमेरिका में 2020 का राष्ट्रपति चुनाव हो चुका है। डेमोक्रेट पार्टी के जो बाइडेन जीत चुके हैं। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब भी हार मानने को तैयार नहीं हैं। बहरहाल, अब खबरें ये आ रही हैं कि रिपब्लिकन पार्टी 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को ही फिर उम्मीदवार बना सकती है। इसकी वजह भी साफ है। पार्टी के पास ट्रम्प से ज्यादा ताकतवर और लोकप्रिय नेता नहीं है। हालांकि, तब तक ट्रम्प की उम्र 78 साल हो चुकी होगी।

ट्रम्प खुद इशारा कर चुके हैं
Axios और वॉशिंगटन पोस्ट ने हाल ही में दो रिपोर्ट्स पब्लिश कीं। इनमें कहा गया- ट्रम्प ने अपने करीबियों को बता दिया है कि 2024 में वे फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे। रिपब्लिकन पार्टी को GOP यानी ग्रैंड ओल्ड पार्टी भी कहा जाता है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प पार्टी पर पकड़ मजबूत कर रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने नेशनल कमेटी में अपनी कट्टर समर्थक रोना मैक्डेनियल को अपॉइंट किया। यही कमेटी सबसे आखिर में पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाती है।

क्या पार्टी मजबूर है
सीएनएन के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी के पास अगले चुनाव के लिए ज्यादा विकल्प नहीं हैं। अगर हैं भी तो ट्रम्प के मुकाबले उनका कद काफी छोटा है। वे पार्टी के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। 2020 के चुनाव में यह साफ हो गया कि उन्होंने बाइडेन को कितनी कड़ी टक्कर दी। वो भी तब जबकि ज्यादा प्री और पोस्ट पोल्स में उन्हें खारिज किया जा रहा था। ऐसा नहीं है कि ट्रम्प का पार्टी में विरोध नहीं है। कुछ विरोधी भी हैं, लेकिन वे भी जानते हैं कि ट्रम्प की लोकप्रियता को नकारना सत्ता में वापसी की राह बेहद मुश्किल कर देगा।

और कौन से नाम रेस में होंगे
वाइस प्रेसिडेंट माइक पेन्स, अरकंसास के सीनेटर टॉम कॉटन, मिसौरी सीनेटर जोश हॉवले, यूएन में एम्बेसेडर रहीं भारतीय मूल की निक्की हैली। ये वो नाम हैं जो अगर ट्रम्प नहीं लड़े तो दौड़ में शामिल हो सकते हैं। लेकिन, ट्रम्प 2024 के लिए मन बना लेंगे तो ये सभी पीछे हट जाएंगे। रिपब्लिकन पार्टी के सूत्रों ने भी इसकी पुष्टि की है। पार्टी में ट्रम्प के विचारों को स्वीकार भी किया जाता है। 94% रिपब्लिकन्स मानते हैं कि ट्रम्प ने पार्टी एजेंडे को बखूबी लागू किया। कट्टरपंथी धड़े में 97% लोग उनके पक्ष में हैं। जाहिर सी बात है अगर ट्रम्प 2024 के लिए हामी भरेंगे तो फिर कोई और नेता सामने नहीं आएगा।

लेकिन, कुछ सवाल भी
अब सवाल ये है कि क्या ट्रम्प का रास्ता इतना ही आसान है, जितना माना जा रहा है। इसका जवाब है- नहीं। ट्रम्प 2024 में 78 साल के होंगे। राष्ट्रपति चुनाव के लिहाज से ये ज्यादा उम्र है। दूसरी बात। उनके खिलाफ कई आरोप हैं और राष्ट्रपति पद से हटते ही उन्हें कई केसों का सामना करना पड़ सकता है। अगर कानूनी पेचीदगियां नहीं हुईं तो ट्रम्प अगले चुनाव में फिर नजर आ सकते हैं।



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डोनाल्ड ट्रम्प 2024 में फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं। रिपब्लिकन पार्टी इस बारे में विचार कर सकती हैं। (फाइल)


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देश में कोरोना के एक्टिव केस में तेजी से आ रही गिरावट दिवाली के दिन धीमी रही। 41 हजार 658 केस आए और इसके मुकाबले सिर्फ 42 हजार 215 मरीज ठीक हुए। 449 मरीजों की मौत हो गई। ऐसे में एक्टिव केस में सिर्फ 1027 एक्टिव केस कम हुए। यह बीते 45 दिनों में सबसे कम है। एक्टिव केसों में 3 अक्टूबर से लगातार कमी आ रही है।

देश में अब तब 88.14 लाख मरीज कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 82.03 लाख ठीक हो चुके हैं और 1.29 लाख की मौत हो चुकी है।

पांच राज्यों का हाल

1. मध्यप्रदेश

राज्य में शुक्रवार को 1048 नए केस मिले। 833 लोग रिकवर हुए और 11 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 1 लाख 82 हजार 45 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 8876 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 1 लाख 70 हजार 93 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के चलते जान गंवाने वालों का आंकड़ा अब 3076 हो गया है।

2. राजस्थान

राज्य में शुक्रवार को 2144 लोग संक्रमित मिले। 1827 लोग ठीक हुए और 12 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 21 हजार 471 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 17 हजार 657 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 1 हजार 770 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 2044 हो गई है।

3. बिहार

पिछले 24 घंटे के अंदर राज्य में 581 लोग संक्रमित मिले। 870 लोग रिकवर हुए और 7 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 2 लाख 26 हजार 81 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 6078 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 2 लाख 18 हजार 828 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से 1174 लोगों की मौत हो चुकी है।

4. महाराष्ट्र

पिछले 24 घंटे में 4132 लोग संक्रमित मिले। 4543 लोग रिकवर हुए और 127 मरीजों की मौत हो गई। अब तक 17 लाख 40 हजार 461 लोग संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें 84 हजार 82 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 16 लाख 9 हजार 607 लोग ठीक हो चुके हैं। मरने वालों की संख्या अब 45 हजार 809 हो गई है।

5. उत्तरप्रदेश

प्रदेश में शुक्रवार को 2178 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई। 2005 लोग रिकवर हुए और 25 संक्रमितों की मौत हो गई। अब तक 5 लाख 7 हजार 602 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 23 हजार 95 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि 4 लाख 77 हजार 180 लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या अब 7327 हो गई है।



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त्योहार का मौका है, बाजारों में भीड़ है। दिल्ली में इस मौके पर भी लोगों को ऐहतियात बरतने की नसीहत दी जा रही है।


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दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा शुक्रवार सुबह 5.43 करोड़ के पार हो गया। 3 करोड़ 78 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 13 लाख 17 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। अमेरिका में संक्रमण बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार और शनिवार के बीच यहां एक लाख 77 हजार मामले सामने आए। दूसरी तरफ प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन भी एक्टिव हो गए हैं। शनिवार को उन्होंने अपनी कोरोना टास्क फोर्स के साथ मीटिंग की। साउथ कोरिया में संक्रमण की तीसरी लहर सामने आ रही है। यहां फिर तीन अंकों में मामले सामने आने लगे हैं।

अमेरिका में हालात खराब
अमेरिकी अस्पतालों में एक बार फिर मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। शनिवार को यहां एक लाख 77 हजार नए मामले सामने आए। ओरेगन और मिशिगन में संक्रमण बेहद तेजी से फैल रहा है। इसे देखते हुए यहां कुछ प्रतिबंध भी लगाए गए हैं। वैसे कुल मिलाकर 10 राज्य ऐसे हैं जहां संक्रमण का खतरा दूसरे राज्यों के मुकाबले ज्यादा है। दूसरी तरफ, कोविड-19 पर सियासत भी जारी है। चुनाव हारने के बावजूद ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन महामारी के खतरे को गंभीरता से नहीं ले रही है। वहीं, प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन इस मामले को लेकर ज्यादा एक्टिव हैं। शनिवार सुबह उन्होंने अपनी कोरोना टास्क फोर्स के साथ मीटिंग की। बाइडेन 20 जनवरी को शपथ लेंगे।

साउथ कोरिया सतर्क
दक्षिण कोरिया की हेल्थ मिनिस्ट्री ने माना है कि देश में संक्रमण की तीसरी लहर सामने आ चुकी है। लगातार आठवें दिन यहां 200 से ज्यादा मामले सामने आए। मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों में बताया गया है कि शनिवार को कुल 208 केस सामने आए। सरकार ने एक बार फिर संकेत दिए हैं कि वो तीसरी लहर को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगी। जनवरी से मार्च के बीच यहां पहली लहर थी। जून से अगस्त के बीच दूसरी और अब तीसरी लहर है। हालांकि, हेल्थ मिनिस्ट्री ने ये भी कहा है कि संक्रमण की मुख्य वजह विदेश से आने वाले लोग हैं। शनिवार को दर्ज किए गए 208 में से 176 मामले इम्पोर्टेड बताए गए हैं।

शनिवार को दक्षिण कोरिया के सियोल में अपने पपी के साथ एक व्यक्ति। देश में संक्रमण की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है। सरकार ने फिर सख्त कदम उठाने की तरफ इशारा किया है।

फ्रांस के अस्पतालों में कम हुए मरीज
फ्रांस में सख्त लॉकडाउन दो हफ्ते बढ़ाने का फैसला किया गया है। अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है, एक हफ्ते पहले तक यह सरकार के लिए चिंता की सबसे बड़ी वजह थी। हेल्थ एजेंसी ने अपने बयान में कहा- गुरुवार और शुक्रवार के बीच सिर्फ 22 मरीज हॉस्पिटल में भर्ती हुए। इसके एक दिन पहले यानी बुधवार को 726 मरीज अस्पतालों में भर्ती कराए गए थे। फ्रांस में दो हफ्ते पहले एक महीने के लिए लॉकडाउन किया गया था। मियाद खत्म होने के पहले ही इसे दो हफ्ते और बढ़ा दिया गया।

स्पेन में हिंसा जारी
स्पेन में कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो चुकी है। इस बीच, सरकार ने कोविड-19 के रोकथाम के लिए कई तरह की प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सरकार जानबूझकर लोगों की आजादी छीनना चाहती है। कई जगह अराजकता का माहौल बन गया है। लोगों ने स्टोर्स लूट डाले। यहां मैड्रिड, लोगोना, मलेगा, सांताडर जैसे कई शहरों में लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। बवाल में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। सरकार ने यहां अमेरिका, ब्रिटेन समेत 65 देशों से पहुंचने वाले लोगों के लिए 72 घंटे पहले की कोविड-19 रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया है। जिसके पास निगेटिव रिपोर्ट होगी उसे ही स्पेन में एंट्री मिलेगी।



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अमेरिका के नेब्रास्का में शनिवार को कोविड वॉर्ड में जाने से पहले तैयारी करते हेल्थ वर्कर। देश में लगातार आठवें दिन एक लाख से ज्यादा संक्रमण के मामले सामने आए।


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