Saturday, March 7, 2020

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मुंबई. नगदी संकट से जूझते यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें रविवार को तड़के 3 बजे गिरफ्तार किया गया। इससे पहले, शनिवार सुबह कपूर को पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर ले जाया गया था। वहां वे पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। उन्हें रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी ने शुक्रवार की देर रात को उनके घर पर छापा मारा था। जांच एजेंसी की टीम ने मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पर देर रात तक छानबीन की थी। रिजर्व बैंक ने हालात को देखते हुए यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है।

कपूर पर अनियमितताओं का आरोप

यस बैंक के फाउंडर, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राणा कपूर पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन कारोबारी समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसना शुरू की। 2018 में आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। साथ ही, उन्हें चेयरमैन के पद से जबरन हटा दिया। बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी चेयरमैन को इस तरह से हटाया गया हो।

तिरुपति बालाजी ट्रस्ट ने बैंक से 1300 करोड़ निकाले
तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही यस बैंक से 1300 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। उधर, जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए बैंक में अभी भी डिपॉजिट हैं। यह टर्म डिपॉजिट था, जो इसी महीने मेच्योर होना है। इस बीच, आरबीआई ने 3 अप्रैल तक यस बैंक से 50 हजार से ज्यादा विड्रॉल पर रोक लगा दी है। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के डिपॉजिट की निकासी पर संशय खड़ा हो गया है। संकट में फंसे बैंक को ग्राहकों में भी चिंता है। बैंक की शाखाओं और एटीएम पर शुक्रवार को लंबी कतारें देखने को मिलीं। मुंबई में तो एटीएम के सामने पुलिस भी लगानी पड़ी।

वित्त मंत्री ने कहा- सभी खाताधारकों का पैसा सुरक्षित
इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

एक समय देश के सफलतम बैंकर्स में शामिल थे कपूर
दिल्ली में जन्मे राणा9 सितंबर1957 एक समय वे देश के सफलतम बैंकर्स की लिस्ट में शामिल थे। पढ़ाई के दौरान उन्हें ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की तरफ से मानद फैलोशिप, रटगर्स यूनिवर्सिटी न्यूजर्सी से प्रेसिडेंट मेडल और जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर से मानद फेलोशिप मिल चुकी है। उनके परिवार में पत्नी बिंदू कपूर और तीन बेटियां राधा, राखी और रोशनी हैं।



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यस बैंक के फाउंडर डायरेक्टर राणा कपूर। (फाइल फोटो)


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मुंबई. नगदी संकट से जूझते यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें रविवार को तड़के 3 बजे गिरफ्तार किया गया। इससे पहले, शनिवार सुबह कपूर को पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर ले जाया गया था। वहां वे पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी कर ली गई। उन्हें रविवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी ने शुक्रवार की देर रात को उनके घर पर छापा मारा था। जांच एजेंसी की टीम ने मुंबई के समुद्र महल टॉवर स्थित कपूर के घर पर देर रात तक छानबीन की थी। रिजर्व बैंक ने हालात को देखते हुए यस बैंक के खाताधारकों को 50 हजार रुपए तक ही निकालने की इजाजत दी है। साथ ही बैंक के बोर्ड का कंट्रोल 30 दिन के लिए अपने हाथ में ले लिया है।

कपूर पर अनियमितताओं का आरोप

यस बैंक के फाउंडर, पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ राणा कपूर पर कारोबारी घरानों को लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय करने का आरोप है। बैंक अनिल अंबानी ग्रुप, आईएलएंडएफएस, सीजी पावर, एस्सार पावर, रेडियस डिवेलपर्स और मंत्री ग्रुप जैसे कारोबारी घरानों को लोन देने में आगे रहा। इन कारोबारी समूहों के डिफॉल्टर साबित होने से बैंक को करारा झटका लगा। 2017 में बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था। जिसके बाद आरबीआई ने बैंक पर लगाम कसना शुरू की। 2018 में आरबीआई ने राणा कपूर के ऊपर कर्ज और बैलेंस शीट में गड़बड़ी के आरोप लगाए। साथ ही, उन्हें चेयरमैन के पद से जबरन हटा दिया। बैंक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी चेयरमैन को इस तरह से हटाया गया हो।

तिरुपति बालाजी ट्रस्ट ने बैंक से 1300 करोड़ निकाले
तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रबंधन देखने वाले तिरुमला तिरुपति देवस्थानम ने बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही यस बैंक से 1300 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। उधर, जगन्नाथ मंदिर के 592 करोड़ रुपए बैंक में अभी भी डिपॉजिट हैं। यह टर्म डिपॉजिट था, जो इसी महीने मेच्योर होना है। इस बीच, आरबीआई ने 3 अप्रैल तक यस बैंक से 50 हजार से ज्यादा विड्रॉल पर रोक लगा दी है। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के डिपॉजिट की निकासी पर संशय खड़ा हो गया है। संकट में फंसे बैंक को ग्राहकों में भी चिंता है। बैंक की शाखाओं और एटीएम पर शुक्रवार को लंबी कतारें देखने को मिलीं। मुंबई में तो एटीएम के सामने पुलिस भी लगानी पड़ी।

वित्त मंत्री ने कहा- सभी खाताधारकों का पैसा सुरक्षित
इससे पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि यस बैंक को बचाने के लिए सरकार और आरबीआई साथ काम कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने हर खाताधारक को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे लगातार आरबीआई के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बैंक के लिए जल्द ही रिजोल्यूशन प्लान लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई से बात करेंगी कि यस बैंक के जमाकर्ताओं को नकदी की समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कम से कम एक साल के लिए बैंक में काम करने वालों का रोजगार और वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।

एक समय देश के सफलतम बैंकर्स में शामिल थे कपूर
दिल्ली में जन्मे राणा9 सितंबर1957 एक समय वे देश के सफलतम बैंकर्स की लिस्ट में शामिल थे। पढ़ाई के दौरान उन्हें ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की तरफ से मानद फैलोशिप, रटगर्स यूनिवर्सिटी न्यूजर्सी से प्रेसिडेंट मेडल और जीबी पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर से मानद फेलोशिप मिल चुकी है। उनके परिवार में पत्नी बिंदू कपूर और तीन बेटियां राधा, राखी और रोशनी हैं।



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यस बैंक के फाउंडर डायरेक्टर राणा कपूर। (फाइल फोटो)


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तिरुवरुर. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने शनिवार को मजदूरों के साथ खेत में धान की रोपाई की। वे किसान और मजदूरों के साथ खेत में धोती मोड़कर नंगे पांव खड़े नजर आए।

दरअसल, सीएम पलानीसामी डेल्टा इलाके के दौरे पर जा रहे थे। इस बीच उन्होंने तिरुवरुर जिले के सिध्धौली में धान की रोपाई कर रहे मजदूरों को देखा तो अपना काफिला रोक लिया। वह खेत पहुंचे और मजदूरों के साथ धान की रोपाई शुरू कर दी। उधर, रोपाई के बाद मजदूरों ने मुख्यमंत्री से खेती-किसानी के विषय पर चर्चा की।

उपराष्ट्रपति भी कर चुके हैं पलानीसामीकी तस्वीर शेयर
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जनवरी में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी की खेती करने वाली एक फोटो शेयर की थी। उसमें वे हाथ दरांती लिए खेत में खड़े हैं। नायडू ने जड़ों को नहीं भूलने के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि यह सिम्बॉलिक है, लेकिन लोगों को प्रेरणा देगा।



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मुख्यमंत्री पलानीसामी शनिवार को खेत में मजदूरों के बीच करीब आधा घंटा रहे।
मुख्यमंत्री पलानीसामी ने शनिवार को खेत में खुद धान की रोपाई की।
खेत में काम करने वाले मजदूर ने कहा- हमें विश्वास ही नहीं हुआ कि मुख्यमंत्री हमारे बीच है।


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दिल्ली.गीता और 52 उपनिषदों का पहली बार संस्कृत से फारसी में अनुवाद कर पूरी दुनिया को भारतीय सनातन संस्कृति से रूबरू कराने वाले दारा शिकोह की कब्र कहां है, ये उनकी मौत के 360 साल बाद भी रहस्य ही है। इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने के लिए विशेषज्ञ कमेटी बनी है।

सिर कलम कर दफनाया था

एएसआईपूर्व रीजनल डायरेक्टरकेके मुहम्मद के मुताबिक, दारा शिकोह की मौत के 360 साल बाद अब इस मध्यकालीन विद्वान शासक को सम्मान दिलाने की केंद्र सरकार की कोशिश चर्चा में है। निश्चित ही भारत में दारा शिकोह का भव्य स्मारक होना चाहिए। कहां हो, कैसा हो और किस रूप में हो यह सरकार ही तय करेगी। जहां तक उनकी कब्र की तलाश का सवाल है, तो सरकार और एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) हैंड हेल्ड एक्सरे डिवाइस की मदद से दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के पीछे स्थित कब्रों की एक्स-रे इमेज ले सकते हैं। साथ ही ग्राउंड पेनिट्रेशन रडार सर्वे भी करा सकते हैं। ऐतिहासिक प्रमाणों के मुताबिक मुगलकाल में दारा के अलावा ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिलता, जिसमें किसी मुगल शहजादे का सिर कलम कर सिर्फ धड़ दफनाया गया हो। एक्स-रे इमेज में जिस कब्र में बिना सिर वाला कंकाल नजर आए उसे ही दारा की कब्र मान लेना चाहिए।

पहली बार गीता समेत 52 उपनिषदों का फारसी में अनुवाद कराया था

दरअसल दारा ने ही पहली बार श्रीमद्भगवत गीता समेत 52 उपनिषदों का संस्कृत से फारसी में सिर्रे-अकबर (महान रहस्य) के नाम से अनुवाद किया था। 1801-02 में जब फ्रांसीसी दार्शनिक एंक्वेटिल डुपरॉन ने लेटिन भाषा में सिर्रे-अकबर का अनुवाद किया, तब दुनिया को भारतीय संस्कृति के बारे में विस्तार से पता चला।

भाई औरंगजेब ने दारा का सिर काटकर आगरा केकिले में लटका दिया था

शाहजहां के बाद दारा शिकोह दिल्ली की गद्दी के उत्तराधिकारी थे। दारा पर कट्‌टरपंथियों ने बुतपरस्त (मूर्तिपूजक) होने का आरोप लगाया। इसका फायदा उठाकर औरंगजेब ने विद्रोह किया व खुद बादशाह बन गया। 30 अगस्त, 1659 को दिल्ली में दारा शिकोह को मौत की सजा दी गई। दारा का सिर काटकर आगरा ले जाया गया और धड़ को दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के परिसर में दफनाया गया था।

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने बनाई है कमेटी

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने दारा शिकोह की कब्र की पहचान के लिए टीजे अलोन की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। केके मुहम्मद के अलावा इसमें एएसआई के पूर्व महानिदेशक आरएस बिष्ट, बीआर मणि, केएन दीक्षित, बीएम पांडेय, अश्विनी अग्रवाल, सैय्यद जमाल हसन भी शामिल हैं।

कब्र का पता लगाकर करेंगे संरक्षण

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण निदेशक (स्मारक) टीजे अलोन ने बताया कि दारा शिकोह की कब्र कौन सी है, इस बारे में अभी कुछ भी जानकारी नहीं है। इसकी खोज के लिए विशेषज्ञों की कमेटी गठित की गई है। कमेटी ही बताएगी कि किस तरह दारा शिकोह ही कब्र का पता लगाकर उसका संरक्षण किया जा सकता है।

(कोऑर्डिनेशन : भोपाल से हरेकृष्ण दुबोलिया)



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भाई औरंगजेब ने दारा का सिर काटकर आगरा के किले में लटका दिया था।


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नई दिल्ली.विदेश मंत्री एस. जयशंकर शनिवार को दिल्ली में ग्लोबल बिजनेस समिट में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और विदेश नीति के मुद्दे पर खुलकर जवाब दिए। जयशंकर नेसीएए की आलोचना करने वाले देशों से दो टूक कहा- मुझे दुनिया में एक देश बताएं, जो हर किसी का स्वागत करता हो, कोई नहीं है। सीएए हमारा आंतरिक मसला है। इससे किसी देश का कोई लेना-देना नहीं होना चाहिए। सरकार की विदेश नीति पर उन्होंने कहा कि अब हम दुनिया में अपने सच्चे दोस्तों को पहचान रहे हैं।

जयशंकर से सवाल- अगर भारत दुनिया को सीएए पर अपना पक्ष नहीं समझा पाया तो क्या होगा?इस पर उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया से हटकर भी दुनिया है। मैं दुनिया के देशों की सरकारों के साथ जुड़ा हुआ हूं। ब्रसेल्स में मैने 27 विदेश मंत्रियों से सीएए पर बातचीत की थी। सरकार और संसद के पास अधिकार हैं कि वे देश मेंनागरिकता की शर्तें निर्धारित कर सकें। हमने बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को शरण दी है, जिनके पास कोई नागरिकता नहीं थी।’’

इस दौरान उनसे सीएए परसंयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की निदेशक के असहमति जताने पर सवाल पूछा गया। जयशंकर ने कहा, “वे पहले भी कई मुद्दों पर गलत रही हैं। मैनें जम्मू-कश्मीर पर भी उनकी रिपोर्ट देखी है। कितनी आसानी से वे सीमा पार आतंकवाद की बात से किनारा कर लेते हैं। ऐसा लगता हैजैसे पड़ोसी देशमें क्या हो रहा है, उससे उनका कुछ लेना देना ही नहीं है।''

'दुनिया को मैनेज करने की नीति अपनाई थी, आगे ऐसा नहीं करेंगे'

जयशंकर से पूछा गया- क्या भारत अपने मित्र देश खो रहा है? इस पर विदेश मंत्री बोले, “शायद, अब भारत अपने सच्चे दोस्त पहचान रहा है। एक वक्त जोखिम बहुत थे, हमारी क्षमताएं कम थीं। तब हमने दुनिया को मैनेज करने की रणनीति अपनाई। लेकिन आगे ये नहीं किया जा सकता। भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।एक दिन तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। दुनिया बदल रही है। अब हमें दुनिया को दूसरी तरह से संभालना होगा।''



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विदेश मंत्री एस जयशंकर।


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अयोध्या. दिसंबर 1992 से टेंट में विराजमान रामलला चैत्र नवरात्र से एक दिनपहले दिन यानी24 मार्च को फाइबर के मंदिर में विराजमान होंगे। इसके बाद रामजन्मभूमि पर मंदिर बनने तक वह इसी मंदिर में रहेंगे। यह जानकारीश्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने शनिवार कोदी। उन्होंने बताया- रामलला के लिए फाइबर कामंदिरदिल्ली में तैयार हो रहा है।ट्रस्ट की दूसरी बैठक रामनवमी के बाद 4 अप्रैल को अयोध्या में ही होगी।बैठक की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।बैठक मेंट्रस्ट के सदस्य सदस्यों के साथ जिलाधिकारी एके झा और कमिश्नर गुप्ता भी मौजूद थे।

राय ने कहा-मंदिर का निर्माण और इसको राम मंदिर परिसर में स्थापित करने का काम सुरक्षा एजेंसी के ऊपर है। वह समय से फाइबर मंदिर बनवाकर यहां स्थापित कर देगी। ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय का भवन भी निश्चित कर लिया गया है, जो राम मंदिर के प्रवेश द्वार के चैकिंग प्वाइंट के पास में ही है।इसको भी पूरी तरह से व्यवस्थित किया जाएगा।

चढ़ावे के 8लाख 4,982 रुपए जमा हुए
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते में पहली बार 20 फरवरी से 5 मार्च तक की रामलला को चढ़ाई गई धनराशि जमा की गई। ट्रस्ट के खाता संचालन के लिए अधिकृत सदस्य डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक,अयोध्या की भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खोले गए ट्रस्ट के खाते में गुरुवार और शुक्रवार की काउंटिंग के बाद 8लाख 4,982 रुपए जमा किए गए हैं।



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Ayodhya Ram Mandir: Champat Rai, Shri Ram Janmabhoomi Tirtha Kshetra Trust Secretary On Ayodhya Meeting Over Ram Navami


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आगरा. केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने शनिवार को घोषणा की कि आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा संरक्षित सभी धरोहर स्थलों पर महिलाओं से एंट्री फी नहीं ली जाएगी। यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में की गई। फ्री एंट्री फी की धरोहरों मेंताजमहल को भी शामिल किया है।

आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के हेडक्वार्टर्स से इस संबंध में सर्कुलर में जारी किया है। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल आठ मार्च को मनाया जाता है। यह भारत में महिला को देवी स्वरूप मानने की सांस्कृतिक पहचान है।



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फ्री एंट्री फी की धरोहर में ताजमहल को भी शामिल किया है।


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