Friday, March 27, 2020

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लखनऊ. कोरोनावायरस के चलते देशभर में 21 दिन केलॉकडाउन का शनिवार को चौथा दिन है।वायरस के खतरे के कारण रोजगार गवां चुके लाखों मजदूरों को अब खाने की चिंता सता रही है। महानगरों को छोड़कर वे पैदल ही अपने गांव की ओर चल दिए हैं। न खाने की व्यवस्था, न रात गुजारने का ठिकाना। एक अनजाने भय के साये में सब अपने गांवों की ओर चलते चले जा रहे हैं। कई जगहों पर सब्जी मंडियों से लेकर किराने की दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिली। इसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस लगाई गई है।

300 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे आगरा

दिल्लीसे पैदल ही आगरा पहुंच मजदूर
दिल्ली से पैदल चलकर आगरा पहुंचे मजदूर।

कई श्रमिक3 दिन से पैदल चलकर शुक्रवाररात आगरापहुंचे। इनमें से कुछ कानपुर के रहने वाले हैं। सभी श्रमिक आगरा पहुंचे। बताया कि पैदल घर जा रहे हैं, तकलीफ तो हो रही है,लेकिन रास्ते में खाने-पीने की व्यवस्था हो गई।

झांसी: लॉकडाउन में अहमदाबाद से हजार किमीपैदल सफर

अहमदाबाद से चलकर झांसी पहुंचे श्रमिक
अहमदाबाद से चलकर झांसी पहुंचे मजदूर।

देश में कोरोनाके मरीजों की संख्या में रोज इजाफा हो रहा है। लॉकडाउन के चलते लोग घरों में कैद हैं। मजदूर घर जाने के लिएहजारों किमी का सफर पैदल तय कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार देर रात झांसी में देखने को मिला। यहां तकरीबन 35मजदूर पैदल चले जा रहे थे। उन्हें बुंदेलखंड के अलग-अलग जनपदों तक पहुंचना है।

वाराणसी: मंडियों में फुटकर व्यापारियोंपर रोक

सब्जी मंडियों में फुटकर व्यापरियों के रोक पर प्रतिबंध लगा
वाराणसी की मंडियों में शनिवार को कुछ कम भीड़ दिखी।

कोरोनावायरस को देखते हुए डीएमकौशलराज ने मंडियों में फुटकर व्यपारियों के जाने पर रोक लगा दी है। लाॅकडाउन के बावजूद कुछ मंडियोंमें लोकल लोगो की भारी भीड़ उमड़ी। इन दिनों बाजारों-मंडियोंमें नींबू सबसे महंगा बिक रहा है। चंदुआ सट्टी में 4 रुपए,वहीं ठेले वाले मोहल्लों-कालोनियों में8 से 10 रुपए का एक नींबू बेच रहे है। मंडी विक्रेता बता रहे है कि नींबू में विटामिन सी और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है,इसलिए ज्यादा मांग है।

गोरखपुर: चौरी चौरामेंसड़कों पर पसरा सन्नाटा, सामान की डिलीवरडोर-टू-डोर

लॉकडाउन में जानवरों का ख्याल रखते पुलिसकर्मी
लॉकडाउन में जानवरों का ख्याल रखते पुलिसकर्मी।

चौरी चौरा मेंकोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सभी लोग अपने अपने घरों में स्वेच्छा रह रहे हैं। वही दूसरी तरफ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए डिप्टी कलेक्टरके नेतृत्व में लोगों तक सभी सुविधाओं को घर तक पहुचाने के लिए सभी गांवोंमें 6 से ज्यादा टीमों को लगाया गया है। इसमें सरकारी विभाग के अलावा दो-दो वॉलंटियर्स भी बनाएगए है। इस बीच पुलिसकर्मी जानवरों का ख्याल रखते भी नजर आए। पुलिसकर्मियों ने कुत्तों को भी खाना खिलाया, ताकि इस महामारी में उनका भी पेट भर सके।

बुलंदशहर: अन्य राज्यों से लगने वाली सीमाएं सील

बुलंदशहर में लॉकडाउन के चौथे दिन दिखा सन्नाटा
बुलंदशहर में लॉकडाउन के चौथे दिन दिखा सन्नाटा

बुलंदशहर में पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है- सीमाओं को सील करने के बाद वहां से सिर्फ बीमार और बहुत ही जरूरत के लिए लोगों को जांच पड़ताल के बाद ही निकलने दिया जा रहा है। जो नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि दनकौर में हरियाणा की सीमा से सटे ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (केजीपी) पर जाने वाले रास्ते को अट्टा फतेहपुर, अट्टा गुजरान और मकनपुर बांगर गांव के पास बैरिकेड लगाकर सील कर दिया है।


कानपुर: कालाबाजारी करने वालों तक ग्राहक बनकर पहुंच रही पुलिस , 18 पर एफआईआर
लॉकडाउन का फायदा उठाने वालों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राशन और सब्जियों के निर्धारित मूल्य से अधिक कई गुना दामों पर बेचने वालेदुकानदारों पर केस दर्ज किए जा रहे हैं। ऐसे 18 मुनाफाखोरों के खिलाफएफआईआर दर्ज की गई है। कालाबाजारी को रोकने के लिए पुलिस सिविल ड्रेसमें ग्राहक बनकर राशन खरीदने जा रही है। ज्यादा कीमत परखाद्य सामग्री बेचने वालों को दबोचा जा रहा है।



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सबका ख्याल रखना है: गाजियाबाद में वॉलंटियर्स को फल बांटती पुलिस।


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बेंगलुरु. आईटी कंपनी इंफोसिस ने कोरोना को लेकर शरारतपूर्ण पोस्ट करने पर एक कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया। कंपनी के इंजीनियर मुजीब मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि लोगों के बीच जाकर छींके, जिससे वायरस फैल सके। पहले तो कंपनी को लगा कि मुजीब उसका कर्मचारी नहीं है। हालांकि, पहचान की पुष्टि होने के बाद उस पर कार्रवाई की गई। कंपनी ने शनिवार को मुजीब को नौकरी से बर्खास्त करने की जानकारी दी।

कंपनी ने कहा कि इंफोसिस ने कोरोना पर एक कर्मचारी के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर ली है। हमें लगता है कि यह गलत पहचान का मामला नहीं है। कर्मचारी की ओर से किया गया पोस्ट कंपनी के नियमों और सामाजिक साझेदारी की इसकी प्रतिबद्धता के खिलाफ है। ऐसी गतिविधियों पर हमारी पॉलिसी जीरो टॉलरेंस की है। उसे नौकरी से हटा दिया गया है।

पुलिस ने मुजीब को गिरफ्तार किया

मुजीब ने अपने पोस्ट में लिखा था, ‘‘आइए हम साथ आएं, लोगों के बीच जाकर छींकें। वायरस फैलाएं।’’ इस पोस्ट के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि लोगों से वायरस फैलाने की अपील करने वालेव्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका नाम मुजीब है। वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता है।

इंफोसिस का एक कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिला था

इंफोसिस का एक कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाया गया था। इसके बाद कंपनी ने अपना एक ऑफिस खाली करा दिया था और उसे पूरी तरह सैनिटाइज कराया था। कंपनी की बेंगलुरु में 10 से अधिक ऑफिस हैं। इनमें इसके डेवलपमेंट सेंटर और कॉर्पोरेट सेंटर चलते हैं। कंपनी ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है। इसने अपने कर्मचारियों को कोरोना संक्रमण से बचने की हिदायत दी है। इंफोसिस नेकोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद 16 मार्च को दुनिया भर के स्थानीय सरकारों के साथ मिलकर काम करने और उनकी एडवाइजरी मानने की बात कही थी।



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कोरोना पर शरारत भरा पोस्ट करने वाले इंजीनियर को बेंगलुरु पुलिस ने गिरफ्तार किया।(प्रतीकात्मक फोटो)


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रांची/धनबाद/जमशेदपुर. कोरोनावायरस की वजह से 21 दिनों के लॉकडाउन का आज चौथा दिन है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर और धनबाद समेत कई जिलों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। लोगों में अभी भी कोरोना को लेकर सतर्कता की कमी दिख रही है। लोग लापरवाही करते दिख रहे हैं। बाजार में 10 में से 4 व्यक्ति ही मास्क का इस्तेमाल करते दिख रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी जागरूक नहीं है। बाजारों में रोजाना की तरह भीड़ उमड़ रही है। अन्य दिनों के मुकाबले फर्क यह है कि बाजार दिन भर खुले रहते थे, लेकिन अब तय समय में बाजार और मंडियां खुल रही हैं।

प्रशासन जरूरत के सामनों की होम डिलीवरी दे रहा है
जमशेदपुर, रांची, धनबाद समेत कई जिलों में प्रशासन ने उचित दर पर खाद्य पदार्थों की उपलब्धता कराई है। इसके बाद भी दुकानें और सब्जी मंडियां भी खुल रही हैं। लोग सोशल डिस्टेंसिंग की परवाह न करते हुए बाजार पहुंच रहे हैं। प्रशासन के अफसरों का कहना है कि प्रतिष्ठानों के नंबर भी उपलब्ध भी कराए गए हैं, लेकिन लोग फिर भी घरों से निकल रहे हैं। यह चिंताजनक है।

जमशेदपुर: पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
लॉकडाउन के चौथे दिन शनिवार को जमशेदपुर के मानगो में जमशेदपुर से सिटी एसपी ने लोगों से घरों से न निकलने की अपील की और फ्लैग मार्च भी निकाला। इस दौरान मानगो-डिमना सड़क किनारे की सब्जी दुकानों को मानगो के गांधी मैदान में शिफ्ट कराया गया। सिटी एसपी ने खुद मोर्चा संभालते हुए सड़क किनारे से दुकानें हटवाईं। साथ ही उन्होंने दुकानदारों से सोशल डिस्टेंसिंग का उपयोग करने को कहा।

हजारीबाग में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए सड़क पर मार्क लगाती अफसर विजया जाधव।

बाहर फंसे लोगों की मदद के लिए लिंक
झारखंड सरकार ने राज्य के बाहर फंसे लोगों की मदद के लिए एक लिंक जारी किया है। इस लिंक bit.ly/jharcovid को खोलने पर दिए गए फॉर्मेट में झारखंड के बाहर फंसे व्यक्ति को अपनी जानकारी देनी है। फिर सरकार उस राज्य के प्रशासन से संपर्क कर उसे मदद पहुंचाएगी।



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गुमला के परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में लगी अस्थायी सब्जी बाजार में लोगों की भीड़।
यह फोटो धनबाद की है। यहां लोग सोशल डिस्टेंसिग का पालन नहीं कर रहे।
जमशेदपुर के मानगो में पुलिस ने शनिवार को लोगों पर नजर रखी।
जमशेदपुर में मानगो में सड़क किनारे से दुकानों को हटवाकर गांधी मैदान में शिफ्ट कराया गया।


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वॉशिंगटन. अमेरिका की एबोट लैबोरेटरी ने कोरोनावायरस के संक्रमण को जांच वाली टेस्ट किट तैयार करने का दावा किया है। इससे व्यक्ति के कोरोना से पॉजिटिव होने की जानकारी 5 मिनट में लग जाती है। किट अगले हफ्ते तक टेस्ट के लिए उपलब्ध होगी। एबोट लैब के प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर रॉबर्ट फोर्ड ने कहा, ‘‘टेस्ट किट का आकार एक छोटे टोस्टर जैसा है। इसमें मॉल्यूलर टेक्नोलाॅजी का इस्तेमाल किया गया है। इससे कोरोनावायरस के नेगेटिव टेस्ट का रिजल्ट आने में 13 मिनट का समय लगता है। इसे बनाने की जिम्मेदारी अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने दी थी। हमें इसे तैयार करने के लिए अगले हफ्ते तक का समय दिया गया था।’’

रॉबर्ट फोर्डके मुताबिक, पांच मिनट में परिणाम मिलने पर कोविड-19 महामारी से कई मोर्चों पर एक साथ निपटा जाएगा। आकार में हल्की होने पर इसका इस्तेमाल अस्पताल की चार दीवारी के बाहर भी किया जा सकता है। फोर्ड की कंपनी एफडीए अधिकारियों के साथ मिलकर किट को महामारी केंद्र(एपिसेंटर ऑफ वायरस) भेजने के प्रयास में लगी है। हालांकि अभी तक एफडीए के अधिकारियों ने इसकी मंजूरी नहीं दी है। इसका इस्तेमाल सिर्फ इमरजेंसी के लिए हेल्थ केयर अधिकारियों द्वारा किए जाने को कहा गया है।



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पांच मिनट में परिणाम मिलने पर कोविड-19 महामारी से निपटना आसान हो जाएगा।


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मुंबई. कोरोनावायरस का डर अब लोगों की जिंदगी निगल रहा है। मुंबई के उपनगर वसई में शनिवार तड़के एक तेज रफ्तार टैंपो ने सड़क किनारे सो रहे सात मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन की हालत गंभीर है। हादसा वसई इलाके में हुआ।उधर, कर्नाटक में भी एक हादसा हुआ। इसमें एक ट्रक ने लॉरी को टक्कर मार दी। इनमें से एक में 30 मजदूर सवार थे। इन्हें हैदराबाद से कर्नाटक ले जायारहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार से कर्फ्यू लगा दिया है। इसके चलते सभी काम बंद होगए हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों के मजदूरों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। सभी तरह के ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते अब मजदूर पैदल ही अपने घरों के लिए निकल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, जो सातों मजदूर हादसे का शिकार हुए,वेसभी मुंबई से गुजरात पैदल जा रहे थे। ये सभी शुक्रवार दोपहर मुंबई से गुजरात जाने के लिए निकले थे। वसई इलाके में यह रात होने पर यह सड़क किनारे सो गए थे। महाराष्ट्र में अब तक 159 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।

ट्रक में 30 मजदूर सवार थे
कर्नाटक में शनिवार सुबह हुए हादसे में ड्राइवर और एक युवती समेत छह की मौत हो गई। छह अन्य जख्मी हैं। पुलिस ने बताया, हादसा पेड्‌डा गोलकुंडा गांव के नजदीक हुआ। पांच लोगों ने मौके पर दम तोड़ दिया है, जबकि एक ने उस्मानिया अस्पताल में आखिरी सांस ली।



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यह फोटो कर्नाटक हादसे की है। पुलिस ने बताया, दुर्घटना पेड्‌डा गोलकुंडा गांव के नजदीक हुई।
हादसे का शिकार हुए सभी मजदूर सड़क किनारे सो रहे थे। यह फोटो उसी जगह का है।


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नई दिल्ली. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में गुरुद्वारे पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों में एक केरल का था। दो दिन पहले हुए इस हमले में 24 लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली थी। अब आईएस ने दावा किया है कि इसमें शामिल एक आतंकी का नाम अबु खालिद अल-हिंदी था। जांच एजेंसियों ने शुक्रवार को उसकी पहचान केरल के कासरगोड निवासी मोहम्मद साजिद कुतिरुम्मल (29) के तौर पर की। आईएस ने अपनी मैगजीन अल नबा में हमलावरों की तस्वीरें और नाम छापाथा। इसमें साजिद हाथों में राइफल लिए नजर आ रहा था। खुफिया एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, इसी तस्वीर से उसकी पहचान की गई।

खुफिया एजेंसियांयह पता लगा रही हैं कि साजिद किस तरह अफगानिस्तान पहुंचा। इसके लिए भारतीय खुफिया एजेंसी अफगानिस्तानी एजेंसियों के संपर्क में है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इससे पहले खुलासा किया था कि साजिद को आईएस में अब्दुल राशिद अब्दुल्ला चंदेरा ने शामिल कराया था। चंदेरा पिछले साल अफगानिस्तान में मारा गया था।

साजिद 2016 में आईएस में शामिल होने अफगानिस्तान गया था

साजिद पहले खाड़ी देश की किसी दुकान में काम करता था। वहां से लौटने के बाद 2016 में आईएस में शामिल होने के लिए केरल से अफगानिस्तान के खुरासान प्रांत चला गया था। उसके साथ 13 अन्य लोग भी गए थे। साजिद के आईएस में शामिल होने के लिए जाने के बाद उसके पिता महमूद ने पुलिस से शिकायत की थी। इस संबंध में केरल के चेंदरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज की गई थी। उसके साथ अफगानिस्तान गए आयशा उर्फ सोनिया सेबेस्टियन और फातिमा उर्फ निमिशा ने वापस देश लौटने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि,अब तक कोई नहीं लौटा है। केरल से 4 साल पहले आईएस में शामिल होने गए इन 14 लोगों में सात की अब मौत हो चुकी है।

हमले में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के शामिल होने शक

इस बीच एक एम्सटर्डम यूरोपियन थींक टैंक ने दावा किया है कि काबुल के गुरुद्वारा पर हुए हमले का मास्टरमाइंट पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई है। पाकिस्तान हाल के दिनों में अफगानिस्तान में भारतीयों केखिलाफ सभी बड़े हमलों के पीछे रहा है। आईएसआईएस ने हमले के बाद जारी दूसरे बयान में इसे कश्मीर में की गई भारत सरकार की कार्रवाई का बदला बताया था। वहीं अफगानिस्तान में आईएस का नेटवर्क मजबूत नहीं है। ऐसे में इस बात का शक है कि इसे आईएसआई की शह पर अंजाम दिया गया है। इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि गुरुद्वारा अटैक अफगानिस्तान में अल्पसंख्यकों पर पाकिस्तान प्रायोजित हमले की शुरुआत हो सकती है।



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काबुल गुरुद्वारा हमले में शामिल साजिद केरल के कासरगोड जिले का रहने वाला था। (फाइल फोटो)


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हेल्थ डेस्क. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के शोधकर्ताओं ने भारत में कोरोनावायरस की पहली तस्वीरें साझा की हैं। वैज्ञानिकों ने ट्रांसमिशन इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप इमेजिंग के जरिए नए कोरोना वायरस की तस्वीरें कैद की हैं। देश में कोरोना वायरस का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था। ये तस्वीरें उसी की हैं। दरअसल, महिला को वुहान से भारत आने के बाद कोरोना का पता चला था।

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च मेंं प्रकाशित शोध के मुताबिक, चीनी महिला के गले के सैम्पल को इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखने के बाद तस्वीर सामने आई है। नए कोरोनावायरस (Sars-Cov-2) की तस्वीर मेर्स और सार्स से काफी मिलती जुलती है। कोरोनावायरस के चारों ओर एक ताजनुमा (क्राउन) संरचना है, जिसके कारण इसे कोरोना नाम दिया गया है। लैटिन में क्राउन का मतलब कोरोना होता है।

कोरोना जानवरों से इंसान में कैसे पहुंचा, पता चलेगा

आईसीएमआर के पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉ. निर्मल गांगुली के मुताबिक, ये तस्वीरें काफी जटिलहैं, जो आनुवांशिक तौर पर कोरोनावायरस की उत्पत्ति और इसके विकास से जुड़ी कई अहम बातें समझने में मदद करेंगी। तस्वीरों के अध्ययन के बाद यह पता लगाया जा सकेगा कि यह वायरस जानवरों से इंसान में कैसे पहुंचा। रिसर्च के परिणाम वायरस के खिलाफ वैक्सीन और दवा तैयार करने में अहम रोल अदा करेंगे।

कोरोना के एक कण का आकार 75 नैनोमीटर

पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में केरल से आए कोरोना के सैम्पल की जीन सीक्वेंसिंग हो चुकी है। यह जीन सीक्वेंसिंग चीन के वुहान में फैले कोरोनावायरस से 99.98% तक मिलती है।नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ अतानु बसु के मुताबिक, कोरोनावायरस का एक कण सुरक्षित रख लिया गया है। इसके एक कण काआकार 75 नैनोमीटर है।



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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के मुताबिक, कोरोनावायरस का एक कण सुरक्षित रख लिया गया है, इसके एक कण का आकार 75 नैनोमीटर है।


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