Saturday, October 3, 2020

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प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को रोहतांग में करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी टनल का उद्घाटन किया। 9.2 किमी लंबी यह अटल टनल 10 साल में बनकर तैयार हुई है। वहीं, भारत में कोरोना से पहली मौत के 204 दिन बाद आंकड़ा 1 लाख पार हो गया। ब्राजील में इतनी मौतें 158 दिनों में जबकि अमेरिका में सिर्फ 83 दिनों में हुईं। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच शारजाह में दोपहर 3.30 बजे से मैच खेला जाएगा।

2. आज चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब भी आमने-सामने होंगे। मैच दुबई में शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा।

3. मुंबई और तटीय कोंकण इलाके में आज भारी बारिश की चेतावनी। बीएमसी ने लोगों को बारिश के दौरान समुद्र किनारे नहीं जाने की अपील की है।

4. आज राहुल गांधी पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। वह यहां 3 दिन ट्रैक्टर रैलियां करेंगे। आज इसकी शुरुआत होगी।

अब कल की 6 महत्वपूर्ण खबरें

1. बिहार महागठबंधन में सीटों का बंटवारा, राजद 144 और कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ेगी

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों का फॉर्मूला तय हो गया। राजद 144, कांग्रेस 70, सीपीआई माले 19, सीपीआई 6, सीपीएम 4 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। पर, सीटों के ऐलान के साथ ही गठबंधन में दरार पड़ गई। फॉर्मूले से नाखुश वीआईपी के नेता मुकेश सहनी ने कहा- हम गठबंधन से बाहर हो रहे हैं। राजद के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी बोले- हम पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख स्थाई और सरकारी नौकरी देंगे।

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2. राहुल-प्रियंका हाथरस पहुंचे, साथ में कांग्रेस के 35 सांसद भी थे, जिन्हें पुलिस ने रोका

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने शनिवार को हाथरस पहुंचे। दरअसल, 5 लोगों के डेलिगेशन को पीड़ित के गांव जाने की इजाजत मिली थी। साथ में कांग्रेस के 35 सांसद भी थे, जिन्हें पुलिस ने दिल्ली-नोएडा फ्लाइ वे (नोएडा बॉर्डर) पर रोक दिया। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज भी कर दिया।

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3. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना पॉजिटिव, यदि तबियत बिगड़ी तो क्या होगा?

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक 32 दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प कोविड-19 पॉजिटिव हो गए हैं। 74 वर्षीय ट्रम्प को मेरीलैंड के वॉल्टर रीड हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। उन्हें हल्का बुखार, सर्दी और सांस लेने में कुछ परेशानी बताई गई है। ट्रम्प के कोविड-19 पॉजिटिव होने का अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है? जानिए भास्कर एक्सप्लेनर में...

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4. एम्स के पैनल ने सुशांत की हत्या की आशंका को खारिज किया

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 110 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में एक्टर की हत्या की आशंका से इनकार किया है। इंडिया टीवी से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, 'यह क्लियर कट खुदकुशी का मामला है। सुशांत का मर्डर नहीं हुआ था।' हालांकि, सीबीआई की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है।

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5. दुनिया के देशों में 1 लाख मौतों का हिसाब, भारत तीसरे नंबर पर

2 अक्टूबर को भारत में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया। भारत में कोरोना से होने वाली पहली मौत के 204 दिनों के बाद यह संख्या 1 लाख मौतों तक पहुंची है। वहीं, ब्राजील में यह आंकड़ा 158 दिनों में ही पहुंच चुका था, जबकि अमेरिका में शुरुआती 1 लाख मौतें 83 दिनों में हुई थीं। मौतों के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राजील के बाद अभी तीसरे नंबर पर है।

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6. वायरल ऑडियो में जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता बताया, वो पीड़ित का रिश्तेदार

हाथरस गैंगरेप मामले में पहले पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई। अब टेप किए गए फोन कॉल के आधार पर दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता ने पीड़ित परिवार को अधिक मुआवजा दिलाने का झांसा दिया। इस पर युवक बोला- जिसका ऑडियो वायरल किया जा रहा है वो मैं हीं हूं और मैं कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता नहीं हूं। मैं तो पीड़ित की बुआ का लड़का हूं। पढ़िए हाथरस से भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...

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अब 4 अक्टूबर का इतिहास

1824: मेक्सिको ने नया संविधान बनाया और फेडरल रिपब्लिक बना।

1830: नीदरलैंड से अलग होकर बेल्जियम साम्राज्य बना।

1957: सोवियत संघ ने पहला उपग्रह स्पूतनिक सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में भेजा।

आखिर में जिक्र हिंदी के प्रमुख साहित्यकार और आलोचक रामचंद्र शुक्ल का। आज ही के दिन 1884 में उनका जन्म हुआ था। पढ़िए उन्हीं का एक विचार...



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AIIMS 'new claim on Sushant's death; In Rahul-Priyanka Hathras, Tejashwi promises 10 lakh jobs, but breaks in grand alliance


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आईपीएल के 13वें सीजन का दूसरा डबल हेडर (एक दिन में 2 मैच) आज खेला जाएगा। दोपहर में मुंबई इंडियंस का मुकाबला शारजाह में सनराइजर्स हैदराबाद से होगा। इसके बाद शाम को दुबई में चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब आमने-सामने होंगे। चेन्नई और पंजाब के लिए यह मुकाबला बहुत अहम है, क्योंकि दोनों टीमें सीजन में 4 में से 3-3 मैच हार चुकी हैं। ऐसे में एक और हार दोनों की मुश्किलें बढ़ा देंगी। पॉइंट टेबल में चेन्नई सबसे नीचे 8वें और पंजाब 7वें नंबर पर है।

वहीं, मुंबई और हैदराबाद पॉइंट टेबल में टॉप पर आने की कोशिश करेंगी। दोनों टीमों ने अब तक 2-2 मैच जीते हैं। पिछले मैच की बात करें, तो मुंबई ने पंजाब को 48 रन से हराया था। वहीं, हैदराबाद ने पिछले मुकाबले में चेन्नई को 7 रन से शिकस्त दी थी।

मुंबई-हैदराबाद के महंगे प्लेयर्स
मुंबई में कप्तान रोहित शर्मा सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइजी उन्हें एक सीजन के 15 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में हार्दिक पंड्या का नंबर आता है, उन्हें सीजन के 11 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं, हैदराबाद के सबसे महंगे खिलाड़ी डेविड वॉर्नर हैं। उन्हें फ्रेंचाइजी सीजन का 12.50 करोड़ रुपए देगी। इसके बाद टीम के दूसरे महंगे खिलाड़ी मनीष पांडे (11 करोड़) हैं।

मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता
आईपीएल इतिहास में मुंबई ने सबसे ज्यादा 4 बार (2019, 2017, 2015, 2013) खिताब जीता है। पिछली बार उसने फाइनल में चेन्नई को 1 रन से हराया था। मुंबई ने अब तक 5 बार फाइनल खेला है। वहीं, हैदराबाद ने 2 बार (2009 और 2016) खिताब अपने नाम किया।

चेन्नई-पंजाब के महंगे प्लेयर्स
सीएसके में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सबसे महंगे खिलाड़ी हैं। फ्रेंचाइजी उन्हें एक सीजन के 15 करोड़ रुपए देगी। उनके बाद टीम में केदार जाधव का नाम है, जिन्हें इस सीजन में 7.80 करोड़ रुपए मिलेंगे। वहीं, पंजाब में कप्तान लोकेश राहुल 11 करोड़ और ग्लेन मैक्सवेल 10.75 करोड़ रुपए कीमत के साथ सबसे महंगे प्लेयर हैं।

चेन्नई 3 बार चैम्पियन बनी
धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई ने लगातार दो बार 2010 और 2011 में खिताब जीता था। पिछली बार यह टीम 2018 में चैम्पियन बनी थी। चेन्नई 5 बार (2008, 2012, 2013, 2015 और 2019) आईपीएल की रनरअप भी रही है। वहीं, पंजाब को अब तक अपने पहले खिताब का इंतजार है।

पिच और मौसम रिपोर्ट
शारजाह और दुबई में मैच के दौरान आसमान साफ रहेगा। दोनों जगह तापमान 27 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। दोनों ही जगह पिच से बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है। यहां स्लो विकेट होने के कारण स्पिनर्स को भी काफी मदद मिलेगी।

टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद करेगी। शारजाह में हुए पिछले 13 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 69% रहा है। वहीं, दुबई में इस आईपीएल से पहले यहां हुए पिछले 61 टी-20 में पहले बल्लेबाजी वाली टीम की जीत का सक्सेस रेट 55.74% रहा है।

शारजाह में रिकॉर्ड

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 13
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 9
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 4
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 149
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 131

दुबई में रिकॉर्ड

  • इस मैदान पर हुए कुल टी-20: 61
  • पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती: 34
  • पहले गेंदबाजी करने वाली टीम जीती: 26
  • पहली पारी में टीम का औसत स्कोर: 144
  • दूसरी पारी में टीम का औसत स्कोर: 122

आईपीएल में मुंबई का सक्सेस रेट हैदराबाद से ज्यादा
मुंबई ने आईपीएल में अब तक 191 मैच खेले हैं। 111 में उसे जीत मिली है, जबकि 80 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। लीग में मुंबई का सक्सेस रेट 57.85% है। वहीं, हैदराबाद ने अब तक लीग में 112 मैच खेले हैं। 60 में उसे जीत मिली है, जबकि 52 में उसे हार का सामना करना पड़ा है। लीग में हैदराबाद का सक्सेस रेट 53.57% है।

चेन्नई का लीग में सक्सेस रेट सबसे ज्यादा
आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स का सक्सेस रेट सबसे ज्यादा 60.41% है। वहीं, लीग में पंजाब का सक्सेस रेट 45.83% है। चेन्नई ने लीग में अब तक कुल 169 मैच खेले हैं। 101 में उसे जीत मिली और 67 में उसे हार का सामना करना पड़ा। 1 मैच बेनतीजा रहा। दूसरी ओर, पंजाब ने अब तक 180 मैच खेले। उसने 83 जीते और 97 हारे हैं।



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मेरा एक दोस्त दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली अपनी बेटी के स्कूल के बाहर खड़ा था। स्कूल छूटा, बच्चे बाहर आने लगे, दूर से बिटिया आती दिखी। तभी पीछे से उसी की क्लास का एक लड़का आया, दोनों में कुछ कहासुनी हुई, लड़के ने लड़की को एक थप्पड़ सीधा गाल पर मार दिया।

लड़की को गुस्सा आया, उसने भी पलटकर मारा। लड़के ने उसका हाथ मरोड़ दिया। इस बार तो लड़की का गुस्सा सातवें आसमान पर। उसने दनादन थप्पड़ों की बरसात कर दी। लड़के को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया, फिर हाथ-लात सबसे मरम्मत कर डाली।

जब तक दोनों बच्चों के पैरेंट्स उन तक पहुंचते, लड़का मम्मी-मम्मी करता जमीन पर लोट रहा था। दोनों बच्चे दूसरी कक्षा में पढ़ते थे, एक लड़का था, एक लड़की। लड़की, जिसे बचपन से सिखाया जाता है कि लड़कियां कमजोर होती हैं। और लड़का, जिसे बचपन से ये सिखाया जाता है कि लड़के रोते नहीं।

दोस्त ने फोन करके पूरा वाकया बयान किया और बोला, 'मेरी बेटी ने लड़के को धूल चटा दी, अब बताओ, लड़कियां कमजोर होती हैं।' और मैं सोचने लगी, कितना फर्क पड़ता है इस बात से कि एक लड़की को कैसे पाला गया। उसे क्या सिखाया गया। क्या मूल्य, क्या विश्वास दिए गए। उसे कमजोर बनाया, चुप रहना सिखाया, दबना सिखाया, सहना सिखाया, या पलटकर जवाब देना सिखाया, लड़ना सिखाया। उसे गोल रोटी बनाना सिखाया या छेड़खानी करने वाले का मुंह गोल कर देना।

बचपन में एक बार मेरे पापा और बुआ की लड़ाई हो गई। गलती पापा की थी, उन्होंने बुआ को मारा था। बुआ जिद करके बैठ गईं, या तो आज ये खाना खाएगा या मैं। दादाजी ने फरमान जारी किया, "बेटे को खाना दो। वो क्या मेरा पिंडदान करेगी। " पापा को प्रेम से बिठाकर खिलाया गया। बुआ ने उस रात खाना नहीं खाया। 40 साल बाद भी दादी जब ये कहानी सुनातीं तो यही कहतीं कि "लड़की बहुत मनबढ़ हो गई थी।"

लड़कियों को दबाकर, डराकर रखना हमारे घर का सदियों से चला आ रहा मूल्य था। मर्दों का निरंकुश राज इसी बात पर कायम था कि जरा सा बोलते ही लड़की के मुंह में ठूंठ भर दो। इसके बाद दोनों बुआओं ने ससुराल में भी बहुत दुख पाया। बेटों ने बहुओं को दुख दिया, परंपरा कायम रही।

फेसबुक पर एक क्लोज्ड विमेन ग्रुप में एक बार यूक्रेन की एक औरत ने लिखा था, "मेरे पिता नाविक थे। खुद नाव बनाते, समुद्र में लंबी यात्राओं पर जाते। उन्होंने मुझे कभी नहीं सिखाया। क्या आपके पिता भी ऐसे थे?" एक अमेरिकन लड़की ने कमेंट में लिखा कि उसने उसी आदमी से शादी की, जिसने उसका रेप किया था। उसके माता-पिता ने कहा कि अब कोई मर्द उसकी इज्जत नहीं करेगा।

अमेरिकी फेमिनिस्ट राइटर ग्लोरिया स्टाइनम ने अपने पिता के बारे में लिखा है, "पिता मेरे साथ बहुत बराबरी और सम्मान से पेश आते थे। मेरी बातों को गंभीरता से सुनते, मेरी राय को महत्व देते। मैं इस विश्वास के साथ बड़ी हुई कि मेरा महत्व है। मेरे जीवन का, मेरे काम का।"

मेरा अपना अनुभव भी यही कहता है। मैंने किताबों में तो पढ़ लिया था कि मैं कीमती हूं, मेरा जीवन कीमती है। मैं मर्दों से कम नहीं, लेकिन उस पढ़े को जिए में बदलने में बड़ी मुश्किलें आईं। अपने लिए लड़ने के हर जरूरी मौके पर मैं चूक गई। मुझे हमेशा डर लगता रहा। जीकर ही समझ आया कि एक लड़की अपनी इज्जत, ताकत और महत्व का सबक फेमिनिज्म की किताब पढ़कर नहीं सीखती। वो सिर्फ इस बात से सीखती है कि उसे कितनी इज्जत दी गई, कितना महत्व दिया गया।

2013 में मुंबई के शक्ति मिल कंपाउंड में एक फोटो जर्नलिस्ट लड़की के साथ कुछ लोगों ने रेप किया था। वो लड़की जब इलाज के बाद अस्पताल से निकल रही थी तो उसने चेहरा ढंकने से इनकार कर दिया। बोली, "शर्मिंदा मैं नहीं हूं। शर्मिंदा उन्हें होना चाहिए।" 2012 में कलकत्ता के पार्क स्ट्रीट रेप केस की शिकार सुजैट जॉर्डन ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था, "मेरा नाम मत छिपाना। मैं सुजैट जॉर्डन हूं। पार्क स्ट्रीट रेप विक्टिम नहीं।"

इन लड़कियों के दिल, दिमाग और जिंदगी में उधर कभी देखा नहीं किसी ने कि खुद पर यह विश्वास, यह ताकत कहां से आई थी, जबकि पूरा समाज उनके खिलाफ खड़ा था। मीडिया में छपे लेख नहीं हैं पैमाना इस बात का कि कितनी करुणा, संवेदना और आदर से देखते हैं लोग रेप का शिकार हुई महिलाओं को, पैमाना हैं आपके दोस्त, सहकर्मी, पड़ोसी, घर के लोग। ध्यान से सुनिए उनकी भाषा और झांककर देखिए उनकी आंखों में।

मैं सबको एक झाडू से नहीं बुहार रही, लेकिन उनमें से ज्यादातर आपके साथ नहीं हैं। और जब कोई न हो साथ तो खुद को खुद के साथ खड़े होना होता है। ताकत और स्वाभिमान का जो सबक हमें घरों में नहीं सिखाया गया, वो खुद से सीखना होता है। खुद पर विश्वास करना होता है। खुद से कहना होता है कि मर्द ने रेप किया, गलती तुम्हारी नहीं है। मर्द ने छेड़खानी की, गलती तुम्हारी नहीं है। मर्द ने गाली दी, हाथ उठाया, मारा, अपमानित किया, गलती तुम्हारी नहीं है।

कहानी में भले लिखा है कि द्रौपदी ने आवाज लगाई तो कृष्ण दौड़े आए। लेकिन, असल जिंदगी में कोई कृष्ण नहीं आता। अपनी लड़ाई खुद लड़नी होती है। अपनी सुरक्षा खुद करनी होती है। मर्द का मुंह ताकते नहीं बैठ सकते। अपनी सुरक्षा के सारे इंतजाम खुद ही चाक-चौबंद रखने होते हैं। इस डर से घर में नहीं बैठ सकते कि सड़क पर रेप हो सकता है।

इस चीज के लिए खुद को तैयार करना होता है कि कुछ हुआ तो मुकाबला कैसे करेंगे। पास में चाकू रखो, लाल मिर्च का पाउडर रखो, पेपर स्प्रे रखो। कराटे सीखो, मेहनत करो, देह को मजबूत बनाओ। जो भी जरूरी हो, अपनी रक्षा कर सकने के लिए, वो सब करो बस डरो नहीं। डरकर घर में मत दुबक जाओ। बाहर निकलो, सामना करो।

यही है असली बात। खुद से प्यार करना, खुद की इज्जत करना, खुद को ताकतवर बनाना, खुद के साथ खड़े होना और ये करने के लिए हर बार लड़ने, चिल्लाने, आवाज ऊंची करने और तलवार उठाने की जरूरत नहीं होती। बस सिर को ऊंचा रखना होता है और आत्मा को मजबूत।

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You have to say to yourself that the man raped, the mistake is not yours, the man molested, the man abused, raised his hand, insulted, the mistake is not yours


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हैदराबाद के कुकटपल्ली के रहने वाले श्रीनिवास राव माधवराम पेशे से एक डॉक्टर हैं। हर दिन सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक मरीजों का इलाज करते हैं। इसके बाद वे निकल पड़ते हैं अपने खेतों की तरफ। पिछले चार साल से वे ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे है। अभी उन्होंने 12 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट लगाया है। इससे सालाना 1.5 करोड़ रु की कमाई हो रही है। 200 से ज्यादा किसानों को वे मुफ्त ट्रेनिंग दे रहे हैं।

हालांकि, श्रीनिवास इसे कमाई के लिए नहीं कर रहे हैं। वे कहते हैं कि खेती उनका जुनून है, पैशन है। 35 साल के श्रीनिवास ने 2009 में एमबीबीएस और 2011 में एमडी की। इसके बाद एक कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर उन्होंने काम किया। उन्हें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से फैलोशिप भी मिली। अभी एक हॉस्पिटल में जनरल फिजिशियन हैं।

डॉक्टर होकर भी खेती क्यों?, जब हमने उनसे सवाल किया तो श्रीनिवासन कहते हैं, 'हमारा परिवार बहुत पहले से ही खेती से जुड़ा रहा है। मेरे दादा जी किसान थे, सब्जियां उगाते थे। मेरा पिता उनके काम में हाथ बंटाते थे, वे हैदराबाद के मार्केट में सब्जियां बेचने जाया करते थे। बाद में उनकी नौकरी लग गई तो भी वे खेती से जुड़े रहे। इसका असर हमारी परवरिश पर हुआ था। इसलिए मेरे मन में भी खेती को लेकर दिलचस्पी शुरू से रही।

मैं हमेशा से सोचता था कि खेती को लेकर लोगों का नजरिया बदला जाए। किसानों को समृद्ध किया जाए ताकि उन्हें आत्महत्या नहीं करना पड़े। हमारे तेलंगाना में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या करते हैं। डॉक्टर बनने के बाद भी मैं गांवों में जाता था, किसानों से मिलता था। मन में एक बात थी कि इनके लिए कुछ करना है, लेकिन यह तय नहीं कर पा रहा था कि शुरुआत कैसे और किससे की जाए।

आज डॉ श्रीनिवास 12 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। करीब 30 हजार प्लांट्स हैं। 80 टन तक का प्रोडक्शन वे करते हैं।

श्रीनिवास कहते हैं, 'पहली बार ड्रैगन फ्रूट साल 2016 में देखा। उनके भाई एक पारिवारिक आयोजन के लिए ड्रैगन फ्रूट लेकर आए थे। मुझे यह फ्रूट पसंद आया और इसके बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। फिर मैंने इसको लेकर रिसर्च करना शुरू किया कि यह कहां बिकता है, कहां से इसे इम्पोर्ट किया जाता है और इसकी फार्मिंग कैसे होती है।'

रिसर्च के बाद उन्हें पता चला कि इसकी सैकड़ों प्रजातियां होती हैं लेकिन, भारत में कम ही किसान इसकी खेती करते हैं। सिर्फ दो तरह के ही ड्रैगन फ्रूट यहां उगाए जाते हैं। इसके बाद उन्होंने महाराष्ट्र के एक किसान से 1000 ड्रैगन फ्रूट के पौधे खरीदे, लेकिन उनमें से ज्यादातर खराब हो गए।

वजह यह रही कि वो प्लांट इंडिया के क्लाइमेट में नहीं उगाए जा सकते थे। 70 से 80 हजार रु का नुकसान हुआ। थोड़ा दुख जरूर हुआ, लेकिन पिता जी ने हिम्मत बंधाई कि अब पीछे नहीं मुड़ना है। इसके बाद श्रीनिवास ने गुजरात, कोलकाता सहित कई शहरों का दौरा किया।

वहां की नर्सरियों में गए। हॉर्टिकल्चर से जुड़े लोगों से मिले, एक्सपर्ट्स से राय ली लेकिन, कोई भी इस फ्रूट के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पाया। सब यही कहते थे कि ये इम्पोर्टेड है, यहां इसकी खेती नहीं हो सकती है।

ड्रैगन फ्रूट को मार्च से जुलाई के बीच कभी भी बोया जा सकता है। मैच्योर होने के बाद यह जुलाई से अक्टूबर तक फल देता है। करीब एक साल में प्लांट तैयार हो जाता है।

श्रीनिवास कहते हैं, 'जब हम किसी मरीज को तीन महीने वेंटिलेटर के सहारे जिंदा रख सकते हैं तो किसी प्लांट को क्यों नहीं। हम आर्टिफिशियल तरीके से ड्रैगन फ्रूट को तो उगा ही सकते हैं। इन सब को लेकर मैं रिसर्च कर ही रहा था कि मुझे आईआईएचआर बेंगलुरु के डॉ. करुणाकरण के बारे में पता चला जो ड्रैगन फ्रूट पर रिसर्च कर रहे थे। इसके बाद मैं उनसे मिला। उन्होंने बताया कि वियतनाम से सबसे ज्यादा ड्रैगन फ्रूट का इम्पोर्ट होता है और वहां के कई संस्थानों में इसकी खेती की ट्रेनिंग भी दी जाती है।'

इसके बाद श्रीनिवास ने वियतनाम के संस्थानों के बारे में जानकारी जुटाई और उन्हें मेल के माध्यम से बताया कि वे वहां आकर ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानना चाहते हैं, इसे उगाने की प्रोसेस को समझना चाहते हैं। लेकिन कई दिन बाद उधर से कोई रिप्लाई नहीं मिला।

श्रीनिवास कहते हैं, 'जब कहीं से कोई रिप्लाई नहीं मिला तो वियतनाम में भारत के राजदूत हरीश कुमार से मिलने का अपॉइंटमेंट लिया। उनसे 15 मिनट के लिए मेरी मुलाकात तय हुई, लेकिन जब हम मिले तो वे मेरे आइडिया से इतने प्रभावित हए कि 45 मिनट तक हमारी बातचीत चलती रही। इसके बाद उन्होंने वहां के हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी में अधिकारियों से बात की और मुझे ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी देने के लिए कहा। मैं वहां की एक हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी में गया, करीब 7 दिन तक रहा और इसके बारे में उनसे जानकारी ली।

इसके बाद में एक किसान के घर गया जो ड्रैगन फ्रूट की खेती करता था। उससे पूरी प्रक्रिया सिखाने की बात 21 हजार रु में तय हुई। मैं रोज उसके साथ खेतों पर जाता था और उससे ट्रेनिंग लेता था। वहां मैं एक हफ्ता रुका। जब मैं उसे पैसे देने लगा तो उसने लेने से इनकार कर दिया। कहने लगा कि पहले वह भी गरीब था, इसी ड्रैगन फ्रूट के सहारे उसकी किस्मत बदली है।'

श्रीनिवास हर शनिवार को किसानों को ट्रेनिंग देते हैं। उनके साथ अभी 2 सौ से ज्यादा किसान जुड़े हैं।

वियतनाम से आने के बाद श्रीनिवास ने ताइवान, मलेशिया सहित 13 देशों का दौरा किया। वहां के ड्रैगन फ्रूट के बारे में जानकारी हासिल की। फिर भारत आकर उन्होंने खुद के नाम पर ड्रैगन फ्रूट की एक प्रजाति तैयार की। जो भारत के क्लाइमेट के हिसाब से कहीं भी उगाई जा सकती है।

2016 के अंत में उन्होंने एक हजार ड्रैगन फ्रूट के प्लांट लगाए। वे रोज खुद खेत पर जाकर प्लांट की देखभाल करते थे, उन्हें ट्रीटमेंट देते थे। पहले ही साल उन्हें बेहतर रिस्पॉन्स मिला। अच्छा खासा उत्पादन हुआ। फ्रूट तैयार हो जाने के बाद अब सवाल था कि इसकी खपत कहां की जाए, मार्केट में कैसे बेचा जाए।

श्रीनिवास बताते हैं कि कुछ फ्रूट्स लेकर हम दुकानों पर गए, उन्हें अपने प्रोडक्ट के बारे में जानकारी दी। शुरुआत में तो वे इसे लेने के लिए बिलकुल भी तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि लोग इम्पोर्टेड ड्रैगन फ्रूट ही पसंद करते हैं, ये कोई नहीं खरीदेगा। वे फ्रूट का टेस्ट और रंग देखकर कहते थे कि आपलोगों ने कुछ मिलाया है, यह रियल नहीं है। लेकिन हमने जब उन्हें हर एक चीज समझाई तो वे मान गए। तब एक हफ्ते में 10 टन फ्रूट बिक गए थे।

आज डॉ श्रीनिवास 12 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं। करीब 30 हजार प्लांट्स हैं। वे 80 टन तक का प्रोडक्शन करते हैं। उनके साथ उनके पिता और भाई भी काम में हाथ बंटाते हैं। वो बताते हैं कि एक एकड़ जमीन पर इसकी खेती से 10 तन फ्रूट का उत्पादन होता है। जिससे प्रति टन 8-10 लाख रुपए की कमाई हो जाती है। मार्केट में 100 से 120 रु तक इसकी कीमत है। कोरोना के समय कीमत थोड़ी बढ़ गई थी।

एक एकड़ जमीन पर इसकी खेती से 10 तन फ्रूट का उत्पादन होता है। जिससे प्रति टन 8-10 लाख रुपए की कमाई हो जाती है। मार्केट में 100 से 120 रु तक इसकी कीमत है।

कैसे करें ड्रैगन फ्रूट की खेती

ड्रैगन फ्रूट को मार्च से जुलाई के बीच कभी भी बोया जा सकता है। मैच्योर होने के बाद यह जुलाई से अक्टूबर तक फल देता है। करीब एक साल में प्लांट तैयार हो जाता है। इसके लिए टेम्परेचर 10 डिग्री से कम और 40 डिग्री से ज्यादा नहीं होना चाहिए। उसके बीच में किसी भी टेम्परेचर पर इसे उगाया जा सकता है। इसके लिए किसी विशेष किस्म की जमीन की जरूरत नहीं होती है। किसी भी जमीन पर इसे उगाया जा सकता है। इसके लिए पानी की भी लागत कम होती है।

ड्रैगन फ्रूट के फायदे

इम्युनिटी बढ़ाने के लिए, कॉलेस्ट्रॉल लेवल घटाने के लिए, हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए, हृदय रोग के लिए, स्वस्थ बालों के लिए, स्वस्थ चेहरे के लिए, वेट लॉस और कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक करने में इसका उपयोग होता है।

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1.आईआईटी बॉम्बे से पढ़ाई की, लेकिन नौकरी के लिए रिज्यूम भी नहीं बनाया, आज ऑर्गेनिक फार्मिंग से सालाना 9 लाख रु कमा रहे

2. प्राइवेट बैंक में 15 लाख का पैकेज छोड़कर ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की, आज 12 एकड़ पर खेती कर रहे हैं, हर एकड़ से डेढ़ लाख कमाई

3. साल पहले अमेरिका की नौकरी छोड़कर गांव में डेयरी खोली, ऑर्गेनिक दूध के उत्पादन से सालाना 15 लाख रु. की हो रही कमाई

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हैदराबाद के कुकटपल्ली के रहने वाले श्रीनिवास राव माधवराम पेशे से एक डॉक्टर हैं, लेकिन इसके साथ ही वे ड्रैगन फ्रूट की फार्मिंग भी करते हैं।


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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जितने बेहतरीन राजनेता थे, उतने ही अच्छे कवि और वक्ता। उन्होंने कई ऐसे काम किए कि भारत को दुनिया में एक अलग पहचान मिली। प्रधानमंत्री के तौर पर पोखरन परमाणु परीक्षण ऐसा ही एक कदम था। वैसे, कम ही लोगों को पता है कि 1977 में उन्होंने 4 अक्टूबर को यूएन की महासभा में पहली बार हिंदी में भाषण देकर नया इतिहास रचा था।

उस समय अटल जी मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली जनता पार्टी में विदेश मंत्री थे और उन्हें ही महासभा को संबोधित करने का मौका मिला था। उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए किया। पहली बार भारत की राजभाषा यूएन के मंच से सुनाई दी। करीब तीन मिनट का भाषण खत्म होने के बाद यूएन में आए सभी देश के प्रतिनिधियों ने खड़े होकर वाजपेयी का तालियों से स्वागत किया।

यूएसएसआर ने लॉन्च किया स्पूतनिक 1

स्पूतनिक-1 जिसे सोवियत संघ ने अंतरिक्ष में भेजा था। यह दुनिया का पहला सैटेलाइट है जिसे सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित किया गया। इसके बाद ही रूस और अमेरिका में अंतरिक्ष में उपलब्धियां हासिल करने के लिए होड़ शुरू हुई थी।

बात 63 साल पुरानी है। सोवियत संघ ने दुनिया का पहला कृत्रिम उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित किया और इसका नाम स्पूतनिक-1 रखा। रूसी भाषा में यात्री को स्पूतनिक कहा जाता है। मानव इतिहास के पहले 83.5 किलोग्राम वजनी सैटेलाइट ने 92 दिन में 1400 बार पृथ्वी का चक्कर लगाया।

पहली बार अंतरिक्ष से पृथ्वी पर रेडियाे संदेश भेजा। भले ही सोवियत संघ नहीं बचा है और कई देश अलग होकर आजाद हो चुके हैं, रूस आज भी स्पूतनिक को अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि मानता है। इसी वजह से कोविड-19 का वैक्सीन डेवलप किया तो उसका नाम रखा स्पूतनिक-5 और इसे बिना फेज-3 ट्रायल्स के रूसी जनता के लिए उपलब्ध भी कर दिया।

1582: इटली, पोलैंड, पुर्तगाल ने अपनाया ग्रेगोरियन कैलेंडर

इटली, पोलैंड, पुर्तगाल और स्पेन ने पोप ग्रेगरी के आदेश पर ग्रेगोरियन कैलेंडर अपनाया था। इसे इक्विनॉक्स और सॉलस्टाइसेस जैसी घटनाओं को एडजस्ट करने के लिए ही बनाया था। यह भी ध्यान रखा कि नॉदर्न हेमिस्फीयर के स्प्रिंग इक्विनॉक्स के आसपास ही ईस्टर को सेलिब्रेट किया जा सके। कई दिन छोड़ दिए थे। 4 अक्टूबर के बाद एकदम से 15 अक्टूबर आ गया था। आज ज्यादातर देशों में ग्रेगोरियन कैलेंडर ही मान्य है।

आज की तारीख को इन घटनाओं के लिए भी जाना जाता हैः

  • 1302ः बैजेंटाइन साम्राज्य तथा वेनिस गणराज्य के बीच शांति समझौता हुआ।
  • 1824ः मैक्सिको रिपब्लिक बना।
  • 1830ः नीदरलैंड से अलग होकर बेल्जियम नया देश बना।
  • 1943ः अमेरिका ने सोलोमन द्वीप पर कब्जा किया।
  • 1963ः क्यूबा और हैती में चक्रवाती तूफान फ्लोरा से छह हजार लोगों की मौत।
  • 2006ः जूलियन असांजे ने खुफिया वेबसाइट विकिलीक्स की स्थापना की।
  • 2011ः अमेरिका ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) प्रमुख अबू बकर अल बगदादी को वैश्विक आतंकवादी के रूप में चिह्नित किया और साथ ही उस पर एक करोड़ डाॅलर का ईनाम भी रखा।
  • 2012ः फाॅर्मूला वन के बादशाह माइकल शूमाकर ने संन्यास लिया।


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Today History for October 4th/ What Happened Today | Atal Bihari Vajpayee Addressed UN in Hindi | Russian Satellite Sputnik-1 launched in space | Who addressed UN Assembly in Hindi first


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सोशल मीडिया पर पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ खड़े एक शख्स की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। दावा किया जा रहा है कि ये शख्स हाथरस में 19 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी संदीप का पिता है।

और सच क्या है ?

  • दैनिक भास्कर की रिपोर्ट से ये पुष्टि होती है कि हाथरस केस में संदीप नाम का शख्स मुख्य आरोपी है। हालांकि, इंटरनेट पर हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें ये जिक्र हो कि संदीप के पिता के भाजपा नेताओं से कोई संबंध अब तक सामने आए हैं।
  • वायरल हो रही फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से बोलता हिंदुस्तान नाम की वेबसाइट पर हमें एक साल पुरानी खबर मिली। इस खबर में तस्वीर में मोदी के साथ खड़े दिख रहे शख्स को श्याम प्रकाश द्विवेदी बताया गया है।
  • दावे से जुड़े की वर्ड सर्च करने से कुछ मीडिया रिपोर्ट हमारे सामने आईं। इनसे पता चलता है कि श्याम प्रकाश द्विवेदी, भाजपा के युवा मोर्चा, काशी प्रांत के पूर्व उपाध्यक्ष हैं। श्याम प्रकाश पर एक युवती ने गैंगरेप का आरोप लगाया है। आरोप है कि जमीन दिलाने के बहाने बुलाकर श्याम प्रकाश और उद्योगपति राशिद फरीदी ने युवती के साथ बलात्कार किया था। भाजपा नेता अभी फरार है।
  • भाजपा नेता श्यामप्रकाश द्विवेदी के नाम पर बने अलग-अलग सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी उसी शख्स की तस्वीर है। जिसे संदीप का पिता बताया जा रहा है।
  • इन सबसे स्पष्ट है कि वायरल हो रही फोटो में मोदी और योगी के साथ खड़ा दिख रहा शख्स संदीप का पिता नहीं है। बल्कि एक अन्य दुष्कर्म मामले का फरार आरोपी भाजपा नेता श्याम प्रकाश द्विवेदी है।


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Fact Check: This person seen in the pictures with Modi-Yogi is the father of the accused of rape in the Hathras case? Know the whole truth


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प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को रोहतांग में करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर बनी दुनिया की सबसे लंबी टनल का उद्घाटन किया। 9.2 किमी लंबी यह अटल टनल 10 साल में बनकर तैयार हुई है। वहीं, भारत में कोरोना से पहली मौत के 204 दिन बाद आंकड़ा 1 लाख पार हो गया। ब्राजील में इतनी मौतें 158 दिनों में जबकि अमेरिका में सिर्फ 83 दिनों में हुईं। बहरहाल, शुरू करते हैं मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ...

आज इन 4 इवेंट्स पर रहेगी नजर

1. आज मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच शारजाह में दोपहर 3.30 बजे से मैच खेला जाएगा।

2. आज चेन्नई सुपर किंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब भी आमने-सामने होंगे। मैच दुबई में शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा।

3. मुंबई और तटीय कोंकण इलाके में आज भारी बारिश की चेतावनी। बीएमसी ने लोगों को बारिश के दौरान समुद्र किनारे नहीं जाने की अपील की है।

4. आज राहुल गांधी पंजाब में कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। वह यहां 3 दिन ट्रैक्टर रैलियां करेंगे। आज इसकी शुरुआत होगी।

अब कल की 6 महत्वपूर्ण खबरें

1. बिहार महागठबंधन में सीटों का बंटवारा, राजद 144 और कांग्रेस 70 सीटों पर लड़ेगी

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीटों का फॉर्मूला तय हो गया। राजद 144, कांग्रेस 70, सीपीआई माले 19, सीपीआई 6, सीपीएम 4 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। पर, सीटों के ऐलान के साथ ही गठबंधन में दरार पड़ गई। फॉर्मूले से नाखुश वीआईपी के नेता मुकेश सहनी ने कहा- हम गठबंधन से बाहर हो रहे हैं। राजद के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी बोले- हम पहली कैबिनेट में पहली कलम से 10 लाख स्थाई और सरकारी नौकरी देंगे।

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2. राहुल-प्रियंका हाथरस पहुंचे, साथ में कांग्रेस के 35 सांसद भी थे, जिन्हें पुलिस ने रोका

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी हाथरस गैंगरेप पीड़ित के परिवार से मिलने शनिवार को हाथरस पहुंचे। दरअसल, 5 लोगों के डेलिगेशन को पीड़ित के गांव जाने की इजाजत मिली थी। साथ में कांग्रेस के 35 सांसद भी थे, जिन्हें पुलिस ने दिल्ली-नोएडा फ्लाइ वे (नोएडा बॉर्डर) पर रोक दिया। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज भी कर दिया।

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3. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प कोरोना पॉजिटिव, यदि तबियत बिगड़ी तो क्या होगा?

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से ठीक 32 दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प कोविड-19 पॉजिटिव हो गए हैं। 74 वर्षीय ट्रम्प को मेरीलैंड के वॉल्टर रीड हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। उन्हें हल्का बुखार, सर्दी और सांस लेने में कुछ परेशानी बताई गई है। ट्रम्प के कोविड-19 पॉजिटिव होने का अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव पर क्या असर पड़ सकता है? जानिए भास्कर एक्सप्लेनर में...

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4. एम्स के पैनल ने सुशांत की हत्या की आशंका को खारिज किया

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के 110 दिन बाद बड़ा खुलासा हुआ है। एम्स के पैनल ने अपनी रिपोर्ट में एक्टर की हत्या की आशंका से इनकार किया है। इंडिया टीवी से बातचीत में एम्स के फॉरेंसिक विभाग के हेड डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, 'यह क्लियर कट खुदकुशी का मामला है। सुशांत का मर्डर नहीं हुआ था।' हालांकि, सीबीआई की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है।

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5. दुनिया के देशों में 1 लाख मौतों का हिसाब, भारत तीसरे नंबर पर

2 अक्टूबर को भारत में कोरोना से मौतों का आंकड़ा 1 लाख को पार कर गया। भारत में कोरोना से होने वाली पहली मौत के 204 दिनों के बाद यह संख्या 1 लाख मौतों तक पहुंची है। वहीं, ब्राजील में यह आंकड़ा 158 दिनों में ही पहुंच चुका था, जबकि अमेरिका में शुरुआती 1 लाख मौतें 83 दिनों में हुई थीं। मौतों के मामले में भारत दुनिया में अमेरिका, ब्राजील के बाद अभी तीसरे नंबर पर है।

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6. वायरल ऑडियो में जिसे कांग्रेस कार्यकर्ता बताया, वो पीड़ित का रिश्तेदार

हाथरस गैंगरेप मामले में पहले पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई। अब टेप किए गए फोन कॉल के आधार पर दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता ने पीड़ित परिवार को अधिक मुआवजा दिलाने का झांसा दिया। इस पर युवक बोला- जिसका ऑडियो वायरल किया जा रहा है वो मैं हीं हूं और मैं कोई कांग्रेसी कार्यकर्ता नहीं हूं। मैं तो पीड़ित की बुआ का लड़का हूं। पढ़िए हाथरस से भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट...

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अब 4 अक्टूबर का इतिहास

1824: मेक्सिको ने नया संविधान बनाया और फेडरल रिपब्लिक बना।

1830: नीदरलैंड से अलग होकर बेल्जियम साम्राज्य बना।

1957: सोवियत संघ ने पहला उपग्रह स्पूतनिक सफलता पूर्वक अंतरिक्ष में भेजा।

आखिर में जिक्र हिंदी के प्रमुख साहित्यकार और आलोचक रामचंद्र शुक्ल का। आज ही के दिन 1884 में उनका जन्म हुआ था। पढ़िए उन्हीं का एक विचार...



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AIIMS 'new claim on Sushant's death; In Rahul-Priyanka Hathras, Tejashwi promises 10 lakh jobs, but breaks in grand alliance


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