Sunday, January 12, 2020

easysara.wordpress.com

नादिया (पश्चिम बंगाल). पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि राज्य में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को हम गोली मार देंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे लोगों न केवल हिरासत में लिया था। बल्कि उनपर लाठीचार्ज भी की और गोलियां भी बरसाईं थीं।

खड़गपुर के सांसद दिलीप घोष नागरिकता कानून के समर्थन में एक कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। क्योंकि वे उनके वोटर हैं।

‘ममता बनर्जी के वे वोटर हैं, इसलिए कार्रवाई नहीं करतीं’

घोष ने कहा कि उन्हें क्या लगता है वे जिस सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, क्या उनके पिता की है? सार्वजनिक संपत्ति करदाताओं की है। आप (ममता) कुछ नहीं कहती, क्योंकि वे आपके वोटर हैं। असम और उत्तर प्रदेश में, हमारी सरकार ने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की थी।

‘हमारा खाना खाते हैं और हमारी ही संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं’

उन्होंने कहा कि आप यहां आते हैं, हमारा खाना खाते हैं, यहां रहते हैं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। क्या यह आपकी जमींदारी है? हम आपको लाठियों से पीटेंगे, आपको गोली मार देंगे और आपको जेल में डाल देंगे। ममता बनर्जी इनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करना चाहती हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष। -फाइल


from Dainik Bhaskar /national/news/dilip-ghosh-said-we-will-shoot-whoever-damages-public-property-like-those-in-up-126504501.html
via

easysara.wordpress.com

उन्नाव. उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में जिंदा जलाई गईगैंगरेप पीड़ितकी मौत को 37 दिन बीत चुके हैं। परिवार सरकार जिला प्रशासन के एक्शन से संतुष्ट नहीं है। पीड़ित की बहन ने कहा- हमें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया जा रहा है। जब भी लखनऊ जाने की कोशिश करते हैं, जिला प्रशासन रोक लेता है। अभी तक दीदी का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में नहीं भेजा गया है। जबकि सीएम ने खुद इसका आश्वासन दिया था। मैं चाहती हूं किदीदी के हत्यारों को फांसी मिले। दीदी को जिंदा जलाने वाले धमकी देते हैं। कहते हैं किबयान दिया तोतुम्हारी ऐसी हालत करेंगे कि किसी लायक नहीं रहोगी। बहन ने कहा-मैं13 जनवरी को मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लखनऊ जाऊंगी, अगर किसी ने रोकने की कोशिश की तो आत्मदाह कर लूंगी।

प्रशासन ने रोकने की कोशिश की, तब भीनहीं रुकेंगे

पीड़ित की बहन ने कहा- 5दिसंबर को हमारी बहन को जिंदा जलाया गया था।सीएम से मिलने के लिएतीन-चार बार लखनऊ जाने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने रोक दिया। एक बार तो घर से निकलने ही नहीं दिया गया। 13 जनवरी को किसी प्रशासन के अधिकारी ने रोकने की कोशिश की तो हम नहीं रुकेंगे। आत्महत्या कर लेंगे। यह बात हमनेथाने में भी बोल दीहै।


प्रकरण को दबाने की कोशिश
पीड़ित की बहन ने कहा- मैंने औरमेरे भाई ने करीब 6 बार डीएम से मुलाकात की, लेकिन सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। बस यही कहा जाता है किमामले में एक्शन हो रहा है। लेकिन क्या हो रहा है, कुछ पता नहीं। इस प्रकरण को कुछ लोग दबाना चाहते हैं।

मांग पूरी नहीं हुई, रोज मिल रहीं धमकियां
पीड़ित की बहन ने कहा- सरकार ने नौकरी, मकान औरआर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया था। लेकिन, अभी तक सिर्फ रुपए पिताजी के खाते में आए हैं। मालूम हो किसरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए की सहायता प्रदान की थी। बहन ने कहा- मकान औरनौकरी की मांग अधूरी है। रोज-रोज धमकियां मिल रही हैं। सरकार केसुरक्षा देने केसवाल पर कहा- तीन दिन पहले राशन लेने दुकान पर गई थीतभी वाजपेयी परिवार का एक लड़का औरकुछ औरतें पीछे लगी थीं। उन लोगों ने कहा- तुमको मारेंगे तो बयान भी नहीं दे पाओगी। हर समय सुरक्षा वाले साथ नहीं होते हैं। धमकियां ग्रामीणों के सामने दी गईं।लेकिन, वे डरे सहमे हैं। इसलिए कोई खुलकर हमारा समर्थन भी नहीं करता है।


क्या था मामला, अब तक क्या हुआ?
उन्नाव के बिहार इलाके में 5 दिसंबर को गैंगरेप केस की पैरवी करने के लिए पीड़ितरायबरेली कोर्ट जा रही थी। तड़केगांव के बाहरशिवम और शुभम ने तीन अन्य के साथ मिलकर पीड़ित को जला दिया था। करीब 43 घंटे के बाद पीड़ित ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मरने से पहलेपीड़ितके बयान के आधार पर गांव के प्रधानपति हरिशंकर त्रिवेदी, उसके बेटे शुभम, गांव के शिवम औरउमेश बाजपेई समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मामले की जांच एसआईटी कर रही है। घटना के 20 दिन बाद 26 दिसंबर को आरोप पत्र तैयार किया गया।एक जनवरी को कोर्ट खुलने पर पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया था। तीन जनवरी को आरोपियों की पहली पेशी थी।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
5 दिसंबर को रेलवे स्टेशन जाते वक्त पीड़ित को इसी जगह जिंदा जला दिया गया था। -फाइल


from Dainik Bhaskar /uttar-pradesh/kanpur/news/up-unnao-gangrape-victim-sister-says-self-immolation-if-up-cm-yogi-adityanath-not-listen-126502929.html
via

easysara.wordpress.com

नई दिल्ली. भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलने की मांग की है। स्वामी ने रविवार को ट्वीट किया कि सरकार को कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम बदलने के बादविक्टोरिया मेमोरियल का नाम बदलकर रानी झांसी स्मारक महल कर देना चाहिए। उन्होंने कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा पर भी खुशी जाहिर की।

स्वामी ने कहा कि क्वीन विक्टोरिया ने 1857 में झांसी की रानी के विद्रोह के बाद भारत पर कब्जा किया था और देश को 90 साल तक लूटा था। इसलिए उनके नाम पर विक्टरोरिया मेमोरियल का नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री के इस बयान का स्वागत करता हूं कि इतिहास की समीक्षा की जानी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता पोर्ट का नाम बदलने की घोषणा की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह करने की घोषणा की। उन्होंने इस मौके पर कहा किपोर्ट ने सत्याग्रह से लेकर स्वच्छाग्रह तक देश को बदलते देखा है। यह पोर्ट सिर्फ मालवाहकों का स्थान नहीं रहा, बल्कि दुनिया में छाप छोड़ने वाले लोगों के कदम भी इस पर पड़े। जब यह पोर्ट 150वें साल में प्रवेश कर रहा है, तो इसे न्यू इंडिया के निर्माण का ऊर्जावान प्रतीक बनाना हमारा दायित्व है।’’

विक्टोरिया मेमोरियल में प्रदर्शित हैं अंग्रेजी हुकूमत की कई निशानियां

विक्टोरिया मेमोरियल का निर्माण 1906 और 1921 के बीच हुआ था। इसे भारत में रानी विक्‍टोरिया के शासन काल के 25 साल पूरे होने पर तैयार किया गया था। संगमरमर से बनी इस भव्य इमारत में अंग्रेजी हुकूमत विशेषकर क्वीन विक्टोरिया से जुड़ी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। यहां की रॉयल गेलरी में रानी विक्‍टोरिया के कई तैलचित्र हैं। इसमें प्रसिद्ध यूरोपीय कलाकारों द्वारा बनाई गई तस्वीरें भी रखी गई हैं।यह मेमोरियल 338 फीट लंबे और 22 फीट चौड़े स्‍थान में निर्मित भवन के साथ 64 एकड़ भूमि पर बनाया गया है।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
सुब्रमण्यम स्वामी।(फाइल फोटो)


from Dainik Bhaskar /national/news/subramanian-swamy-demands-victoria-memorial-be-renamed-after-rani-jhansi-126500558.html
via

easysara.wordpress.com

कन्नौज.बसहादसे में जले दस लोगों के कंकाल पोटली में बांधकर पोस्टमॉर्टम हाउस में रखे गए हैं। इनमें से एक ही शिनाख्त हो सकी है। बस में सवार अन्य लापता लोगों के परिजन इन अस्थियों को देखने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे। रुंधे गले और नम आंखों से वह अपने मन को यह विश्वास दिलाने में लगे हैं कि उनके प्रियजन किसी अस्पताल में उपचार करा रहे होंगे, वेजल्द वापस आ जाएंगे।

शुक्रवार रात कन्नौज से जयपुर जा रही बस की ट्रक से भिड़ंत हो गई। इसके बाद बस में आग लग गई और 3 धमाके हुए। बस में 45 लोग सवार थे। एक शव और 10 कंकाल बरामद हुए हैं। 25 घायलों का इलाज चल रहा है। 9 लापता हैं।

भाई के घर आईथी उर्मिला, बेटीके साथ जयपुर जा रही थीं
फर्रुखाबाद के नारायण नगला निवासी उर्मिला राठौड़बेटी प्रिया (20) के साथ भाई सुरेश चंद्र के घरआई थीं। यहां से उन्हें जयपुर जाना था। शुक्रवार को गांव में श्रीमद्भागवत कथा सुनने के बाद मां-बेटी बस में सवार होकर जा रही थीं। दोनों की झपकी लगी ही थी कि तभी टक्कर की तेज आवाज आई। वेकुछ समझतीं,तभी बस धू-धू करके जलने लगी।

बहादुर बिटिया ने बचाई मां की जान
आंखों में आंसू लिए उर्मिला बताती हैं, ‘‘चारों तरफ आग की लपटें थी, हम घबराए हुए थे। ठसाठस भरी बस में सब चीख रहे थे। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। तभी प्रिया ने बहादुरी दिखाते हुए कांच तोड़ दिया और उसमें से प्रिया ने मुझे धकेलकर बाहर निकाल दिया।’’हादसे के बाद से प्रिया लापता है। आग का गोला बनी बस में वह लापता हो गई। उर्मिला को उम्मीद है कि बेटी जख्मी होने के कारण कहीं उपचार के लिए भर्ती है। प्रिया के मामा और अन्य परिजन जिले और आसपास शहरों के अस्पतालों में अपनी भांजी को तलाशते घूम रहे हैं, लेकिन उसका पता नहीं।

भीगी आंखों से रईस अपने भाई-भाभी और भतीजे-भतीजी को तलाश रहा
कन्नौज के अस्पतालों में रुंधे गले से आवाज सुनाई दे रही है, जो कभी शहन को पुकारती है तो कभी सादिया को। यह आवाज फर्रुखाबाद के कमालगंज के उगरापुर के रहने वाले रईस अहमद की है। उसका भाई लईक अहमद, भाभी सायरा बेगमा, भतीजी सादिया बानो, भतीजे शहन अहमद और मोहम्मद सईद इसी बस से जयपुर जा रहे थे। रईस हादसे की रात से ही पांचों को सभी अस्पताल में तलाश रहा है। छिबरामऊ के अस्पताल, तिर्वा के मेडिकल कॉलेज समेत आसपास के निजी अस्पतालों में भी तलाशा लेकिन, कुछ पता नहीं चला।

रईस के भाई लईक, भाभी सायरा और भतीजा सईद।

लापता परिवार को बार-बार फोन कर रहा रईस
रईस ने बताया कि भाई शुक्रवार को जब अपने बीवी-बच्चों को लेकर रवाना हुआ तो घर के सभी सदस्य उदास थे। जाने के बाद भी समय-समय पर फोन से बात हो रही थी। वे लोग पांच बजे बस में सवार हुए थे,छह बजे के बाद तक बात हुई।उस समय लईक ने बताया था कि वह गुरसहायगंज में हैं। लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद जानकारी मिली कि बस में हादसा हो गया। घरवालों के साथ यहां रात में ही पहुंचे, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिल रही। कोई अफसर भी कुछ नहीं बता रहा। रात से परेशान हूं, जगह-जगह भटक रहा हूं। बस में सवार अन्य यात्री कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं है।भाई के नंबर पर भी फोन कर रहा हूं, लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा।

सिर्फ ट्रक ड्राइवर के शव की ही हुई शिनाख्त
बस हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों के कंकाल बरामद किए गए हैं। इनमें से पहचान सिर्फ एक की ही हो सकी है। ट्रक चालक अजय उर्फ रिंकू पुत्र पूरन सिंह निवासी विशुनपुर रतीपुर थाना कुरावली जिला मैनपुरी की शिनाख्त हुई है। उसकी पहचान उसके मामा ने की है। बताया गया है कि रिंकू का शव पूरी तरह नहीं जला था। इस वजह से उसकी शिनाख्त आसानी से हो गई है।

पोटली में रखे हैं कंकाल, पांच डॉक्टर करेंगे पोस्टमॉर्टम
कन्नौज बस हादसे के बाद बस से निकाले गए कंकालों को पोटली में बांध कर पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा गया है। 5 डॉक्टरों की टीम इनका पोस्टमॉर्टम करेगी। मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री का कहना है कि शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट होगा। पूरी कोशिश होगी के मृतकों की संख्या स्पष्ट हो सके। उन्होंने हादसे के लिए बस और डीसीएम के चालकों को दोषी बताया हैं। इसके लिए पांच डॉक्टरों की टीम बनाई गई हैं।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
प्रिया भी बस में सवार थी। उसने कांच तोड़कर अपनी मां को बचाया। प्रिया अब लापता है।
कन्नौज का पोस्टमार्टम हाउस, जहां बस से बरामद कंकालों को रखा गया है।
बस में मिले शवों के अवशेषों को पोस्टमार्टम हाउस के फ्रीजर में रखा गया है।


from Dainik Bhaskar /uttar-pradesh/kanpur/news/priya-breaks-the-glass-and-saves-mother-now-missing-herself-mother-not-ready-to-see-bones-kept-in-bundle-126499971.html
via

easysara.wordpress.com

नई दिल्ली. कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कहा है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपसमें 5 जनवरी को हुई हिंसा के पीछे सरकार का हाथ था। कमेटी ने यूनिवर्सिटी के कुलपति एम जगदीश कुमार को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू करने की अनुशंसा की। समिति ने 5 जनवरी के घटनाक्रम की स्वतंत्र न्यायिक जांच की सिफारिश भी की, ताकि हिंसा की वजह सामने आ सके। रविवार को समिति ने सोनिया गांधी को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। इस बीच दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने हिंसा से जुड़े 7 और लोगों की पहचान करने की बात कही है।

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चार सदस्यों की समिति बनाकर जेएनयू हिंसा के बारे में विस्तार से जांच करने को कहा था। महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव, एनएसयूई की पूर्व अध्यक्ष हिबी ईडन, सांसद सैयद नसीर हुसैन और एनएसयूआई की पूर्व अध्यक्ष अमृता धवन की इस समिति ने जेएनयू पहुंचकर मामले की जांच की। समिति ने पांच अहम बिंदुओं के जरिए जेएनयू हिंसा से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय दी।

कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कहा-

  • कुलपति एम जगदीश कुमार को तुरंत हटाया जाना चाहिए। 27 जनवरी, 2016 के बाद से अब तक हुई सभी नियुक्तियों की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। इस दौरान लिए गए सभी वित्तीय और प्रशासनिक फैसलों की भी पड़ताल की जानी चाहिए।
  • कुलपति के खिलाफ आपराधिक जांच की शुरू होनी चाहिए। 5 जनवरी को साबरमती और पेरियार हॉस्टल में हमले की साजिश में साथ देने वाले शिक्षकों के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। सुरक्षा देने वाली कंपनी का अनुबंध तुरंत खत्म करके उसके खिलाफ भी जांच की जानी चाहिए।
  • जेएनयू में 5 जनवरी के घटनाक्रम की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हिंसा कैसे शुरू हुई।
  • दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। 5 जनवरी को छात्रों और शिक्षकों के इमरजेंसी कॉल के बावजूद, पुलिस एक्शन लेने में नाकामयाब रही। साथ ही शुरुआती सबूत यह दिखाते हैं कि उन्होंने कैंपस में आपराधिक तत्वों की मदद की।
  • जेएनयू में फीस बढ़ोतरी को प्रशासन तुरंत वापस ले। छात्र संघ को निर्वाचित इकाई की मान्यता दी जाए, ताकि छात्रों और प्रशासन के बीच फीस और दूसरे मुद्दों को लेकर विचार-विमर्श किया जा सके।

जेएनयू में पिछले रविवार को हिंसा हुई थी

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 5 जनवरी (रविवार) की रात को हिंसा हुई थी। नकाबपोशों ने छात्र-शिक्षकोंको डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। वे ढाई घंटे तक कैंपस में कोहराम मचाते रहे।दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 छात्रों को पहचानने का दावा किया था।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने सोनिया गांधी को जेएनयू हिंसा पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।


from Dainik Bhaskar /national/news/jnu-voilence-news-and-updates-cong-fact-finding-committee-attack-state-sponsored-vc-must-be-dismissed-126500537.html
via

easysara.wordpress.com

खेल डेस्क. हरमनप्रीत कौर फरवरी में होने वाले महिला विश्व कप में 15 सदस्यीय भारतीय महिला टीम की कप्तान होंगी। भारत विश्व कप काअपना पहला मैच मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्र्रेलिया से21 फरवरी को सिडनी में खेलेगा। टीम में इकलौता नया चेहरा पश्चिम बंगाल की बल्लेबाज ऋचा घोष हैं। इसके अलावा 15 साल की बल्लेबाज शेफाली वर्मा भी टीम का हिस्सा होंगी।शेफाली ने अब तक 9 अंतरराष्ट्रीय टी-20 खेले हैं। इसमें उन्होंने 142.30 के स्ट्राइक रेट से 222 रन बनाए हैं। इसमें दो अर्धशतक भी शामिल हैं।

चयन समिति ने टी-20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया में होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के लिए भी 16 सदस्यीय टीम का भी ऐलान किया है। इसमें नुज्हत परवीन को रखा गया है। मेजबान ऑस्ट्रेलिया के अलावा इंग्लैंड और भारत इस सीरीज का हिस्सा होंगे।इस सीरीज में भारत का पहला मैच इंग्लैंड से 31 जनवरी को कैनबरा में होगा। वहीं, टूर्नामेंट का फाइनल 12 फरवरी को मेलबर्न में खेला जाएगा।

भारत ग्रुप-ए में ऑस्ट्रेलिया के साथ

भारत को ग्रुप-ए में रखा गया है। इस ग्रुप में मेजबान ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और बांग्लादेश भी हैं। वहीं ग्रुप-बी में इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और थाईलैंड हैं।

भारतीय महिला टीम(टी-20 विश्व कप) : हरमनप्रीत कौर(कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमारोड्रिग्ज, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णामूर्ति, ऋचा घोष, तानिया भाटिया, पूनम यादव, राधा यादव, राजेश्वरी गायकवाड़, शिखा पांडे, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी।

भारतीय महिला टीम( त्रिकोणीय सीरीज) : हरमनप्रीत कौर(कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्ज, हरनील देओल, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णामूर्ति, ऋचा घोष, तानिया भाटिया, पूनम यादव, राधा यादव, राजेश्वरी गायकवाड़, शिखा पांडे, पूजा वस्त्रकार, अरुंधति रेड्डी, नुज्हत परवीन।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
भारतीय महिला टीम को ग्रुप-ए में ऑस्ट्र्रेलिया के साथ रखा गया है। (फाइल)


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/382Al1b
via

Saturday, January 11, 2020

easysara.wordpress.com

खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया के सितंबर 2019 जंगलों में आग लगी है। इसी दौरान 20 जनवरी से 2 फरवरी तक ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट होगा। यह आग ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स राज्य के तटीय इलाके में सबसे ज्यादा फैली है। जबकि टूर्नामेंट का आयोजन विक्टोरिया की राजधानी मेलबर्न में होगा। स्टेडियम में सुरक्षा के लिए मौसम वैज्ञानिक और एयर क्वालिटी एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे। टूर्नामेंट में रोजर फेडरर, राफेल नडाल, सेरेना विलियम्स, मारिया शारापोवा, नोवाक जोकोविच, नाओमी ओसाका, निक किर्गियोस और स्टेफानोस सितसिपास जैसे बड़े खिलाड़ी शामिल होंगे।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
Australia Open 2020, Bushfires In Australia Updates: Australian Open tennis Grand Slam Matches Affected by Bushfires


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2uBnjJn
via

easysaran.wordpress.com

from देश | दैनिक भास्कर https://ift.tt/eB2Wr7f via