Saturday, March 14, 2020

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ताइपे.चीन के पड़ोसी देश ताइवान ने कोरोनावायरस से बचाव के लिए ऐसे कदम उठाए, जिनसे दुनिया सीख ले सकती है। चीन के वुहान शहर से कोरोनावायरस फैला था। यहां से ताइवान केवल 130 किमी दूर है। जब वुहान में कोरोनावायरस फैला, तब कई लोग चीन से लूनर न्यू ईयर मनाकर ताइवान लौटे थे। उसी दौर में रोज चीन से 2 हजार पर्यटक ताइवान आ रहे थे। इसके बावजूद ताइवान में अब तक सिर्फ 50 मामले सामने आए हैं। इनमें से एक की मौत हुई है। ताइवान की आबादी 2.30 करोड़ है।

इन उपायों से हुए सफल

  • चीन ने 31 दिसंबर को बताया कि वुहान में निमोनिया मरीज बढ़ रहे हैं। इस पर ताइवान ने एयरपोर्ट पर यात्रियों की गहन जांच शुरू कर दी। अस्पतालों में इलाज की पूरी व्यवस्था की। ताइवान ने 2003 के सार्स संक्रमण से सबक लिया था।
  • ताइवान में पहला केस 21 जनवरी को आया तो 124 एक्शन टीम तैनात की गईं। चीन से यात्रियों के आने पर रोक लगाई। वुहान से आए उन लोगों पर 70 हजार रु. जुर्माना लगाया, जिन्होंने फ्लू को छुपाया।
  • मास्क का निर्यात रोका। टीवी, रेडियो चैनलों ने कोरोनावायरस से बचाव के हर घंटे संदेश जारी किए। सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाइजर रखे गए। स्कूलों में विद्यार्थियों को प्लास्टिक के डिवाइडर दिए गए, जिनके घेरे में बच्चे पढ़ते रहे।


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चीन के शंघाई शहर की बसों को अल्ट्रावाॅयलेट किरणों से संक्रमण मुक्त किया जा रहा है।


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नई दिल्ली.चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान से फैले कोरोना वायरस या कोविड-19 से पीड़ितों की संख्या हर दिन बढ़ रही है। अब तक सौ से अधिक देशों में इस वायरस से संक्रमित लोग पाए जा चुके हैं। इस बीमारी के पहली बार सार्वजनिक होने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) को इसे महामारी घोषित करने में 72 दिन का समय लगा। हालांकि, इस अवधि में इस बीमारी की चपेट में आने वाले 13 गुना हो गए और प्रभावित देशों की संख्या तीन गुना हो गई। अकेले चीन मेंइस बीमारी से करीब चार हजार लोगों की मौत हो गई है। चीन के बाहर सर्वाधिक लोगों की मौत इटली में हुई है। वहां पर शुक्रवार को 250 लोगों की मौत के बाद यह आंकड़ा 1200 के पार पहुंच गया है।

इससे पहले 2009 में स्वाइन फ्लू को डब्लूएचओ ने महामारी घोषित किया था। भारत में 97 लोगों के इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। दो लोगों की मौत भी इससे हुई है। पूरे देश में आइसोलेशन वार्ड बनाकर इससे निपटने की तैयारी की गई है। 12 राज्यों में स्कूल व कॉलेजों को भी बंद कर दिया गया है। लोगों को अधिक भीड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह दी गई है। कई शहरों में सिनेमाहॉल भी बंद कर दिए गए हैं।


इटली में एक ही दिन में 250 मौतों के बाद डब्ल्यूएचओ ने यूरोप को कोविड-19 वायरस का मूल केंद्र घोषित कर दिया है। इस महामारी के दुनिया भर में बेलगाम होने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो से लेकर ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस, ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री पीटर डटन और हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स व उनकी पत्नी रीटा तक इसकी चपेट में हैं।

दुनिया भर में आयोजित किए जा रहे लगभग सभी बड़े आयोजन या तो टाले जा रहे हैं या फिर उन्हें निरस्त किया जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने इससे निपटने के लिए देश में आपातकाल घोषित कर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक 119 देशों में कोरोना वायरस के पुष्ट केस मिल चुके हैं। इससे सर्वाधिक प्रभावित दुनिया के 10 देशों में 6 यूरोप के और दो देश एशिया के हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को महामारी क्यों घोषित किया?
चीन ने 31 दिसंबर को कोरोना वायरस के प्रकोप की घोषणा की और 30 जनवरी 2020 को जन स्वास्थ्य आपातकाल लागू कर दिया। डब्ल्यूएचओ ने इसे पैनडेमिक घोषित करने के लिए 72 दिन तक इंतजार किया। इस दौरान यह प्रकोप अधिकांश चीन तक ही सीमित था। ऐसा चीन द्वारा कड़े उपाय करने के चलते हुआ, लेकिन पिछले दो सप्ताह में चीन के बाहर कोरोना वायरस से पीड़ितों की संख्या 13 गुना और इससे पीड़ित देशाें की संख्या तीन गुना बढ़ गई। उदाहरण के लिए 29 फरवरी तक इटली में पीड़ितों की संख्या 888 थी जो कि एक सप्ताह में ही बढ़कर 4636 पर पहुंच गई।

यूं तो महामारी का बड़ा उदाहरण साल 1918 से 1920 तक फैला स्पैनिश फ्लू है। इससे कई देशों में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए थे। अनुमान के मुताबिक 2 से 5 करोड़ लोगों की मौत दुनिया भर हो गई थी। डब्ल्यूएचओ द्वारा कोरोना वायरस को महामारी घोषित किए जाने के बाद लगभग सभी देशों को चार काम प्रमुख रूप से करने होंगे। विदेशों से आने वाले लोगों की स्कैनिंग करनी होगी। कोई भी व्यक्ति जो कोरोना वायरस पॉजटिव पाया जाता है उसे नोटीफाइ करना होगा। इसके साथ ही लोगों पर भी कुछ पाबंदियां लागू होंगी। कोरोना वायरस पीड़ित होने की आशंका होने पर किसी भी व्यक्ति को जांच कराने के लिए कहा जा सकता है इसके लोग मना नहीं कर सकते। संदिग्ध पाए जाने पर लोगों को निगरानी में रखा जा सकता है।

कोरोना डिक्शनरी-इस वायरस से जुड़े वो शब्द जो इस समय सबसे ज्यादा प्रयोग में हैं

  • पैनडेमिक यानी महामारी- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी को दो रूपों में माना है। वैश्विक महामारी यानी पैनडेमिक और क्षेत्रीय महामारी यानी एपिडेमिक। काेरोना काे पैनडेमिक माना गया है। छह महाद्वीपों और सौ से ज्यादा देशों में फैलने के बाद डब्ल्यूएचओ ने कोरोना काे महामारी घोषित किया है।
  • कोविड-19/कोरोना-कोरोना वायरस का तकनीकी नाम सार्स-सीओवी-2 है। इसके कारण होने वाली सांस की बीमारी को कोरोना वायरस डिजीज 2019 "यानी कोविड-19' नाम दिया गया है। CO rona VI rus D-isease 2019
  • सेल्फ क्वारंटाइन- सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार अगर आप इटली, चीन, ईरान और साउथ कोरिया जैसे उन देशों से आए हैं, जहां कोरोना तेजी से फैल रहा है। तो आपको 14 दिन अपने घर पर सेल्फ क्वारंटाइन के तौर पर गुजारने चाहिए। यानी खुद घर में रहकर, दूसरों से अलग हो जाना।
  • आर-नॉट-आर- नॉट या आरओ किसी वायरस की मूल प्रजनन संख्या होती है। इससे बीमारी या वायरस की गंभीरता का आकलन किया जाता है। अगर यह संख्या एक या उससे ज्यादा होती है, यानी संबंधित बीमारी से ग्रसित प्रत्येक व्यक्ति किसी एक को संक्रमित कर सकता है। लिहाजा बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
  • इंक्यूबेशन पीरियड-संक्रमित होने से लेकर लक्षणों के दिखने के समय को इंक्यूबेशन टाइम कहा गया है। कोरोना में यह समय 14 दिन का है। लेकिन कई मामलों में सिर्फ पांच दिनों में भी लक्षण सामने आए हैं। ऐसे में वायरस की तीव्रता भी अलग-अलग है।
  • फैटेलिटी रेट-यानी मृत्यु दर। डब्ल्यूएचओ के अनुसार कोरोना की फैटलिटी रेट 3.4 फीसदी है। हालांकि, 80 या इससे अधिक उम्र के मरीजों में 20 फीसदी तक मौतें हुई हैं। ईरान जैसे देश, जहां डॉक्टरी सुविधाएं अन्य देशों के मुकाबले थोड़ी कमतर हैं, वहां भी मौतें ज्यादा हो रही हैं।
  • सोशल डिस्टेंसिंग -कोरोना के फैलने का खतरा भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा है। इसी वजह से दुनियाभर में ऐसे आयोजन टाले जा रहे हैं, जहां भीड़ जुट सकती है। जैसे अमेरिका में राजनीतिक रैलियां रद्द की जा रही हैं। वहीं भारत में आईपीएल को स्थगित किया गया है। मैचों को टाला जा रहा है।

सेलेब्स. वे बड़े चेहरे जो बीमारी की चपेट में हैं...

  • ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस ने खुद उनके कोरोना पाॅजिटिव होने की पुष्टि की।
  • ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो का पहला कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।
  • गृह मंत्री पीटर डटन ने 13 मार्च को ट्वीट कर बताया की उनकी जांच रिपोर्ट पाॅजिटिव है।
  • ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर रहे अभिनेता टॉम हैंक्स ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
  • पीएम जस्टिन ट्रूडो की पत्नी सोफी ट्रूडो की भी कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

फैक्ट चेक. इस बीमारी से जुड़े वे भ्रम जिनकी हकीकत आपको पता होना चाहिए

  • भ्रम: फेसमास्क कारगर नहीं: सौ फीसदी सुरक्षा की गारंटी यह भले ही ना हो। लेकिन कुछ रिसर्च के अनुसार यह बिना मास्क की तुलना में पांच गुना सुरक्षा ज्यादा बढ़ा देता है। अगर आप किसी संक्रमित के साथ हैं तो यह आपका खतरा आधा कर देता है।
  • भ्रम: मौसमी बुखार से कम खतरनाक:इसके लक्षण मौसमी बुखार जैसे ही हैं, लेकिन इस बीमारी का पूरा प्रोफाइल और मृत्युदर इसे गंभीर बनाती है। यह माैसमी बुखार की तुलना में 10 गुना अधिक खतरनाक है। अनुमान है कि इससे हर साल 2.9 लाख से 6.5 लाख लोगों की मौत हो सकती है।
  • भ्रम: सिर्फ बुजुर्गों की ही मौत होती है:ऐसे लोग जिनका स्वास्थ्य ठीक है और वे बुजुर्ग नहीं हैं, उनमें अधिकतर कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार नहीं होंगे। लेकिन, इस बीमारी में सामान्य बुखार की तुलना में सांस की गंभीर दिक्कत हो सकती है। लेकिन, सबसे जरूरी है बीमारी को जल्द से जल्द पहचानना और आइसोलेशन में जाना, ताकि संक्रमण न फैले।
  • भ्रम: बीमार के साथ 10 मिनट से अधिक रहने पर ही होता है संक्रमण:कुछ अस्पतालों की गाइडलाइन कहती है कि संक्रमित व्यक्ति की छींक व खांसी के छह फीट के भीतर और 10 मिनट या उससे अधिक वहां पर रहने से संक्रमण हो सकता है। लेकिन, किसी संक्रमित सतह का स्पर्श होने से कम समय में भी संक्रमण हो सकता है।
  • भ्रम: वैक्सीन कुछ ही महीनाेंमें:चीनी रिसर्चरों द्वारा इस बीमारी के जेनेटिक स्वीक्वेंस को जल्द जारी किए जाने से इसकी वैक्सीन पर काम शुरू हो गया है। लेकिन, तमाम परीक्षणों और इसके दुष्प्रभावों के अध्ययन के बाद ही इसके व्यावसायिक निर्माण पर काम शुरू किया जा सकेगा।
  • भ्रम: गर्म या बहुत ठंडे इलाके मेें वायरस निष्क्रिय हो जाता है:इस वायरस का विस्तार गर्म व आर्द्र के साथ ही ठंडे इलाकों में देखा गया है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि गर्मी या बहुत ठंड में वायरस मर जाएगा। अभी इसके कोई पुख्ता प्रमाण नहीं हैं।
  • भ्रम: मच्छर के काटने से भी होता है:अभी तक इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि यह वायरस मच्छरों के काटने से भी फैल रहा है। इसके अलावा हैंड ड्रायर के इस्तेमाल से भी इसको नहीं रोका जा सकता, हाथों को बार-बार धोना व अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से ही इसे रोका जा सकता है।


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कोरोना को महामारी क्यों घोषित किए जाने के बाद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्कैनिंग की जा रही है।


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नई दिल्ली.केंद्र ने कोरोनावायरस को अधिसूचित आपदा घोषित किया है। सरकार ने पहले इसकी वजह से मौत होने पर 4 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की, लेकिन 52 मिनट बाद ही यह घोषणा वापस ले ली। गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि कोरोनावायरस के कार्यों के लिए राज्य आपदा राहत कोष से मदद लें। इसी बीच, 27 नए केस कन्फर्म होने के साथ ही देश में कोरोना पीड़ित 108 हो गए। इनमें से 10 ठीक हो चुके हैं। दो मौतें हुई हैं।

कोरोना से निपटने में भारत का ट्रैक रिकॉर्ड अमेरिका, चीन, इटली और दक्षिण कोरिया से बेहतर रहा है। 15 फरवरी को भारत में 3 मरीज थे, जबकि अमेरिका में 15 और इटली में 3 थे। एक महीने में भारत में 105 मरीज बढ़े और दो मौतें हुईं, जबकि इटली में इस दौरान 1,441 और अमेरिका में 50 मौतें हो चुकी हैं।


राष्ट्रीय आपदा क्यों नहीं?
एसडीआरएफ गाइडलाइंस में 12 तरह की राष्ट्रीय आपदा हैं। तूफान, सूखा, आग, बाढ़, सुनामी, ओलावृष्टि, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना, टिड्डी दल का हमला इनमें शामिल हैं। इसमें महामारी का जिक्र नहीं है। इसलिए कोरोना अलग से अधिसूचित किया है। राज्य सरकार एसडीआरएफ के सालाना आवंटन की 10% राशि इस आपदा पर खर्च सकती हैं।

रेलवे की सलाह

  • 3 दिनों में 55 कराेड़ रु. के 10 लाख टिकट कैंसिल हुए।
  • एसी कोच में कंबल नहीं मिलेंगे। रेलवे ने कहा कि घर से लाएं। सेकंड एसी से पर्दे भी हटाए जाएंगे।
  • बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के अनुसार अभी स्पष्ट नहीं है कि आईपीएल कब होगा। हालात नहीं सुधरे तो आईपीएल रद्द भी हो सकता है।
संक्रमण रोकने के लिए रेलने के सुरक्षा कदम उठाए।

कॉरपोरेट की पहल

  • इन्फोसिस ने ऐलान किया है कि वह 500-700 बिस्तर की क्षमता के अस्पताल के लिए ऑक्सीजन लाइन के लिए जरूरी नेटवर्क बिछाने में सिविल खर्चा उठाएगा।
  • फेसबुक ने 148 करोड़ रु. देने, अलीबाबा ने अमेरिका को 5 लाख कोरोनोवायरस टेस्ट किट और 10 लाख मास्क देने की घोषणा की।
  • गूगल कोरोनावायरस इंफॉरमेशन साइट बना रहा है, ताकि संक्रमण जांच की किट कहां उपलब्ध है, यह पता चल सके।


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ट्रेन के सेकंड एसी कोच से पर्दे भी हटाए जाएंगे- फाइल फोटो।


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नई दिल्ली.दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने नार्थ-ईस्ट इलाके में हुए दंगों के समय गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या मामले में शनिवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान फिरोज़, जावेद, गुलफ़ाम, शोएब और अनस के रूप में की गई है। इसके पहले 12 मार्च को पुलिस ने सुंदर नगर से मुख्य आरोपी मोमिन उर्फ सलमान को गिरफ्तार किया था। मोमिन से पूछताछ के बाद इन पांचों के नाम सामने आए थे। अंकित की हत्या के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था, ताहिर का नाम भी एफआईआर में दर्ज है।

चाकू सेकई बार किया था हमला, नाले में मिला था शव
आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा नार्थ-ईस्ट इलाके के खजूरी खास में परिवार के साथ रहते थे। दंगों के समय अंकित पर कई बार चाकू से हमला किया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी सुबह 8 बजे चांदबाग में नाले से मिला था। इसके बाद अंकित के पिता और भाई ने ताहिर पर हत्या का आरोप लगाया था। परिजन का आरोप है कि हिंसा के दौरान ताहिर के समर्थक अंकित को खींचकर ले गए और उनकी हत्या करने के बाद शव नाले में फेंक दिया था।

कॉन्स्टेबल रतनलाल की मौत मामले में भी सात गिरफ्तार
दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की भी मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर के उन्हें गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मोहम्मद दानिश गाजियाबाद का रहने वाला है, बाकी सभी 6 दिल्ली के चांद बाग में रहते हैं। इनमें सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद आयुब, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद सलीम खान हैं।

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा
पिछले माह 23 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के पीछे दिल्ली पुलिस ने बड़ी साजिश होने की बात कही थी। अभी तक इस मामले में करीब 900 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 2647 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की 40 टीमें कार्रवाई में जुटी हैं।



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अंकित शर्मा (फाइल फोटो)


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नई दिल्ली.दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने नार्थ-ईस्ट इलाके में हुए दंगों के समय गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा की हत्या मामले में शनिवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान फिरोज़, जावेद, गुलफ़ाम, शोएब और अनस के रूप में की गई है। इसके पहले 12 मार्च को पुलिस ने सुंदर नगर से मुख्य आरोपी मोमिन उर्फ सलमान को गिरफ्तार किया था। मोमिन से पूछताछ के बाद इन पांचों के नाम सामने आए थे। अंकित की हत्या के मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को भी गिरफ्तार किया था, ताहिर का नाम भी एफआईआर में दर्ज है।

चाकू सेकई बार किया था हमला, नाले में मिला था शव
आईबी कॉन्स्टेबल अंकित शर्मा नार्थ-ईस्ट इलाके के खजूरी खास में परिवार के साथ रहते थे। दंगों के समय अंकित पर कई बार चाकू से हमला किया गया था। अंकित का शव 26 फरवरी सुबह 8 बजे चांदबाग में नाले से मिला था। इसके बाद अंकित के पिता और भाई ने ताहिर पर हत्या का आरोप लगाया था। परिजन का आरोप है कि हिंसा के दौरान ताहिर के समर्थक अंकित को खींचकर ले गए और उनकी हत्या करने के बाद शव नाले में फेंक दिया था।

कॉन्स्टेबल रतनलाल की मौत मामले में भी सात गिरफ्तार
दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की भी मौत हुई थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर के उन्हें गिरफ्तार किया है। इनमें से एक मोहम्मद दानिश गाजियाबाद का रहने वाला है, बाकी सभी 6 दिल्ली के चांद बाग में रहते हैं। इनमें सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद आयुब, मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद सलीम खान हैं।

सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ था दंगा
पिछले माह 23 फरवरी को नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी और समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से पथराव होने लगे थे। दंगे में 53 लोगों की मौत हुई थी। हिंसा के पीछे दिल्ली पुलिस ने बड़ी साजिश होने की बात कही थी। अभी तक इस मामले में करीब 900 मामले दर्ज किए जा चुके हैं और 2647 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की 40 टीमें कार्रवाई में जुटी हैं।



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अंकित शर्मा (फाइल फोटो)


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नई दिल्ली. दिल्ली के कई इलाकों में शनिवार को भारी बारिश के साथ ओले गिरे। इससे कई सड़कों पर जलभराव हो गया। कई प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम हो गया। मौसम विभाग ने कहा है कि फिलहाल तापमान औसतसे थोड़ा ज्यादा 16.4 डिग्री सेल्सियस है। शनिवार सुबह 8.30 बजे ह्यूमिडिटी लेवल 88 फीसदी रिकार्ड किया गया।

मौसम विभाग ने पूर्वानुमानट्वीट किया - सेंट्रल दिल्ली के ऊपर काफी कम लेकिन मजबूत बादल छाए हुए हैं। इसकी वजह से अगले दो घंटे के दौरान औसत बारिश हो सकती है।मौसम विभाग ने ट्वीट किया - सेंट्रल दिल्ली के ऊपर काफी कम लेकिन मजबूत बादल छाए हुए हैं। इसकी वजह से अगले दो घंटे के दौरान औसत बारिश हो सकती है। शाम तकबादल छाए रहेंगे ।अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।

सोशल मीडिया पर पोस्ट की जा रही तस्वीरें

बारिश होने और ओले पड़ने के बाद लोग सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें पोस्ट कर रहे हैं। यूजर्स इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। ट्वीट पर तो दिल्ली बारिश का हैश टैग शनिवार को बारिश के कुछ ही घंटों बाद ट्रेंडिंग में नजर आने लगा। आम तौर पर इस मौसम में दिल्ली में बारिश नहीं होती।



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दिल्ली में पानी से भरी सड़क से स्कूटर निकालने की कोशिश करती एक महिला।


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भोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखने जा रहे हैं। उनसे वे बेंगलुरु में बंधक बनाए गए विधायकों को छुड़ाने की मांग करेंगे। साथ ही उन्हें बताएंगे कि प्रदेश में किस तरह चुनी हुई सरकार को असंवैधानिक औरअलोकतांत्रिक तरीके से गिराने की कोशिश की जा रही है।इस बारे में सीएम हाउस में मुख्यमंत्री एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। इसमें वरिष्ठ वकील और सांसद विवेक तन्खा और महाधिवक्ता शशांक शेखर मौजूद हैं। वे सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार को राज्यपाल से मिलकर भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) का आरोप लगा चुके हैं। उन्होंने अपनी चिट्ठी में साफ कहा था कि राज्यपाल गृह मंत्री अमित शाह से कहें कि बेंगलुरुमें बंधक विधायकों को छुड़ाएं। मुलाकात के बाद कमलनाथ ने ये भी कहा था कि वे फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं, लेकिन 22 विधायकों को बंधक बनाकर यह संभव नहीं है।

सीआरपीएफ की सुरक्षा को लेकर डीजीपी राज्यपाल से मिले
इधर, विधायकों के केंद्रीय सुरक्षा मांगने के मामले में डीजीपी विवेक जौहरीसुबह राज्यपाल लालजी टंडन से मिले। इसमें उन्होंने विधायकों द्वारा मांगी गईसुरक्षा के संबंध में चर्चा की। दरअसल, शुक्रवार को सिंधिया गुट के विधायकों ने स्पीकर को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने आग्रह कियाथा किभोपाल आने पर उन्हें सीआरपीएफ की सुरक्षा मुहैया कराई जाए। स्पीकर ने पत्र डीजीपी को भेज दिया था, लेकिन शुक्रवार को इस पर फैसला नहीं हो पाया और बाद में बेंगलुरुसे आ रहे विधायकों का भोपाल आना रद्दहो गया।



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मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने गए तो उन्होंने विक्ट्री साइन दिखाया था।


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