कोरोना संक्रमण से देश मेंमौतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शनिवार को अब तक10 मौतें हुई हैं।गुजरात में 7, राजस्थान में दो,महाराष्ट्र और आंध्रप्रदेश में एक-एकमरीज ने दम तोड़ा। इसके साथ मरने वालों का आंकड़ा 502हो गया है। शुक्रवार को देशमें 30मरीजों की जान गई थी।
शनिवार को हुईं मौतें
गुजरात:स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, शनिवार को 7 मौतें हुईं। इनमें अहमदाबाद मेंपांच,वडोदरा और सूरत में एक-एक मरीज ने दम तोड़ा।
आंध्रप्रदेश: राज्य के कृष्णा जिले में शनिवार को एक संक्रमित की मौत हो गई।
राजस्थान:राजस्थान के जयुपर में संक्रमण से शुक्रवार देर रात 76 साल का बुजुर्ग और 46 साल के व्यक्ति ने दम तोड़ा। दोनों जयपुर के रामगंज इलाके के रहने वाले थे। बुजुर्ग को किडनी समेत कई बीमारियां थीं। वहीं 47 साल के युवक को डायबिटीज की शिकायत थी। इसे मिलाकर राज्य में अब तक संक्रमण से 19 लोगों की जान जा चुकी है।
महाराष्ट्र: औरंगाबाद शहर में आज 65 साल की महिला की मौत हो गई। जिले में यह तीसरी मौत है। तीन दिन पहले इसकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
हरियाणा में लॉकडाउन के दूसरे चरण का तीसरा दिन है। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 211 पहुंच गई है। वहीं ठीक होने वालों के आंकड़े में भी इजाफा हुआ है। अभी तक 72 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। 20 अप्रैल को प्रदेश में गेहूं की खरीद शुरू होगी, इसके साथ-साथ जोन वाइज बांटे गए कुछ इलाकों में लॉकडाउन की छूट भी दी जाएगी। ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाना सरकार और पुलिस दोनों के लिए बड़ी चुनौती होगी। इस वजह से बड़े सीएम व मंत्रियों से लेकर आला अधिकारी तक इसकी रणनीति बनाने में जुटे हैं।
हरियाणा में जगह-जगह गेहूं की कटाई हो रही है। किसान फसल को घरों के अंदर ही स्टोर कर रहा है।
95 लाख टन गेहूं खरीदना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर रखने की चुनौती
हरियाणा सरकार को प्रदेश में करीब 95 लाख टन गेहूं खरीद का रोडमैप तैयार कर लिया है। 20 अप्रैल से प्रदेश के 1887 खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद होगी। किस किसान को किस दिन गेहूं लेकर आना है, यह रोडमैप बना लिया है। पंचायतों को भी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। वहीं, किसान अपील के बाद आगे आ रहे हैं और गेहूं को घरों में स्टोर कर रहे हैं। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सीए डॉ. जे गणेशन ने बताया कि 18 अप्रैल दोपहर बाद से उन किसानों को फोन के जरिए संदेश भेजे जाएंगे, जिनके गेहूं की पहले दिन खरीद होनी है। बताया जाएगा सुबह या दोपहर बाद आना है। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर करीब 6.7 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसीएस संजीव कौशल ने कहा कि खरीद केंद्रों पर तैनात अन्य विभागों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। कंटेनमेंट क्षेत्रों में फसल की खरीद थोड़े समय बाद होगी।
सरकार दो जोन में उद्योगो को छूट देने की कर रही तैयारी
केंद्र सरकार की ओर से 20 अप्रैल के बाद लॉकडाउन में दी जाने वाली छूट के लिए राज्य सरकार सीनियर अफसरों के साथ लगातार मंथन कर रही है कि कहां क्या छूट दी जाए। माना जा रहा है कि सरकार ने ग्रीन व ऑरेंज के साथ रेड जोन में भी इंडस्ट्री को शुरू करने के लिए हरी झंडी देने का मन बना लिया है। हालांकि कंटेनमेंट और बफर जोन में कोई गतिविधि नहीं शुरू की जाएगी। राज्य में 282 कंटेनमेंट-बफर जोन हैं।
रेड जोन में शामिल गुड़गांव, नूंह, पलवल और फरीदाबाद में ही 214 कंटेनमेंट जोन हैं। सरकार की ओर से रेड जोन में भी इंडस्ट्री शुरू करने के लिए केंद्र को लिखा गया है। राज्य के लिए राहत की बात यह है कि यहां कुछ ही इलाकों में कोरोना पॉजिटिव केस मिल रहे हैं, जबकि ठीक होने वालों का औसत 31% है। तीन जिलों में कोरोना का अब तक कोई केस सामने नहीं आया, जबकि 7 जिले कोरोनामुक्त हो चुके हैं। ऐसे में सरकार केंद्र की गाइड लाइन के अनुसार सभी जिलों को लेकर प्लानिंग कर रही है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऑरेंज और ग्रीन जोन में इंडस्ट्री को शुरू किया जाएगा। साथ ही रेड जोन के लिए भी केंद्र को लिखा गया है। रेड जोन में शामिल गुड़गांव और फरीदाबाद में ही सबसे ज्यादा इंडस्ट्री हैं। इसलिए रेड जोन में भी कुछ छूट देने की तैयारी में है। राज्य में छूट जिला स्तरीय कमेटियों की सिफारिश पर दी जाएगी।
हरियाणा में 15 अप्रैल से सरसों की खरीद चालू है, सरसों पूरे हरियाणा में खरीद के लिए नहीं आती। जबकि गेहूं की बंपर पैदावार होती है। ऐसे में गेहूं की खरीद सरकार के लिए चुनौती है।
211 पहुंचा हरियाणा में संक्रमित का आंकड़ा
राज्य में कुल संक्रमित का आंकड़ा 211 पहुंच गया। सबसे ज्यादा 56 मरीज नूंह के हैं। गुरुग्राम में 32, फरीदाबाद में 33, पलवल में 31, पंचकूला में 16, अम्बाला में 7, करनाल में 6, पानीपत में 5, सिरसा और सोनीपत में चार-चार, यमुनानगर में 3, कैथल, हिसार, जींद, भिवानी, कुरुक्षेत्र में 2-2 और चरखी दादरी, झज्जर, रोहतक और फतेहाबाद में एक-एक पॉजिटिव मरीज मिला है।
हरियाणा में अभी तक 124 जमाती संक्रमित
प्रदेश में मिले कुल संक्रमित में से जमातियों की संख्या 124 हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या नूंह जिले के हैं। यहां कुल 42 जमाती संक्रमित हैं। इसके अलावा पलवल में 29, फरीदाबाद में 17, गुरुग्राम में 15, अम्बाला में 5, पंचकूला में 6, यमुनागर में तीन, भिवानी में 2, कैथल, जींद, चरखी दादरी, फतेहाबाद और सोनीपत में एक-एक मरीज संक्रमित मिला है। यह सभी मरकज से लौटे थे। जिन्हें अलग-अलग मस्जिदों व गांवों से पकड़ा गया है।
विदेश और दूसरे राज्यों से आए लोगों की ये है संख्या
हरियाणा में मिले कुल संक्रमित मरीजों में 10 विदेशी और 64 बाहरी राज्यों के हैं। ज्यादातर मरकज से लौटे हैं। इनमें श्रीलंका से 6, नेपाल, थाइलैंड, इंडोनेशिया व साउथ अफ्रीका का एक-एक नागरिक शामिल है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के 11, हिमाचल प्रदेश के 10, तमिलनाडु के 7, पचिश्म बंगाल के 4, केरल के 5, बिहार के 8, तेलंगाना के 2, आंध्र प्रदेश से 2, महाराष्ट्र के 6, जम्मू के 3, मध्यप्रदेश के 2 और पंजाब, कर्नाटक, चेन्नई, असम का एक-एक नागरिक संक्रमित है।
ठीक होने वालों की जिलेवार ये है स्थिति
हरियाणा में अब कुल 72 मरीज ठीक हो गए हैं। इसमें गुरुग्राम में 17, फरीदाबाद में 13, पलवल में 11, करनाल में 5, पानीपत, सिरसा, नूंह में चार, यमुनानगर में तीन, पंचकूला, भिवानी, अम्बाला में दो-दो मरीज ठीक हुए हैं। इसके अलावा चरखी दादरी, हिसार, जींद, फतेहाबाद, सोनीपत में एक-एक मरीज ठीक हुआ है।
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राजधानी केशाहपुरा इलाके में शुक्रवार की रातदृष्टिहीनमहिला बैंकमैनेजर से अज्ञात व्यक्ति ने बलात्कार किया।आरोपीबालकनी के रास्ते घर में घुसा था।घटना के बाद मुख्य द्वार से भाग गया। पीड़ित महिला और उनके पड़ोसियों के दरवाजे बाहर से बंद कर गया। शनिवार सुबह पुलिस ने दरवाजे खोले। पीड़ित घर में अकेली थी। परिवार के सदस्य राजस्थान गए थे। लॉकडाउन की वजह से भोपाल नहीं लौट पाए।
एसडीओपी अनिल त्रिपाठी के मुताबिक,53 साल की दृष्टिहीनमहिला बैंक मैनेजर हैं। वे अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर रहती हैं। महिला ने पुलिस को बताया कि उनके पति 3 मार्च को अपने पैतृक घर राजस्थान गए थे जो लाॅकडाउन के कारण वहीं फंस गए हैं। गुरुवार की रात गर्मी के कारण नींद नहीं आ रही थी, इसलिए बालकनी का दरवाजा खोल रखा था। लगभग चार बजे अचानक से एक व्यक्ति बालकनी के रास्ते घर में घुस आया। उसने जान से मारने की धमकी देकर ज्यादती की और भाग गया।
घर के दरवाजे बंद होने से कोई मदद नहीं कर पाया
घटना के बाद महिला नेजब दरवाजा खोलने की कोशिश की तो बदमाश उसे बाहर से बंद कर गया था। पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया, लेकिन उनके दरवाजे भी बाहर से बंद थे। इसके बाद पड़ोसी ने डायल-100 को फोन किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजे खोले। एसडीओपी त्रिपाठी का कहना है कि महिला ने तीन साल पहले शादी की है, पति भी दृष्टिहीनहैं। महिला खुद ही घर का सारा काम करती हैं। साथ ही बैंक भी खुद आना-जाना करती हैं। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
(मनीष पुरोहित)।राजसमंद जिले में वन कर्मचारी एक नन्हें तेंदुआ शावक का पिछले कुछ दिनों से ध्यान रख रहे हैं। कोरोना के इस दौर में वे पीपीई किट पहने कर एक माह के इस शावक को बकरी का दूध पिला रहे हैँ। दरअसल टांटोल ग्राम पंचायत की निचली भागल में खंडहर हो चुके एक मकान में मादा तेंदुए ने करीब एक माह पहले तीन शावकों को जन्म दिया था। मां अपने दो बच्चों को ले जा चुकी है, लेकिन तीसरे को लेने अभी तक नहीं आई है। वन विभाग ने खंडहर में ट्रैप कैमरा लगाया हुआ है।
इस मकान में मादा तेंदए ने बच्चों को जन्म दिया।
वन विभाग ने उदयपुर बायोलोजिकल पार्क से एक केयरटेकर को विशेष तौर पर बुलाया है। वह उसे बोतल से फीड करा रहा है। शावक की सेहत ठीक है। मां अपने इस तीसरे बच्चे क्यों नहीं लेने आई यह स्पष्ट नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि मां ने कोई नया ठिकाना बनाया है और उसमें वह अपने दो बच्चों पर ध्यान दे रही है। मां एक रात में एक शावक को शिफ्ट कर पाई इससे यह स्पष्ट है कि उसका नया ठिकाना काफी दूर है। वन विभाग को दो शावकों का जेंडर पता नहीं, लेकिन तीसी शावक मादा है। वन विभाग की टीम पिछले सात दिनों से यहां डेरा डाले हुए है।
ऐसे पता चला
टांटोल ग्राम पंचायत की निचली भागल में खंडहर हो चुके एक मकान में 13 अप्रैल को मादा तेंदुए के तीन शावक होने की सूचना पर लोग इकट्ठे हो गए। तब मां वहां नहीं थी। खेम सिंह पुत्र लाल सिंह के खंडहर हो चुके मकान में मादा तेंदुए को शाम को घर मे जाते पड़ोसियों ने देखा था। इस पर पड़ोसियों ने खेम सिंह को जानकारी दी थी। अगले दिन खेम सिंह, प्रेम सिंह, बालू सिंह, किशन सिंह, अंबाव सिंह वहां गए तो कमरे में तीन शावक मिले।
मकान में मिले तीन शावक।
मौके से मकान मालिक ने वनविभाग को सूचना दी। एएसआई राम सिंह मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। वनपाल राजेश मेहता, वनपाल रतन लाल, सहायक वनपाल लोकेंद्र सिंह, वनरक्षक नंद लाल, शंभूलाल मौके पर आए। सहायक वन सरक्षक राजसमंद विनोद कुमार रॉय, रेंजर इस्माइल शेख भी पहुंचे।
तेंदुए 14 अप्रैल को रात 8 बजकर 48 मिनट पर आई और एक शावक को शिफ्ट किया। वन विभाग की टीम ने सोमवार को तेंदुए के शावकों को उनके स्थान पर सुरक्षित कर तेंदुए के घर में आने-जाने के रास्ते, मूवमेंट वाली जगह को चिन्हित किया। घर के मेन गेट के सामने सोमवार शाम को ट्रैप कैमरा लगवाया। मादा तेंदुए ने पीछे के रास्ते से घर में घुस कर एक शावक को मुंह में दबाकर बाहर निकल गई। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया। इसके बाद वह 15 अप्रैल को आई और दूसरे बच्चें को ले गई लेकिन तीसरे को अभी तक नहीं ले गई है।
राजस्थान में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को भी 41 नए पॉजिटिव केस सामने आए। जिसमें भरतपुर में 27, कोटा में 5, अजमेर, जोधपुर और जयपुर में 2-2 संक्रमित मिले। साथ ही बांसवाड़ा, नागौर और जैसलमेर में एक-एक रोगी सामने आया। जिसके बाद कुल संक्रमितों का आंकड़ा 1270 पहुंच गया। वहीं दो लोगों की मौत भी हो गई। जिसें एक 76 साल बुजुर्ग की एसएमएस अस्पताल में मौत हो गई। इन्हे किडनी समेत कई और बीमारियां भी थीं। जिन्हे 10 मार्च को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहीं 12 मार्च को इनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके साथ एक 47 साल युवक की भी मौत हो गई। जिसे डायबिटीज की शिकायत थी। इन्हे 13 मार्च को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। जिसके बाद 15 मार्च को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
चूरू में शुक्रवार को आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट शनिवार को निगेटिव आई है। जिला कलेक्टर संदेश नायक ने दी जानकारी दी की चूरू जिले के खासोली गांव में 35 वर्षीय युवक कोरोना संदिग्ध होने के चलते आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में लिखा था उसे कोरोना रोगी होने का शक है, इसलिए फांसी लगाकर आत्महत्या कर रहा है। उसके परिवार को परेशान नहीं किया जाए। जिसके सैंपल जांच के लिए बीकानेर भेजे गए थे। जो निगेटिव पाए गए।
झुंझुनू में सड़क पर पड़े दिखे 500 और 200 के नोट, कोरोना फैलाने की अफवाह
झुंझुनू में सड़क पर 500, 200 और 10 रुपए के नोट पड़े मिलने से लोग परेशान हो गए। शहर में नोटों के जरिए कोरोना फैलाने की अफवाह फैल गई। राहगीरों की सुचानी पर एसडीएम सुरेंद्र यादव ने इन नोटों को जब्त करवाया। वहीं पुलिस भी मौके पर पहुंची। जिसके बाद सीसीटीवी की मदद से मामले की जांच की जा रही है।
संदिग्ध ने फिर एसएमएस से भागने की कोशिश की
जयपुर के एसएमएस अस्पताल से एक बार फिर कोरोना संदिग्ध ने भागने की कोशिश की। जो चरक भवन की पहली मंजिल से कूदकर बरामदे मे आ गया। जिसके बाद अस्पताल स्टाफ ने उसे पकड़कर फिर वार्ड में पहुंचाया। ये वही संदिग्ध है जो तीन दिन पहले भी खिड़की से कूदकर टीन शेड पर बैठ गया था।
जयपुर के शास्त्रीनगर में भीड़ जुटने पर पुलिस ने लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई।
भीलवाड़ा में अब एक भी संक्रमित मरीज नहीं
राजस्थान में कोरोना का एपिसेंटर रहे भीलवाड़ा से शुक्रवार को राहत भरी खबर आई है। यहां मिले सभी कोरोना संक्रमित ठीक हो गए हैं। शुक्रवार को हॉस्पिटल में इलाज करा रहे आखिरी मरीज को भी डिस्चार्ज कर दिया गया है।भीलवाड़ा में अब तक कोरोना संक्रमण के 28 केस सामने आए थे, इसमें26 ठीक हो गए। जबकि दो की मौत हो गई थी।
भीलवाड़ा में ट्रैक्टर के पीछे लगी स्प्रेयर मशीन से किया जा रहा सैनिटाइजेशन।
जयपुर में 11 कोरोना वॉरियर्स भी संक्रमित
जयपुर में अब तक 498 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें एक डॉक्टर, 5 पुलिसकर्मी, 2 एएनएम, 2 नर्स और 1 वार्ड बॉय संक्रमित हो चुका है। इसमें सबसे ज्यादा रामंगज में 343 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं।
जोधपुर में 2 नए पॉजिटिव मिले
जोधपुर में भी आज 2 नए पॉजिटिव केस मिले। जिसके बाद यहां कुल संक्रमितों की संख्या 156 पहुंच गई है। आज मिले संक्रमितों में एक रेजिडेंट डॉक्टर व होमगार्ड का एक जवान भी शामिल है। इससे पहले शुक्रवार को 20 नए मरीज मिले थे।
राज्य के 33 जिलों में से अब तक कोरोना 25 तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा जयपुर में 498(2 इटली के नागरिक) पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा जोधपुर में 202(इसमें 46ईरान से आए), कोटा में 97, टोंक में 93,भरतपुर में 70, बांसवाड़ा में 60, जैसलमेर में 45(इसमें 14 ईरान से आए), बीकानेर में 35, झुंझुनूं में 36और भीलवाड़ा में 28 मरीज मिले हैं। उधर, झालावाड़ में 18,अजमेर में 17,नागौर में15, चूरू में 14, दौसा में 13, अलवर में 7, डूंगरपुर में 5, उदयपुर में 4, करौली में 3, हनुमानगढ़, प्रतापगढ़, सीकर और पाली में 2-2, जबकि बाड़मेर और धौलपुर में 1-1 व्यक्ति को इस बीमारी ने अपनी चपेट में लिया है।
जयपुर परकोटे में लगा मेडिकल कैंप।
राजस्थान में कोरोना से अब तक 19लोगों की मौत हुई। इसमें सबसे ज्यादा 9मौतें जयपुर में हुई। वहीं, जोधपुर, भीलवाड़ा और कोटा में दो-दो की जान जा चुकी है। इसके अलावा बीकानेर और टोंक में एक-एक की मौत हुई है। इनमें एक 13 साल की बच्ची है बाकी सभी मृतकों की उम्र 50 साल से अधिक थी।
रैपिड टेस्टिंग किट से कोरोना की जांच करने वाला पहला प्रदेश बना राजस्थान
देश में राजस्थान रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए कोराना की जांच करने वाला पहला प्रदेश बन गया है। शुक्रवार कोपहले दिन जयपुर में 52 लोगों का सैंपल लिया गया। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई हैं।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना के लिए रैपिड टेस्ट पूरी तरह सेसटीक नहीं है। हालांकि, इसमें पॉजिटिवमिलने वाले व्यक्ति कोतुरंत आइसोलेट कर उसकी जांच कराई जाएगी, ताकिवह संक्रमण ना फैला ना सके।
देश में राजस्थान रैपिड टेस्टिंग किट के जरिए कोराना की जांच करने वाला पहला प्रदेश बन गया है। शुक्रवार को जयपुर में 52 लोगों का सैंपल लिया गया। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई।
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कोरोनावायरस के कारण दुनियाभर में करीब दो-तिहाई (62%) विमानों का संचालन नहीं हो रहा है। ये विमान हवाईपट्टी से लेकर स्टोरेज तक मेंखड़े कर दिए गए हैं। उद्योग से जुड़ासर्वेक्षण करने वाली एक कंपनी सीरियम के मुताबिक, दुनियाभर में 16,000 से ज्यादा विमान इस समय जमीन पर खड़े हैं। ऐसे में विमानन कंपनियां इनके लिए सही जगह और परिस्थिति तलाश करने से लेकर उन्हें उड़ान के लायक बनाए रखने के लिए जद्दोजहद कर रही हैं।
सिर्फ धूल-गर्द हटाकर ही आप विमानों को उड़ा नहीं सकते
विमानों को लंबे समय तक खड़े रखने के बाद आप सिर्फ इसके धूल-गर्द हटाकर उड़ा नहीं सकते। आपको हाइड्रोलिक्स मेंटेन करना पड़ता है। कीड़ों-मकोड़ों और जंगली जीवों से बचाने के लिए फ्लाइट-कंट्र्रोल सिस्टम्स की देख-रेख करनी होती है। चिड़ियां विमान में के इंजनों में अपने घोंसले बना सकती हैं। नमी से विमान के कंपोनेंट्स में जंग लग सकताहै।
जमीन पर खड़े विमान में तेल भरकर रखना पड़ता है
हवाईपट्टी पर खड़े रखने पर भी विमानों में तेल भरकर रखना पड़ता है, ताकि वह बहती हवा में डगमगाएं नहींऔर टैंक लुब्रिकेटेड रहे। नई दिल्ली की विमान रिपेयर एवं मेंटेनेंस कंपनी एयर वर्क्स के सीईओ आनंद भास्कर ने कहा कि किसी ने भी कल्पना नहीं कि थीकि इतना कुछ करना पड़ेगा। पार्किंग एक बड़ी समस्या है।
From enhanced maintenance to a complete refresh of our cabin interiors, discover what we're doing to get our aircraft ready to soar again. pic.twitter.com/P0YdO2q9yO
2.5 करोड़ लोगों की नौकरी खतरे में
विमानन उद्योग पहले से ही संकट में था। अब इनके लिए स्टोरेज का प्रबंधन करने की भी एक समस्या आ गई है। इंटरनेशनल एयर ट्र्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि विमानों का परिचालन नहीं हो पाने के कारण 2.5 करोड़ लोगों की नौकरी खतरे में है।
ऑस्ट्रेलिया के वीरान इलाके से लेकर अमेरिका के मोजेव रेगिस्तान तक में जगह तलाश रहीं कंपनियां
विमानन कंपनियां विमानों के स्टोरेज के लिए ऑस्ट्रेलिया के वीरान इलाकों से लेकर अमेरिका के मोजेव रेगिस्तान तक में जगह तलाश रही हैं। एम्सटर्डम एयरपोर्ट सीफोल के गेट और हवाईपट्टी पर केएलएम समूह के 200 से ज्यादा विमान खड़े हैं। उनके बीच इतनी जगह भी छोड़ कर रखी गई है, ताकि उन्हें खींचकर मेंटेनेंस के लिए ले जाया जा सके। केएलएम की कम्युनिटी मैनेजर एनेमिक कोर्नेल्जी ने कहा कि विमानों को कैसे ठीक तरह से रखा जाए, यह एक मुसीबत है। उन्होंने बताया कि सीफोल एयरपोर्ट विमानों को खड़े करने का शुल्क नहीं ले रहा है।
भारत में बड़े विमानों का पार्किंग शुल्क 1,000 डॉलर रोजाना
विमानों को खड़े करने का शुल्क हर एयरपोर्ट पर अलग-अलग होता है। दुबई की मार्टिन कंसल्टिंग एलएलसी के संस्थापक मार्क मार्टिन ने कहा कि भारत में बड़े विमान के लिए सिर्फ पार्किंग शुल्क 1,000डॉलर हो सकता है। यदि किसी कंपनी के पास 250 विमान हैं, तो छह महीने का पार्किंग शुल्क भारी छूट के बाद भी 1.25 करोड़ डॉलर से ज्यादा हो सकता है। इसमें मेंटेनेंस का खर्च शामिल नहीं है। मौजूदा स्थिति में यदि पार्किंग शुल्क को कम न किया जाए, तो यह विमानन कंपनियों कमर तोड़ सकताहै।
विमानन उद्योग में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं आई
अबुधाबी की एतिहाद एयरवेज पीजेएससी ने कहा कि उसके इंजीनियर जमीन पर खड़े विमानों के मेंटेनेंस के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मेंटेनेंस के तहत विमानों के इंजन को चालू किया जाता है और पूरे सिस्टम को सक्रिय किया जाता है। फ्लाइट कंट्रोल की जांच की जाती है। सेंसर्स और इंजन को ढका जाता है, ताकि अंदर की प्रणाली को धूल व गर्द से बचाया जा सके। प्रत्येक पाली में करीब 200 कर्मचारी हैंगर में खड़े विमानों के केबिन की सफाई करते हैं। वे सीट का कवर बदलने से लेकर कार्पेट की शैंपू से सफाई तक का काम करते हैं। एतिहाद के टेक्निकल ऑपरेशन के प्रमुख गैरी बर्नी ने कहा कि मैंने अपने पूरे विमानन करियर में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी।
टायरों और पहियों का भी रखना होता है ध्यान
जमीन पर खड़े विमानों के टायर का भी ध्यान रखना होता है। हर एक या दो सप्ताह में विमानों के पहियों को घुमाना पड़ता है। लैंडिंग गियर को जंग से बचाने के लिए उनमें हाइड्रोलिक फ्लूड डालना पड़ता है। इंजन को सूखा रखने के लिए उनमें बड़े-बड़े सिलिका मॉइस्चर एब्जॉर्प्शनसैशे डालने पड़ते हैं। फ्यूजलेज के सभी बाहरी छिद्रों को ढकना पड़ता है, ताकि उसमें कीड़े प्रवेश न कर पाएं और चिड़िया अपना घोंसला न बना ले।
Benny from Ground Crew sellotaped my phone down yesterday, the little tinker. Now, we wait... pic.twitter.com/GI29fz9lHo
ऑस्ट्रेलिया की जलवायु विमानों के स्टोरेज के लिए उपयुक्त
ऑस्ट्रेलिया की कंटास एयरलाइंस ने कहा कि उसके 200 से ज्यादा विमान ऑस्ट्रेलिया के अलग-अलग एयरपोर्ट पर खड़े हैं। ऑस्ट्रेलिया की सूखी जलवायु विमानों के स्टोरेज के लिए काफी उपयुक्त है। ऑस्ट्रेलिया में एशिया के मुकाबले तूफान भी कम आते हैं। उत्तरी ऑस्ट्र्रेलिया के शहर एलिस स्प्रिंग्स के निकट एशिया पैसिफिक एयरक्राफ्ट स्टोरेज पीटीवाई में सिंगापुर एयरलाइंस और फिजि एयरवेज जैसी कंपनियों के विमान खड़े किए गए हैं। स्टोरेज कंपनी के प्रबंध निदेशक टॉम विंसेंट के मुताबिक कंपनी 100 और विमानों के स्टोरेज की जगह बना रही है।
कोरोनावायरस के कारण एशिया-प्रशांत के विमानन बाजार का विकास रुका
एशिया प्रशांत क्षेत्र में विमानन बाजार का तेजी से विकास हो रहा था। इंडोनेशिया, वियतनाम, मलेशिया, भारत जैसे देशों की कई किफायती विमानन कंपनियां हजारों विमानों के ऑर्डर दे रही थीं। कोरोनावायरस के कारण इस बाजार का विस्तार थम गया है। इससे बोइंग व एयरबस जैसी विमान निर्माता कंपनियों के ऑर्डर बुक भी प्रभावित हुए हैं।
14 दिनों में एक बार खड़े विमान की बैटरीज को रीकनेक्ट किया जाता है
फिनएयर ऑयज ने अपने विमान हेलसिंकी हब पर रखे हुए हैं। फिनलैंड के टैंपीयर व रोवानेमी एयरपोर्ट पर भी विमानों को रखने कंपनी के पास जगह उपलब्ध हैं। विमानन कंपननी ने अपने वेबसाइट पर कहा कि इन विमानों में हर 14 दिनों पर एयरक्राफ्ट की बैटरीज को फिर से जोड़ा जाता है। महीने में एक बार गहन जांच की जाती है। इसके तहत सुरक्षा आवरण हटाया जाता है। इंजन चालू किया जाता है। एयरकंडीशनिंग और एंटी आइस सिस्टम का परीक्षण किया जाता है।
नई दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर हवाईपट्टी को स्टोरेज में तब्दील कर दिया गया है
नई दिल्ली जैसे अधिक विमान वाले एयरपोर्ट पर पार्किंग के अलग से इंतजाम नहीं हैं। यहां सीफॉल की तरह हवाईपट्टी को ही एयरक्राफ्ट स्टोरेज में तब्दील कर दिया गया है। गो एयरलाइंस इंडिया लिमिटेड के पूर्व स्टोरेज प्रमुख सत्येंद्र पांडे ने कहा कि विमान को खड़े रखने से उसकी उड़ान की योग्यता प्रभावित होती है। सूखे और गर्म जलवायु वाली जगह विमानों के स्टोरेज के लिए उपयुक्त होती है। इस मुद्दे पर फिर से काम करना होगा, क्योंकि मौजूदा हालत में पूरी दुनिया में विमान जमीन पर खड़े हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से कोरोना से हुई मौतों को लेकर किए गए चीन के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चीन ने कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या दोगुनी की है। यह काफी ज्यादा है, अमेरिका के आंकड़ों के करीब तक नहीं है। उनके यहां मौतों का सिलसिला नहीं थम रहा।ट्रम्प ने वुहान में हुई मौतों को लेकर जारी ताजा आंकड़ोंको लेकर यह बात कही। चीन ने शुक्रवार को कोरोना की जानकारियों छिपाने के आरोपों के बीच वुहान में मरने वालों की नई सूची जारी की थी। मरने वालों का आंकड़ा50% बढ़ाते हुए 1290 मौतें और जोड़ी थीं।
इससे पहले 2 अप्रैल को भी ट्रम्प ने चीन में हुई मौतों की संख्या सटीक होने पर संदेह जाहिर किया था। ब्रिटेन और फ्रांस ने भीसंक्रमण से हुई मौतों पर चीन के दावों पर सवाल किए थे। वहीं,ट्रम्प ने अपने कई राज्यों से कोरोना को लेकर लगाई गई पाबंदियां हटाने की भी घोषणा की है। इसेलेकर कई राज्यों के गवर्नर से उनके मतभेद भी सामने आए हैं।
शनिवार तड़के हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कोरोना से प्रभावित देश के किसानों के लिए 19 बिलियन डॉलर ( करीब 1 लाख 18 हजार करोड़ रुपए) के राहत पैकेज का ऐलान किया। ट्रम्प प्रशासन की ओर से यह राहत की रकम सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके साथ ही सरकार किसानों से उनके डेयरी और मीट उत्पाद खरीदेगी, जिसे फूड बैंक की मदद से लोगों में बांटा जाएगा। तीन राज्यों में पाबंदियों में राहत देने की मांग तेज
तीन राज्यों मिशिगन, मिनेसोटा और वर्जीनिया में लोग पाबंदियों में राहत देने की मांग कर रहे हैं। अमेरिकी संविधान के मुताबिक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मसलों पर राज्यों के गवर्नर ही फैसला लेंगे। ट्रम्प ने भी पहले के अपने भाषणों में यही कहा था। हालांकि तीनों राज्यों के गवर्नर ने इसके लिए कोई फैसला नहीं किया है। ऐसे में यहां के लोग गवर्नर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। मिशिगन में लोगों ने रास्ते जाम कर ट्रम्प के समर्थन में झंडे लहराए। वहीं, ट्रम्प ने ट्वीट कर इन तीनों राज्यों के लिए ‘लिबरेट’ शब्द का इस्तेमाल किया। टेक्सास और मिनेसोटा के कुछ व्यापारिक गतिविधियों को मंजूरी देने की योजना बनाने की बात भी सामने आई है। न्यूयॉर्क के गवर्नर क्यूमो से ट्रम्प नाराज
अमेरिका में न्यूयॉर्क कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां के गवर्नर एंड्रयूक्यूमो और ट्रम्प के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। क्यूमो ने शुक्रवार को कहा कि वे पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं हटा सकते। इससे पहले उन्होंने ट्रम्प सरकार पर भी मदद नहीं देने का आरोप लगाया था। इसके बाद ट्रम्प ने ट्वीट कर कहा कि हमने आपके लिए हजारों बेड बनाए, जिसकी आपकोजरूरत नहीं थीया आपने इस्तेमाल नहीं किया। काफी तादाद में वेंटिलेटर्स दिए। हमने आपको टेस्टिंग में भी मदद की, यह आपको करना चाहिए था। हमने न्यूयॉर्क को देश के किसी दूसरे राज्य से ज्यादा पैसा और इक्विपमेंट दिए। जिन महान लोगों ने इस समययोगदान दिया, वे कभी आपसेधन्यवाद तक नहीं सुन पाए। बातें कम और काम ज्यादा करें।