Sunday, March 15, 2020

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मुंबई. अमेरिकी बाजारों की तेजी और फेडरल बैंक की ब्याज दरों में कटौती भी सेंसेक्स को तेजी देने में नाकाम साबित हो रही है। कोरोनावायरस का संक्रमण बढ़ने के खौफ से भारतीय बाजारों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है।

9:32 AM: सेंसेक्स 1903.50 अंक गिरकर 32,199.98 पर पहुंचा। निफ्टी547.85 पॉइंट नीचे9,407.35 पर पहुंचा।

9:27 AM: सेंसेक्स1854.04 अंक लुढ़ककर32,249.44 पॉइंट पर आया। निफ्टी521.05 अंक नीचे गिरकर9,434.15 पॉइंट पर पहुंचा।
9:17 AM:शुक्रवार की तेजी के बाद सोमवार को सेंसेक्स में 1586.54अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 1586.54अंक नीचे 32,516.94 पॉइंट पर कारोबार कर रहा है। इसी तरह निफ्टी 436.75अंक गिरकर 9,587.80 अंकों पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी फेडरल बैंक ने ब्याज दरों में कटौती कर इसे जीरो पर ला दिया है। इसका असर बाजार पर देखने को मिलेगा।

न्यूजीलैंड के सेंट्रल बैंक ने भी ब्याज दरों में कटौती की है। इससे पहले, शुक्रवार को दुनिया भर के बाजारों में तेजी देखने को मिली थी। अमेरिकी बाजारों में डाउ जोंस 1985 अंक ऊपर 23,185.60 अंकों पर बंद हुआ था। इसी तरह नैस्डैक कंपोजिट 673 अंक ऊपर तो एसएंडपी 230 अंक ऊपर चढ़कर बंद हुआ था। एसएंडपी में 9.29% की तेजी रही थी।

शुक्रवार को सेंसेक्स में भारी उतार-चढ़ाव रहा था
शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी उतार-चढ़ाव का माहौल रहा था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स बाजार खुलते ही 2,534 अंक तक गिर गया था। ओपनिंग के 12 मिनट बाद ही लोअर सर्किट लगने के कारण ट्रेडिंग रोकनी पड़ी थी। दोबारा ट्रेडिंग शुरू होते ही सेंसेक्स 3600 अंक तक गिरा। बाद में यूएस फ्यूचर्स और सेबी के आश्वासन के बाद रिकवरी शुरू हुई। इतनी बड़ी गिरावट के बाद सेंसेक्स में 1700 अंकों तक की तेजी देखने मिली थी। यह सेंसेक्स के इतिहास की सबसे बड़ी इंट्राडे रिकवरी है। दिनभर के कारोबार में 5400 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। यह भी एक दिन में सेंसेक्स में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1325.34 अंक ऊपर चढ़कर 34,103.48 पॉइंट पर बंद हुआ था।



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शुक्रवार को दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स में 5400 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला था


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नई दिल्ली. कोविड-19 से ठीक हुए दिल्ली के पहले मरीज ने अपना अनुभव रिकॉर्ड कराया है। 45 साल के मरीज ने कोरोनवायरस के बचने के लिए लोगों को 14 दिन तक घर पर रहने की सलाह दी है। रविवार को कोरोनावायरस के संक्रमण से ठीक हुए दो मरीजों को अस्पताल से छुट्‌टी दी गई थी। इनमें एक ने अपना अनुभव लोगों के सामने शेयर किया है।

कारोबारी ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने बहुत ख्याल रखा। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज कराने वाले कारोबारी ने बताया, ‘‘पिछले दो हफ्तों तक मैंने यहां इलाज कराया। कोरोनावायरस से डरने की कोई जरूरत नहीं है। यह सामान्य फ्लू है। अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास पहुंचता है, तो इलाज के लिए हमारा हेल्थ बहुत अच्छा है। बेहतर उपकरणों के साथ यह दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। यहां आइसोलन वार्ड दो बाई दो के कमरे तक सीमित नहीं जहां सूरज की रोशनी भी न पहुंचती हो।

एक मार्च को टेस्ट पॉजिटिव आया था
कारोबारी ने बताया, ‘‘मैं 25 फरवरी को यूरोप से लौटा और मुझे अगले दिन बुखार आ गया। मैं एक डॉक्टर के पास गया। मुझे बताया गया कि गले का संक्रमण है। डॉक्टर ने मुझे तीन दिन तक दवा दी। मैं 28 तारीख को ठीक हो गया, लेकिन 29 फरवरी को मुझे फिर से बुखार आ गया। इसलिए मैं राम मनोहर लोहिया अस्पताल गया। एक मार्च को मेरा कोरोनावायरस टेस्ट पॉजिटिव आया। हालांकि डॉक्टरों ने मुझे उस समय नहीं बताया कि मैं कोरोनावायरस से संक्रमित हो गया हूं। अगले दिन में मुझे सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। डॉक्टरों ने मुझे बताया, आप स्वस्थ हैं और आपको सर्दी-खांसी है। यह थोड़ा समय लेगी और ठीक हो जाएगी। मैं एक डॉक्टर नहीं हूं, लेकिन यह साधारण सर्दी और खांसी से थोड़ा अलग था। मैं सफदरजंग के एक आइसोलेशन वार्ड में भर्ती था। इसे भारत सरकार ने कोरोनावायरस के लिए तैयार कराया था। यहां सुविधाएं बहुत अच्छी थीं। किसी निजी अस्पतालों से भी सबसे अच्छी। यहां मेरा एक प्राइवेट रूम था और बाथरूम भी।’’



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ठीक हुए व्यक्ति ने बताया कि मैं 25 फरवरी को यूरोप से लौटा और मुझे अगले दिन बुखार आ गया। फोटो प्रतीकात्मक


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भोपाल. मध्य प्रदेश विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। मुख्यमंत्री कमलनाथ पूरे ऑपरेशन की बागड़ोर अपने हाथ में लिए हैं। वे मैरिएट में ठहरे कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह सुबह 8 बजे से सीएम हाउस में मंत्रणा कर रहे हैं। सुबह 10 बजे तक मुख्यमंत्री के यहां से विधानसभा जाने की संभावना है।

सीएम हाउस के सुरक्षा कर्मी भी सरकार के संकट पर चिंतित
मुख्यमंत्री निवास के बाहर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम हैं। गेट के बाहर किसी को रुकने नहीं दिया जा रहा है। यहां तैनात सुरक्षा कर्मी भी सरकार के संकट से चिंतित देखे जा रहे हैं। ये लोग सरकार के भविष्य पर बात कर रहे हैं। एक सुरक्षा कर्मी ने बताया कि वे लोग 24 घंटे से ड्यूटी पर हैं। सिर्फ खाना खाने के लिए गए थे। सीएम हाउस में सुबह से हलचल नहीं है। कुछ खाली गाड़ियां अंदर जरूर गईं हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुछ मंत्री यहां रात से ही रुके हो सकते हैं।

विधानसभा की कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट नहीं, राज्यपाल नाराज
इससे पहले रविवार को जयपुर से कांग्रेस के विधायक भोपाल पहुंचे। देर रात मानेसर में ठहरे भाजपा विधायक भी पहुंच गए। अभी कांग्रेस के बागी 22 विधायक बेंगलुरु में हैं। इधर, रविवार शाम विधानसभा की कार्यसूची में केवल राज्यपाल के अभिभाषण और धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र किया गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने साफ किया है कि सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है, लेकिन पहले बेंगलुरु में बंधक विधायकों को रिहा किया जाए।

सरकार सभी विधायकों को बुलाने पर अड़ी

बताया जा रहा है कि कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं होने से राज्यपाल लालजी टंडन नाराज हैं। उन्होंने कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ को खत लिखा। इसमें विश्वास मत के दौरान हाथ उठाकर वोटिंग कराए जाने के लिए कहा। देर रात मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच मुलाकात भी हुई। सरकार सभी विधायकों को बुलाने पर अड़ी है।

भाजपा ने कहा- राज्यपाल के निर्देशों का उल्लंघन हुआ
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने रविवार रात राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने कहा- राज्‍यपाल ने विधानसभा अध्‍यक्ष और सरकार को निर्देश दिया था कि 16 मार्च को अभिभाषण के बाद फ्लोर टेस्‍ट करवाएं। लेकिन, सरकार की ओर से विधानसभा की कार्यसूची में केवल अभिभाषण को लिया गया। यह राज्‍यपाल के निर्देश का उल्‍लंघन और असंवैधानिक है। हमने विरोध के तौर पर ज्ञापन दिया है। राज्‍यपाल ने आश्‍वासन दिया है कि वे नियमों के तहत इस पर निर्णय लेंगे।

16 विधायकों ने फिर भेजे इस्तीफे
कांग्रेस के 16 विधायकों ने रविवार को दोबारा विधानसभा स्पीकर प्रजापति को अलग-अलग पत्र भेजकर उनके इस्तीफे स्वीकार करने की मांग की है। इसमें उन सभी ने अध्यक्ष के सामने प्रत्यक्ष उपस्थित होने में असमर्थता जताई है। इसके लिए उन्होंने वर्तमान में प्रदेश की खराब कानून-व्यवस्था और अनिश्चितता का वातावरण होने का हवाला दिया है। उन्होंने लिखा है कि जिस तरह आपने 6 विधायकों के इस्तीफे स्वीकृत किए हैं, उसी प्रकार हमारे भी स्वीकार करें।

स्पीकर ने कहा- "सोमवार को ही फ्लोर टेस्ट'' का सवाल काल्पनिक
विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट होगा या नहीं के सवाल को स्पीकर एनपी प्रजापति ने काल्पनिक बताया। रविवार को मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा- मुझे कब क्या निर्णय लेना है, यह पहले नहीं बता सकता। जब उनसे पूछा गया कि फ्लोर टेस्ट कब हो, यह राज्यपाल तय करेंगे या स्पीकर, तो उन्होंने कहा कि ये सोमवार को देखने को मिलेगा। इस्तीफा देने वाले विधायकों के गायब होने के बारे में उन्होंने कहा कि मैं सदन के सभी सदस्यों का संरक्षक हूं।



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सीएम हाउस के बाहर सुबह से सन्नाटा है।
सीएम हाउस परिसर में कुछ खाली गाड़ियां रखी हैं।


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भोपाल. मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार आज फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी या नहीं, इस पर असमंजस बना हुआ है। इस पर आखिरी फैसला विधानसभा अध्यक्ष एनपी. प्रजापति को लेना है। 11 से 15 मार्च तक जयपुर में ठहरे विधायक रविवार को भोपाल लौटे। इन्हें होटल मैरियट में ठहराया गया है। सोमवार सुबह करीब 9 बजे तक यह होटल में ही मौजूद थे। बाहर बस खड़ी है। इसी बस से विधायकों को विधानसभा ले जाने की संभावना है। होटल के बाहर से रिसेप्शन काउंटर पुलिस तैनात है।

होटल में जाने के लिए पहचान पत्र जरूरी

होटल मैरियट के बाहर और अंदर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। रविवार सुबह विधायकों के जयपुर से भोपाल लौटने के बाद ही यहां सख्त सुरक्षा इंतजाम हैं। पुलिस की तैनाती है। सोमवार सुबह यह पहले से ज्यादा कड़ी कर दी गई। किसी भी अनजान शख्स को होटल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रवेश की अनुमति है, जिनके पास पहचान पत्र हैं।

कार्यसूची में फ्लोर टेस्ट का उल्लेख ही नहीं
फ्लोर टेस्ट को लेकर सस्पेंस खत्म नहीं हुआ है। उल्टा, रविवार को विधानसभा की कार्यसूची जारी होने के बाद सियासी हलचल बढ़ गई। कार्यसूची में केवल राज्यपाल के अभिभाषण और धन्यवाद ज्ञापन का जिक्र किया गया है। बताया जा रहा है कि इसे लेकर राज्यपाल नाराज हैं। कार्यसूची जारी होने के कुछ ही देर बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को खत लिखा। इसमें कहा गया था कि विश्वास मत के दौरान मतों का विभाजन हाथ उठाकर किया जाए। कमलनाथ और टंडन की राजभवन में मुलाकात भी हुई। बाहर निकलने पर कमलनाथ ने कहा, “ फ्लोर टेस्ट पर फैसला स्पीकर एनपी प्रजापति लेंगे। मैंने राज्यपाल को बता दिया है कि मैं फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं, पर पहले बेंगलुरु में बंधक बनाए गए विधायकों को रिहा किया जाए। दूसरी तरफ, हरियाणा में ठहरे भाजपा के 100 से ज्यादा विधायक रविवार देर रात 2 बजे भोपाल लौट आए हैं।



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सोमवार सुबह होटल मैरियट के बाहर तैनात पुलिसकर्मी।
सोमवार सुबह करीब 9 बजे होटल मैरियट के बाहर खड़ी बस। इसी से विधायकों को विधानसभा ले जाए जाने की संभावना है।


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मिलान (इटली). चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। एक समय था जब वुहान में सबसे ज्यादा मौतें हुआ करती थीं। हर रोज 150 से 200 लोग दम तोड़ते थे। अकेले वुहान में अब तक 2600 से ज्यादा संक्रमितों की मौत हुई है। वहीं, अब जब यहां हालात काबू में है तो इटली का लोम्बार्डी शहर दुनिया का नया वुहान बनता जा रहा है। अकेले लोम्बार्डी में अब तक 1218 मौतें हो चुकी हैं। इटली में रविवार को रिकॉर्ड 368 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इनमें 289 लोम्बार्डी से ही थे। हालात यह हैं कि अब मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेंसकम पड़ गई हैं। आईसीयू में मरीजों के लिए जगह तक नहीं बची। डॉक्टर खुद संक्रमित होने लगे हैं। इससे अस्पतालों में डॉक्टर्स की भी कमी हो गई है।

लोम्बार्डी के रीजनल गर्वनर एटिलियो फोंटाना के मुताबिक, इटली कीआर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इस क्षेत्रकी हालत बेकाबू होती जा रही है। अब हम लोगों को रेस्क्यू करने में समर्थ नहीं हैं। हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। अस्पतालोंमें बेड नहीं बचे हैं, जहां मरीजों को भर्ती किया जा सके। हम दूसरे देशों से सहायता की उम्मीद में हैं। जैसे ही सहायता मिल जाएगी हम फिर इससे लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे। एक करोड़ की जनसंख्या वाले इस प्रांत में संक्रमितों की संख्या 13 हजार 272 है। इनमें 767 मरीजों की हालत गंभीर है।

लोम्बार्डी के अस्पतालों में बेड की कमी पड़ गई है। डॉक्टर भी अस्पतालों के बाहर कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रहे।

चीन के बाहर होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा इटली के
चीन के बाद अब सबसे ज्यादा मौतें इटली में हो रही हैं। यहां मौतों का आंकड़ा 1809 पहुंच गया है। इटली सिविल प्रोटेक्शन सर्विस ने कुल 24 हजार 747 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की है। इटली के स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आंकड़ा आने वाले दिनों में और तेजी से बढ़ेगा। यहां 2 हजार 335 लोगों को ठीक किया जा चुका है। 1 लाख 25 हजार लोगों में संक्रमण की जांच हो चुकी है। लॉकडाउन के चलते 6 करोड़ से ज्यादा लोग घरों में कैद हैं।

हर प्रांत से मौतें हो रही हैं

इटली में अब तक हुई मौतों में 67 प्रतिशत लोम्बार्डी और मिलान से थे। जबकि दक्षिणपूर्वपुगलिया क्षेत्र में रविवार को 16 मौतें दर्ज की गईं। अब इटली के मोलिस और बेसिलिकाटा प्रांत को छोड़कर लगभग हर प्रांत में हर रोज एक से दो मौतें हो रही हैं। इटली की राजधानी में अब तक 13 मौतें हुई हैं जबकि 436 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

लोम्बार्डी में सर्जिकल मास्क भी खत्म हो गए हैं। इसके लिए प्रशासन ने चीन से मदद मांगी है।

चीन से मांगी मदद, सर्जिकल मास्क भी खत्म हुए
मिलान के मेयर बीपे साला कहते हैं कि, सर्जिकल मास्क की कमी पड़ गई है,इसलिए चीन से मांगे गए हैं। मैंने पिछले कुछ दिनों में कई बार चीन के अधिकारियों से बात की है। हमारे उनसे अच्छे रिश्ते हैं। शुक्रवार को ही उनकी तरफ से मास्क भेजे गए थे। यूरोपियन कमिशन ने भी एक करोड़ मास्क जर्मनी से दिलाने का एलान किया है। उम्मीद करते हैं कि जल्द ही हालातहम काबू पा लेंगे।



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इटली के लोम्बार्डी में कोरोनावायरस संक्रमितों के लिए अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं।


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वॉशिंगटन. कोरोनोवायरस का कहर 157 देशों तक पहुंच गया। सोमवार सुबह तक कुल 1 लाख 69 हजार 515 मामले सामने आए। मरने वालों का आंकड़ा 6,515 तक पहुंच गया। राहत की बात ये है कि 77,753 संक्रमित लोग स्वस्थ भी हुए हैं। अमेरिका के 29 राज्यों में स्कूल पूरी तरह अगले आदेश तक बंद कर दिए गए। डोनाल्ड ट्रम्प सरकार के मुताबिक, दो हजार हाईस्पीड लैब सोमवार से शुरू हो जाएंगी। पोप फ्रांसिस भी वेटिकन से निकलकर रोम की खाली सड़कों पर निकले। उन्होंने महामारी के जल्द खत्म होने की प्रार्थना की।

अमेरिका में 68 की मौत
अमेरिका ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए सभी संभव उपाय किए हैं। सोमवार सुबह तक यहां कुल 3,737 मामले सामने आए।68 संक्रमित लोगों की मौत हो चुकी है। न्यूयॉर्क समेत 29 राज्यों में सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। कुछ राज्यों में कॉलेज भी बंद किए गए हैं। नेवी शिप यूएसएस बॉक्सर पर एक सैनिक संक्रमित पाया गया है। उपराष्ट्रपति माइक पेंस के मुताबिक, सोमवार से दो हजार हाईस्पीड लैब काम शुरू कर देंगे। इससे संक्रमित लोगों की पहचान और इलाज आसान हो जाएगा। हेल्थ इमरजेंसी पहले ही घोषित की जा चुकी है।

अब तक 6455 मौतें: इटली में एक दिन में 368 की जान गई, किसी भी देश में 24 घंटे में मौतों का सबसे बड़ा आंकड़ा

लेबनान में लॉकडाउन
लेबनान ने अपने सभी एयरपोर्ट बंद कर दिए हैं। सीमाओं और बंदरगाहों पर दो हफ्ते तक किसी प्रकार की आवाजाही नहीं होगी। सूचना मंत्री मन्नान अब्दुल समद के मुताबिक,जब तक बेहद जरूरी नहीं होगा, तब तक लोग घर से नहीं निकलेंगे। कुछ अन्य दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। लोगों से कहा गया है कि वेलॉकडाउन के नियमों का सख्ती से पालन करें। यहां सोमवार तक 100 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। 3 की मौत हुई है।

पोप फ्रांसिस भी सक्रिय
कोरोना महामारी ने सर्वोच्च ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस को भी चिंतित कर दिया। पोप रविवार दोपहर वेटिकन से निकलकर रोम की खाली सड़कों पर नजर आए। वेटिकन के एक बयान में कहा गया, ‘‘पोप रोम की सड़कों पर निकले। दो उन स्थानों पर गए जहां सबसे ज्यादा श्रद्धालू आते हैं।’’ रविवार को वेटिकन स्थित सेंट पीटर्स स्क्वेयरचर्च खाली नजर आया।



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रोम की खाली सड़क पर पोप फ्रांसिस। उन्होंने कोरोनावायरस महामारी के खत्म होने के लिए प्रार्थना की।


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नई दिल्ली. देश में कोरोनावायरस के 110 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें भारत आने के बाद संक्रमण की चपेट में आए 17 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक दिल्ली के 1 और राजस्थान के 3 लोगों समेत कुल 13 लोग ठीक हुए हैं। दर्जन भर से अधिक राज्य सरकारों ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूल कॉलेज बंद किए हैं। इन राज्यों में सार्वजनिक कार्यक्रमों और ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना वाले आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। सोमवार को ईरान के तेहरान और शिराज शहर से 53 भारतीयों को वापस लाया गया। इनमें 52 छात्र और एक शिक्षक शामिल हैं। इन्हें जैसेलमेर में सेना के बनाए क्वारैंटाइन सेंटर पहुंचा दिया गया है।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर इवैकुएशन में मदद करने के लिए ईरान के भारतीय दूतावास और ईरानी अधिकारियों को धन्यवाद दिया। इस बीच जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने कोरोनावायरस से निपटने के लिए भारत-अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

संक्रमण से प्रभावित ईरान और इटली से अब तक 505 भारतीयों को निकाल लिया गया है। इन्हें भारत लाए जाने के बाद 14 दिन तक क्वारैंटाइन में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, अब तक भारत ने चीन से 766, जापान से 124, ईरान से 389 और इटली से 218 लोगों को निकाला है।

अपडेट्स:

राजस्थान: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, राजस्थान के तीन संक्रमितलोग ठीक हुए। देश में कुल 13 लोगों के संक्रमण से बाहर आने की पुष्टि।

बिहार: दरभंगा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती एक कोरोनावायरस संदिग्ध भागा। चिकित्सा अधीक्षक राजीव रंजन के मुताबिक, वह आइसोलेशन वार्ड में ले जाते वक्त फरार हो गया।

कर्नाटक: कलबुर्गी के उपायुक्त ने जिले के सभी बार और रेस्टोरेंट अगले आदेश तक बंद रखने का निर्देश दिया।

प्रधानमंत्री मोदी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर रविवार को 7 देशों के राष्ट्र प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। मोदी ने कहा- डब्ल्यूएचओ ने कोरोना को महामारी घोषित किया है। लेकिन घबराना नहीं और हमेशा तैयार रहना संक्रमण से लड़ने के लिए भारत का मूलमंत्र रहा है। उन्होंने कोरोना संकट से निपटने के लिए सार्क देशों के सामने 10 मिलियन डॉलर (74 करोड़ रुपए) का इमरजेंसी फंड बनाने का प्रस्ताव रखा। इसमें सार्क देश अपनी इच्छा से अनुदान दे सकते हैं।

अदालतों में पूरी तरह शटडाउन संभव नहीं- सीजेआई
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे ने रविवार को स्पष्ट किया कि कोरोनावायरस के संकट के चलते अदालतों में पूरी तरह शटडाउन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि वर्चुअल अदालतें अभी शुरू होनी हैं। ऐसे में मौजूदा समय में केवल सीमित शटडाउन ही किया जा सकता है। हालांकि, सीजेआई ने बार काउंसिल से अपील की कि विशेषज्ञों ने जो सुरक्षा उपाय बताए हैं, उनका पूरा पालन किया जाए।



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ईरान से लाए गए 53 भारतीयों को जैसेलमेर के क्वारैंटाइन सेंटर ले जाया गया।


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